जम्मू कश्मीर में बर्फबारी से थोड़ी राहत मिलने के बाद सीमा सड़क संगठन ने जोजिला में रणनीतिक सड़क श्रीनगर-लेह मार्ग पर से बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया है. जोजिला में भारी बर्फबारी के बावजूद, बीआरओ जवानों और अधिकारियों ने दर्रे को खोलना तय किया और 4 जनवरी तक लद्दाख क्षेत्र से संपर्क की सुविधा प्रदान की. ताजा बर्फबारी के कारण सड़क बंद कर दी गई थी.
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श्रीनगर-सोनमर्ग-गुमरी मार्ग पर 11643 फीट की ऊंचाई पर स्थित जोजिला दर्रा कश्मीर घाटी और लद्दाख के बीच की जीवन रेखा है. पिछले साल जोजिला दर्रा 31 दिसंबर 2020 तक खुला रखा गया था. हालांकि, इस साल परियोजना बीकन के ठोस प्रयासों के कारण, जोजिला दर्रा पहली बार जनवरी के महीने में खोला गया था.
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ज़ोजिला दर्रे में ठंड के समय तापमान और ऑक्सीजन की कमी के अलावा लगातार हिमस्खलन की अनूठी चुनौतियां हैं. हालांकि, चार अत्याधुनिक स्नो कटर सहित 20 भारी उपकरणों का उपयोग करने वाले बीआरओ कर्मियों ने श्रीनगर-सोनमर्ग-गुमरी रोड को जोजिला दर्रे के पार रक्षा बलों और स्थानीय आबादी के लिए खुला रखा है.
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पिछले दो-तीन दिनों में हुई हिमपात के कारण श्रीनगर-लेह राजमार्ग पर जोजिला दर्रे पर फिसलन भरी सड़क की स्थिति बन गई है, जिससे यातायात की आवाजाही बाधित हो गई है.
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गुमरी, बजरी नाला, बालटाल, सोनमर्ग और गगनगीर में स्थित पूर्वनिर्मित उपकरणों के साथ प्रोजेक्ट बीकन की डिटेचमेंट ने खराब मौसम की स्थिति के बावजूद दर्रे को खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
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कई जगहों पर तैनात टीमें काम के दौरान दिन और रात में अंतर भूल जाते हैं. इन कार्यों के लिए छह टीमों को तैनात किया गया है. टीम के सदस्यों ने मिलकर अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के दौरान सड़क को खोले रखने के लिए चौबीसों घंटे काम किया.
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बीआरओ ने 1 जनवरी 2022 से 175 वाहनों को पार करने के लिए सुरक्षित मार्ग तय किया है. बीआरओ के प्रयासों की नागरिक प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने भी सराहना की है.