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क्या पायलट भी मारते हैं हवाई जहाज के शीशे पर कपड़ा, जानिए कैसे साफ होता है प्लेन का कांच?
विमान के शीशे साफ करने के लिए ग्राउंड स्टाफ खास लिक्विड का उपयोग करता है. विमान में बेहद मजबूत वाइपर, हाइड्रोफोबिक कोटिंग और हीटिंग सिस्टम होता है, जो पायलट को हर मौसम में साफ रास्ता दिखाते हैं.
जब कोई विमान 900 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरता है, तो उसकी विंडशील्ड पर धूल, कीड़े और बारिश की बूंदों का जमना एक बड़ी चुनौती होती है. पायलट के लिए साफ दिखना सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है. अक्सर लोग सोचते हैं कि क्या प्लेन में भी कार की तरह साधारण वाइपर होते हैं या पायलट को खुद खिड़की खोलकर सफाई करनी पड़ती है? असलियत यह है कि विमान के शीशे साफ करने के पीछे एक हाई-टेक इंजीनियरिंग और ग्राउंड स्टाफ की कड़ी मेहनत छिपी होती है.
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हवाई जहाज के शीशों की सफाई का असली काम रनवे पर ही शुरू हो जाता है. मेंटेनेंस टीम एक विशेष प्रक्रिया का पालन करती है. इसके लिए साधारण साबुन का नहीं, बल्कि 'नॉन-एब्रेसिव' (बिना खरोंच वाला) लिक्विड और माइक्रोफाइबर कपड़ों का उपयोग किया जाता है.
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टीम का मुख्य लक्ष्य शीशे से तेल के दाग, पक्षियों के अवशेष और धूल को हटाना होता है. यदि ये दाग रह जाएं, तो लैंडिंग के समय रनवे की लाइटें 'ग्लेयर' पैदा कर सकती हैं, जो पायलट को अंधा कर सकती हैं.
Published at : 11 Mar 2026 10:27 AM (IST)
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