भारत खरीदने जा रहा 114 राफेल फाइटर जेट, पाकिस्तान की उड़ी नींद, चीन में शरण में पहुंचे आसिम मुनीर
पाकिस्तान के सीडीएफ आसिम मुनीर अपनी वायुसेना में J-10CE बेड़े को बढ़ाने का प्लान बना रहे हैं. भारत-फ्रांस के बीच जल्द ही राफेल पर डील होने वाली है, जिस वजह से पाकिस्तान अपनी ताकत बढाने में जुटा है.

भारत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये की लागत से 114 राफेल फाइटर जेट्स खरीदने की तैयारी में है, जिससे पाकिस्तान में डर का माहौल है. भारतीय वायुसेना की बढ़ती ताकत के डर से पाकिस्तान अब एक बार फिर चीन की शरण में पहुंचा है. भारत के राफेल खरीद के जवाब में पाकिस्तान ने अपने एयरफोर्स के लिए चीन J-10CE फाइटर जेट को शामिल किया था. अब पाकिस्तान के सीडीएफ आसिम मुनीर अपनी वायुसेना में J-10CE बेड़े को बढ़ाने का प्लान बना रहे हैं.
राफेल का मुकाबला करने के लिए क्या है पाकिस्तान का प्लान?
इसके अलावा पाकिस्तान पांचवी पीढ़ी के J-35 स्टील्थ फाइटर जेट को अपनी वायुसेना में शामिल करने की प्रक्रिया को तेज कर रहा है. पाकिस्तानी वायु सेना अतिरिक्त 60 से 70 J-10CE लड़ाकू विमानों का ऑर्डर देने की योजना को अंतिम रूप दे रही है. J-10CE और J-35 को भारत के बढ़ते राफेल बेड़े का मुकाबला करने के लिए पाकिस्तान की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है.
डिफेंस डॉट इन की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान का लक्ष्य 40 J-35 स्टील्थ फाइटर का बेड़ा तैयार करने का भी है. हालांकि यह फाइटर जेट विमान अभी भी टेस्टिंग के दौर से गुजर रहा है. पाकिस्तान भविष्य में अपने एयरफोर्स को मजबूत करने की दिशा में J-10CE और J-35 को अपने बेड़े में शामिल करना चाह रहा है, जो अगले 20 साल तक PAF को ताकत देगा.
JF-17 को एडवांस करने वाले प्रोजेक्ट में जुटा PAK
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान प्रोजेक्ट एजम में बड़ा निवेश करने की प्लानिंग कर रहा है. इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य JF-17 के एडवांस वर्जन को विकसित करना है, जिसमें बेहतर स्टील्थ, एवियोनिक्स और प्रोपल्शन सिस्टम होंगे. अगर J-35 को PAF में शामिल किया जाता है तो यह पाकिस्तान का पहला स्टील्थ विमान होगा, जो एयर डिफेंस नेटवर्क को भेदने के लिए डिजाइन की गई है.
अमेरिका के F-16 पर भी निर्भर है पाकिस्तान
चीन की ओर भारी झुकाव के बावजूद पाकिस्तान अपने अमेरिकी निर्मित F-16 बेड़े पर निर्भर है, जो उसके एयर डिफेंस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है. इन विमानों को चालू रखने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका ने हाल ही में 686 मिलियन डॉलर के रखरखाव पैकेज को मंजूरी दी है. यह समझौता पूरी तरह से रखरखाव, हार्डवेयर अपग्रेड और बेहतर डेटा लिंक पर केंद्रित है ताकि यह यह सुनिश्चित किया जा सके कि बेड़ा 2040 तक परिचालन में रहे.
पाकिस्तान वायु सेना F-16 को एयर डिफेंस के लिए एक विरासत प्लेटफॉर्म के रूप में देखती है, जबकि हाई टेक्नोलॉजी वाले विमानों के लिए वह चीन पर निर्भर है. तकनीकी रूप से खुद को बेहतर करने के लिए पाकिस्तान तुर्किए की ओर भी बढ़ रहा है. हालिया रिपोर्टों में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान तुर्किए के KAAN पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट कार्यक्रम में शामिल होने की कोशिश कर रहा है.
Source: IOCL


























