एक्सप्लोरर

AI जितना स्मार्ट उतना ही खतरनाक, इस्तेमाल करना अब खतरे से खाली नहीं? जानिए क्यों

अगर AI किसी रेसिपी या फिल्म की सिफारिश में गलती कर दे, तो शायद कोई फर्क न पड़े. लेकिन अगर वही गलती कोर्ट केस, मेडिकल रिपोर्ट या बिजनेस डेटा में हो जाए तो नुकसान बड़ा हो सकता है.

सोचिए, आप किसी टेक कंपनी के कस्टमर हैं और अचानक आपको एक मेल मिले कि अब आप उस सर्विस को सिर्फ एक ही कंप्यूटर पर चला सकते हैं, जबकि पहले ऐसा कोई नियम नहीं था. गुस्से में आप सब्सक्रिप्शन कैंसिल कर देते हैं और फिर पता चलता है कि ये सब एक AI बोट की गलती थी!

जी हां, जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेज हो रही है, उसकी गलतियां भी उतनी ही बढ़ती जा रही हैं. इस गड़बड़ी को तकनीकी भाषा में हैलूसिनेशन (Hallucination) कहा जाता है. यानी जब AI बिना किसी ठोस वजह के खुद से कुछ गढ़ लेता है.

AI ने बनाया फर्जी नियम, लोग हुए नाराज

हाल ही में Cursor नाम की एक प्रोग्रामिंग टूल कंपनी में ऐसी ही एक घटना हुई. उनके AI सपोर्ट बोट ने कुछ ग्राहकों को बता दिया कि अब Cursor सिर्फ एक कंप्यूटर पर ही इस्तेमाल किया जा सकता है. इस जानकारी से लोग इतने नाराज हो गए कि कुछ ने अपने अकाउंट तक कैंसिल कर दिए.

बाद में कंपनी के CEO माइकल ट्रुएल ने Reddit पर सफाई दी. उन्होंने कहा, 'हमारी कोई ऐसी पॉलिसी नहीं है. यह फ्रंटलाइन AI बोट की गलत प्रतिक्रिया थी.'

AI में सुधार हो रहा है, लेकिन सच्चाई से दूरी भी

आज ChatGPT, Google Gemini और अन्य AI टूल्स कई कामों में मदद कर रहे हैं. जैसे कोड लिखना, ईमेल बनाना, रिपोर्ट तैयार करना और सवालों के जवाब देना. लेकिन एक बड़ी दिक्कत ये है कि ये सिस्टम कभी-कभी तथ्य गलत बताते हैं या बिना किसी स्रोत के जानकारी बना लेते हैं.

कुछ नए AI मॉडल्स की जांच में पाया गया कि वे 79% तक गलत जानकारी दे सकते हैं. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में  AI एक्सपर्ट अम्र अवदल्लाह कहते हैं, 'चाहे हम कितनी भी कोशिश करें, AI हमेशा थोड़ी बहुत गलतियां करता रहेगा. ये कभी पूरी तरह से नहीं रुकेंगी.'

गलत जानकारी कहां बनती है खतरनाक?

अगर AI किसी रेसिपी या फिल्म की सिफारिश में गलती कर दे, तो शायद कोई फर्क न पड़े. लेकिन अगर वही गलती कोर्ट केस, मेडिकल रिपोर्ट या बिजनेस डेटा में हो जाए तो नुकसान बड़ा हो सकता है.

Google या Bing जैसे सर्च इंजन में मौजूद AI भी कई बार ऐसे जवाब दे देते हैं जो या तो पूरी तरह गलत होते हैं या उनके पीछे कोई असली स्रोत नहीं होता. उदाहरण के लिए, अगर आप पूछें कि वेस्ट कोस्ट पर कौन-सी मैराथन बढ़िया है, तो जवाब में फिलाडेल्फिया की रेस बता सकता है जबकि वो ईस्ट कोस्ट में है.

