वो चीखता रहा...सिस्टम सोता रहा!
दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में । ये वो ही इलाका है- जहां कुछ घंटे पहले एक नौजवान इंजीनियर की गा़ड़ी गहरे गड्ढे में गिर गई थी...ये वो ही जगह है- जहां वो इंजीनियर करीब दो घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच जूझता रहा । ये वो ही जगह है-जहां तकरीबन दो घंटे तक 100 से ज्यादा लोग जिंदगी की जंग के तमाशबीन बने रहे । तमाशबीन बने लोगों की भीड़ में पुलिसवाले भी शामिल थे- SDRF की रेस्क्यू टीम भी यहां मौजूद थी-और आम लोग भी सरकारी सिस्टम की नाकामी के तमाशे को देख रहे थे... और फिर देखते ही देखते... सबकी नजरों के सामने दलदल में दफ्न हो गया-एक होनहार इंजीनियर युवराज । नोएडा में हुए दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब तक नाले में गिरी सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की गाड़ी को बाहर नहीं निकाला जा सका है। हादसे के वक्त युवराज करीब 80 मिनट तक मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन सामने मौजूद रेस्क्यू टीम होने के बावजूद उन्हें समय रहते नहीं बचाया जा सका। वहीं, अब युवराज के पिता का बयान आया है..उन्होंने बताया कि मेरा बेटे ने मोबाईल के टॉर्च से लोकेशन बताया...कार के उपर आ गया था..पुलिस प्रशासन देखता रहा...युवराज के पिता ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही के संगीन आरोप लगाएं हैं...







































