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भारत में क्यों और कैसे बनाया गया था राज्यपाल का पद? जानें क्या है इसकी अहमियत

Government Post In India: क्या आपको पता है भारत में राज्यपाल का पद कब शुरू किया था. और राज्यपाल का पद बनाने के लिए क्या थी वजह. चलिए आपको बताते हैं. इस बारे में पूरी जानकारी.

Government Post In India: किसी राज्य में मुख्यमंत्री सबसे अहम होता है. उसके पास पूरी एक सरकार चलाने की जिम्मेदारी होती है. इसके साथ ही राज्यों के नागरिकों के हितों को देखना. उनके लिए बेहतर से बेहतर योजनाओं का क्रियान्वयन करना. सब उनकी जिम्मेदारी होती है. इसके अलावा भारत में राज्यपाल का पद भी काफी प्रमुख पद होता है.

भारत के 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपाल मौजूद है. राज्यपाल भारत में किसी राज्य का मुख्य कार्यकारी होता है. किसी राज्य का मुख्यमंत्री भी राज्यपाल के सामने ही शपथ लेता है. लेकिन क्या आपको पता है भारत में राज्यपाल का पद कब शुरू किया था. और राज्यपाल का पद बनाने के लिए क्या थी वजह. चलिए आपको बताते हैं. इस बारे में पूरी जानकारी.

क्यों बनाया गया था राज्यपाल का पद?

जिस तरह केंद्र में राष्ट्रपति होता है. उसी तरह राज्यों में राज्यपाल होता है. राज्यपाल को किसी राज्य का औपचारिक प्रमुख भी कहा जाता है. राज्यपाल का कार्यकाल भी राष्ट्रपति की तरह ही 5 साल का होता है. अक्सर के लोगों के मन में यह सवाल आता है राज्यपाल का पद आखिर क्यों बनाया गया था. तो आपको बता दें राज्यपाल का पद भारत में ब्रिटिश शासन की देन है. जब अंग्रेज भारत पर हुकूमत कर रहे थे तो उन्होंने राज्यपाल का पद बनाया था. जो कि प्रांतीय शासन का प्रमुख हुआ करता था.

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यानी एक तौर से कहा जाए तो ब्रिटिश गवर्नमेंट की ओर से राज्यपाल उनका एक प्रतिनिधि हुआ करता था. जो किसी तय किए गए प्रांत को संभालता था. लेकिन जब भारत देश बना और संघीय ढांचा आयाय तो देश में केंद्र सरकार के अलावा राज्य सरकार ने भी गठित की गई. और इस व्यवस्था को समान रूप से संतुलित बनाए रखने के लिए हर राज्य में एक संवैधानिक प्रमुख के तौर पर राज्यपाल का पद भी बनाया गया. 

कैसे बनाया गया राज्यपाल का पद?

भारत में जब अंग्रेजों को शासन था. उस दौरान साल 1935 में भारत सरकार अधिनियम यानी गवर्नमेंट आफ इंडिया एक्ट. 1935 बनाया गया. और इस अधिनियम के तहत हर एक प्रांत को ऑटोनॉमी की पावर दी गई. जिनके लिए गवर्नर नियुक्त किए गए. यानी ब्रिटिश गवर्नमेंट के प्रतिनिधि के तौर पर गवर्नर काम करता था.

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साल 1947 में जब भारत आजाद हुआ तब भी यह पद जारी रहा. लेकिन इसका प्रारूप बदल गया .भारत के हर राज्य में एक संवैधानिक प्रमुख के तौर पर राज्यपाल को नियुक्त किया गया. यानी साल 1950 में संविधान बनने के बाद आधिकारिक तौर पर गवर्नर का पद बना. 

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कौन बन सकता है राज्यपाल?

भारत में राज्यपाल की नियुक्ति के लिए कुछ कानून तय किए गए हैं. जिसमें राज्यपाल बनने वाला व्यक्ति भारत का नागरिक होना चाहिए. उसकी उम्र कम से कम 35 साल होनी चाहिए. और राज्यपाल बनते वक्त वह व्यक्ति केंद्र या राज्य सरकार के किसी भी पद पर नियुक्त नहीं होना चाहिए, जैसे सांसद, विधायक और सरकारी ऑफीसर नहीं हो सकता. इसके साथ ही वह मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए, आपको बता दें भारत में राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है. 

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