भरोसे से पहले जांच भी जरूरी है

AI हमारी ज़िंदगी आसान जरूर बना रहा है, लेकिन अंधे भरोसे से काम नहीं चलेगा. खासकर जब बात हो मेडिकल, लीगल या संवेदनशील डेटा की, तो इंसानी दिमाग की जांच-पड़ताल अभी भी सबसे जरूरी है. जब तक AI ये नहीं समझ पाता कि 'सच क्या है और झूठ क्या,' तब तक सावधानी ही सबसे बड़ा उपाय है.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

कैसे Android Phones भूकंप आने से पहले ही अलर्ट भेज देते हैं? जानिए क्या है इसके पीछे की टेक्नोलॉजी
कैसे Android Phones भूकंप आने से पहले ही अलर्ट भेज देते हैं? जानिए क्या है इसके पीछे की टेक्नोलॉजी
सिर्फ बोलने से ही लॉक हो जाएगा आपका स्मार्टफोन! जानें कैसे यूज करें ये फीचर
सिर्फ बोलने से ही लॉक हो जाएगा आपका स्मार्टफोन! जानें कैसे यूज करें ये फीचर
Satellite Internet: कैसे काम करता है सैटेलाइट इंटरनेट, आसमान से आपके घर तक कैसे पहुंचता है नेटवर्क?
कैसे काम करता है सैटेलाइट इंटरनेट, आसमान से आपके घर तक कैसे पहुंचता है नेटवर्क?
Cloud Storage और External Hard Drive में कौन सा है आपके लिए बेहतर? जानिए क्या है दोनों के काम करने का तरीका
Cloud Storage और External Hard Drive में कौन सा है आपके लिए बेहतर? जानिए क्या है दोनों के काम करने का तरीका

वीडियोज

Welcome to the Jungle Review: Akshay Kumar की मजेदार कॉमेडी, लॉजिक नहीं सिर्फ एंटरटेनमेंट
Raakh के Villain Akash Makhija ने सुनाई struggle, Death Threatsऔर success की अनसुनी कहानी
Sansani | Ketan Agrawal Murder Case:मर्डर से ठीक एक दिन पहले सिया और चेतन ने रची थी ये साजिश!
Ketan Murder Case: 350 फीट गहरी खाई...'क्राइम कुंडली' सामने आई! | Bharat ki Baat
Ram Mandir Daan Chori | Sanjay Singh | Champat Rai | Sandeep Chaudhary:राम नाम की लूट का पूरा सच!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
राम मंदिर मामला: कइयों की ड्यूटी के बाद नहीं होती थी तलाशी, सिफारिश पर मिला था नोट गिनने का काम
राम मंदिर मामला: कइयों की ड्यूटी के बाद नहीं होती थी तलाशी, सिफारिश पर मिला था नोट गिनने का काम
IND vs IRE 1st T20I: भारत की हार के 3 बड़े कारण, जानें क्यों और कैसे आयरलैंड के खिलाफ खत्म हुई बादशाहत
भारत की हार के 3 बड़े कारण, जानें क्यों और कैसे आयरलैंड के खिलाफ खत्म हुई बादशाहत
UP Election 2027: यूपी चुनाव में विपक्ष की हवा निकालने के लिए BJP का तैयार प्लान, PDA फॉर्मूले पर टीम के बाद अब हुआ ये ऐलान
यूपी चुनाव में विपक्ष की हवा निकालने के लिए BJP का तैयार प्लान, PDA फॉर्मूले पर टीम के बाद अब हुआ ये ऐलान
Welcome To The Jungle BO Collection: 'वेलकम टू द जंगल' का धमाका, पहले दिन 'राजा शिवाजी'-'पेद्दी' समेत तोड़े 10 फिल्मों के रिकॉर्ड्स
'वेलकम टू द जंगल' का धमाका, पहले दिन 'राजा शिवाजी'-'पेद्दी' समेत तोड़े 10 फिल्मों के रिकॉर्ड्स
PoK विद्रोह: पाकिस्तान की फूड ब्लॉकेड नीति 14वें दिन भी जारी! कहुटा बॉर्डर पर सैकड़ों ट्रक खड़े, आम लोगों से भी जब्त हो रहा राशन
PoK विद्रोह: पाकिस्तान की फूड ब्लॉकेड नीति 14वें दिन भी जारी! कहुटा बॉर्डर पर खड़े सैकड़ों ट्रक
अयोध्या राम मंदिर दान चोरी पर भड़के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, कहा- ऐसा करने वालों को भगवान...
अयोध्या राम मंदिर दान चोरी पर भड़के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, कहा- ऐसा करने वालों को भगवान...
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान को भेजा 'गिफ्ट', बोले - 'हैप्पी बर्थडे, प्लीज...'
CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान को भेजा 'गिफ्ट', बोले - 'हैप्पी बर्थडे, प्लीज...'
Explained: दरवाजे पर दस्तक, फॉर्म और मतदान का अधिकार! दिल्ली में SIR के लिए कस लें कमर, क्या, कैसे, कब और क्यों होगा?
दरवाजे पर दस्तक, फॉर्म और मतदान का अधिकार! दिल्ली में क्या, कैसे, कब और क्यों होगा SIR?
Embed widget