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No Villages Country: इस देश में नहीं है एक भी गांव, जानें कैसे बना यह नगर राज्य

No Villages Country: दुनिया में एक ऐसा देश भी है जहां पर एक भी गांव नहीं है. आइए जानते हैं कौन सा है वह देश.

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  • सिंगापुर में एक भी गांव नहीं, यह पूरी तरह शहरीकृत राष्ट्र है।
  • रणनीतिक स्थिति और सीमित भूमि ने शहरी विकास को बढ़ावा दिया।
  • 1970 के दशक में 200 से अधिक गांव थे, अब आधुनिक शहर हैं।
  • दशकों से तेजी से शहरीकरण से 100% आबादी शहरी वातावरण में रहती है।

No Villages Country: आपको यह सुनकर हैरानी हो सकती है लेकिन दुनिया में एक ऐसा देश है जहां आपको एक भी गांव नहीं मिलेगा. वह देश है सिंगापुर. इस देश में एक भी गांव नहीं है और यह पूरी तरह से शहरीकृत राष्ट्र है. यह सिटी स्टेट के रूप में काम करता है. ज्यादातर देशों के उलट जहां ग्रामीण और शहरी दोनों तरह के इलाके होते हैं सिंगापुर एक ऐसी जगह के रूप में विकसित हुआ है जहां जमीन का हर इंच डेवलप्ड और आपस में जुड़ा हुआ है.

सिंगापुर का इतिहास 

ऐतिहासिक रूप से सिंगापुर हमेशा से ऐसा नहीं था. एक आधुनिक महाशक्ति बनने से पहले इसकी शुरुआत मछुआरा गांव और व्यापारिक समुदायों की एक छोटी सी बस्ती के रूप में हुई थी. इसका बदलाव तब शुरू हुआ जब 19वीं सदी की शुरुआत में यह एक ब्रिटिश व्यापारिक चौकी बन गया. इसका श्रेय प्रमुख समुद्री मार्गों पर इसकी रणनीतिक स्थिति को जाता है. 

रणनीतिक स्थिति ने सब कुछ बदल दिया 

सिंगापुर के विकास में उसकी स्थिति ने काफी बड़ी भूमिका निभाई. दुनिया के सबसे व्यस्त शिपिंग मार्गो में से एक के पास बसे होने की वजह से यह तेजी से एक वैश्विक व्यापार केंद्र बन गया. इससे तेजी से आर्थिक विकास हुआ जिसने पूरी दुनिया में व्यवसाय, उद्योग और लोगों को अपनी तरफ आकर्षित किया.

काफी सीमित जमीन 

सिंगापुर में आज एक भी गांव ना होने की वजह इसका आकार है. काफी सीमित जमीन होने की वजह से देश के पास जगह का सही से इस्तेमाल करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प था ही नहीं. सरकार ने शहरी नियोजन पर ध्यान केंद्रित किया और ग्रामीण इलाकों की जगह ऊंची-ऊंची आवासीय इमारत, कमर्शियल जोन और बुनियादी ढांचे का निर्माण किया.

पूरी रफ्तार से शहरीकरण 

दशकों के दौरान सिंगापुर में तेजी से शहरीकरण हुआ. गांवों को धीरे-धीरे आधुनिक आवासीय और औद्योगिक क्षेत्रों में विकसित किया गया. आज लगभग 100% आबादी शहरी वातावरण में रहती है. इससे यह दुनिया के सबसे ज्यादा शहरीकृत देशों में से एक बन गया है.

 पहले हुआ करते थे गांव 

सिंगापुर आज जैसा आधुनिक और चमचमाता हुआ दिखता है पहले ऐसा नहीं था. 1970 के दशक में यहां 200 से भी ज्यादा गांव हुआ करते थे. इन्हें यहां की स्थानीय भाषा में काम्पोंग कहा जाता था. पहले सिंगापुर में लकड़ी के घर, टीन की छत और कच्चे रास्ते हुआ करते थे. लोग खेती, मछली पकड़ने और पशुपालन पर काफी ज्यादा निर्भर थे. लेकिन 1980 के दशक तक सभी गांव आधुनिक कस्बों में बदल गए. ऐसा इसलिए क्योंकि 1960 के बाद सिंगापुर ने काफी तेजी से तरक्की की. सरकार ने लोगों को बेहतर सुविधा देने के लिए पुराने गांवों को हटाकर बड़ी-बड़ी इमारतें बनाना शुरू किया.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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