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पीएम किसान योजना में नहीं कर सकते हैं आवेदन? ये योजनाएं आ सकती हैं आपके काम

5 Beneficial Schemes For Farmers: अगर आप किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं. तो इन पांच योजनाओं के जरिए आप लाभ हासिल कर सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं इनके बारे में पूरी जानकारी. 

5 Beneficial Schemes For Farmers: देश में किसानों की जनसंख्या अच्छी खासी है. देश की तकरीबन 90% आबादी खेती और किसानों के जरिए ही अपना जीवन यापन करती है. सरकार इन किसानों के लिए बहुत सारी योजनाएं चलाती है. जिनका करोड़ों किसानों को फायदा होता है. देश के बहुत से किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाभ कह रहे हैं. जिसमें सरकार हर साल उन्हें 6000 रुपये की राशि पहुंचाती है.

लेकिन कई किसान आज भी ऐसे हैं. जिन्हें किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाभ नहीं मिल पाता है. ऐसे बहुत से किसान आज भी आर्थिक रूप से काफी संघर्ष कर रहे हैं. लेकिन आपको बता दें सरकार की और भी योजनाएं हैं जो किसानों को लाभान्वित करती हैं. अगर आप किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं. तो इन पांच योजनाओं के जरिए आप लाभ हासिल कर सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं इनके बारे में पूरी जानकारी. 

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

किसानों के लिए फसल बीमा योजना बड़े काम की साबित हो रही है. अगर आप अपने खेत और मेहनत को सुरक्षित करना चाहते हैं. तो यह इंश्योरेंस स्कीम आपके लिए बेस्ट है. इसमें आपको सिर्फ 2 से 5 फीसदी तक की राशि चुकानी होती है और बाकी अमाउंट सरकार की ओर से दिया जाता है. तो इसके अलावा आप नॉर्थ ईस्ट, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल जैसे राज्यों से आते है तो आपको कुछ भी नहीं होता है. ऐसे में पूरा खर्च सरकार उठाती है. अगर फसल खराब हो जाए तो बीमा कंपनी सीधे आपके अकाउंट में क्लेम अमाउंट ट्रांसफर करती है. इसमें रजिस्ट्रेशन के लिए आप अपने नजदीकी बैंक, CSC या क्रॉप इंश्योरेंस मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं. 

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 पीएम किसान मानधन योजना

अगर आप 18 से 40 साल के छोटे या सीमांत किसान हैं. तो यह स्कीम आपको भविष्य में बड़ा फायदा दे सकती है. यह एक तरीके से सरकारी रिटायरमेंट स्कीम है. इसमें हर महीने महज 55 रुपये से 200 रुपये की छोटी रकम देनी होती है. इसके बाद आप 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3000 रुपये की पेंशन हासिल कर सकते हैं. यह पेमेंट सीधे आपके बैंक अकाउंट में आएगी. इस योजना में अप्लाई करने के लिए नजदीकी CSC सेंटर पर जा सकते हैं किसान मानधन योजना के पोर्टल से सीधे ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं.

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)

अगर आप खेती के लिए फाइनेंशियल सपोर्ट चाहते हैं. तो किसान क्रेडिट कार्ड एक बेहतरीन सॉल्यूशन है. इससे किसानों को बिना झंझट के सीधे 3 से 5 लाख रुपये तक की क्रेडिट लिमिट मिल जाती है. सरकार की सब्सिडी स्कीम के तहत सिर्फ 4 प्रतिशत सालाना ब्याज दर पर यह लोन चुकाना होता है. इस कार्ड से किसान बीज, खाद, कीटनाशक, डीजल या सिंचाई जैसी जरूरतें तुरंत पूरी की जा सकती हैं. इसके लिए आप बैंक या कॉमन सर्विस सेंटर पर जा सकते हैं. 

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पीएम कुसुम योजना

अगर आप खेती के साथ-साथ एनर्जी सेविंग और एक्स्ट्रा कमाई करना चाहते हैं. तो यह स्कीम परफेक्ट है. इस योजना के तहत किसानों को सोलर पंप और सोलर सिस्टम पर 60 प्रतिशत तक की सरकारी सहायता मिलती है. 30 प्रतिशत तक बैंक लोन मिलता है और सिर्फ 10 प्रतिशत खर्च खुद करना होता है. इससे किसान फ्री सिंचाई कर सकते हैं और एक्स्ट्रा बिजली ग्रिड में बेचकर इनकम भी जनरेट कर सकते हैं. इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल या अपने ज़िले के कृषि विभाग में संपर्क करें.

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना

अगर आप कम पानी में स्मार्ट तरीके से खेती करना चाहते हैं तो यह योजना बहुत फायदेमंद है. इसमें ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसे माइक्रो इरिगेशन सिस्टम पर सरकार 45 से 55 प्रतिशत तक की फाइनेंशियल हेल्प देती है. यह अमाउंट सीधे किसान के अकाउंट में ट्रांसफर होती है. इससे न सिर्फ पानी की बचत होती है. बल्कि फसल की क्वॉलिटी और पैदावार दोनों बेहतर होती हैं. आवेदन अपने जिले के कृषि कार्यालय या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए किया जा सकता है.

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About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

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