एक्सप्लोरर

Most Mango Producing State: भारत में कहां पैदा होता है सबसे ज्यादा आम, जानें पूरे साल में कितने टन होती है पैदावार?

भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है जहां सालाना 230 लाख टन पैदावार होती है. आइए जानें कि आम की पैदावार के मामले में भारत का कौन सा राज्य टॉप पर रहता है और हर साल कितनी पैदावार करता है.

भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है जहां सालाना 230 लाख टन पैदावार होती है. आइए जानें कि आम की पैदावार के मामले में भारत का कौन सा राज्य टॉप पर रहता है और हर साल कितनी पैदावार करता है.

भारत में गर्मियों का मतलब सिर्फ तपती धूप नहीं बल्कि फलों के राजा आम का बेसब्री से इंतजार भी है. इस वक्त बाजार लंगड़ा, चौसा, दशहरी और अल्फांसो जैसी बेहतरीन किस्मों से सजे हुए हैं. दुनिया भर में आम के उत्पादन के मामले में भारत का कोई मुकाबला नहीं है और हर साल यहां लगभग 230 लाख टन आम पैदा किया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे देश में आम का सबसे बड़ा केंद्र कौन सा है. भारत के एक खास राज्य को आमों का गढ़ माना जाता है जहां से निकली पैदावार न केवल देश की थाली तक पहुंचती है बल्कि विदेशों में भी भारत का नाम रोशन करती है.

1/11
जब बात सबसे ज्यादा आम उगाने की आती है तो उत्तर प्रदेश का नाम सबसे ऊपर आता है. आंकड़ों के मुताबिक देश के कुल आम उत्पादन का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा अकेले इसी राज्य से आता है. विभिन्न कृषि रिकॉर्ड बताते हैं कि यूपी में हर साल 45 से 60 लाख टन के बीच आम पैदा होता है.
जब बात सबसे ज्यादा आम उगाने की आती है तो उत्तर प्रदेश का नाम सबसे ऊपर आता है. आंकड़ों के मुताबिक देश के कुल आम उत्पादन का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा अकेले इसी राज्य से आता है. विभिन्न कृषि रिकॉर्ड बताते हैं कि यूपी में हर साल 45 से 60 लाख टन के बीच आम पैदा होता है.
2/11
वर्ष 2024-25 के ताजा आंकड़ों को देखें तो यहां लगभग 61.47 लाख टन आम की पैदावार दर्ज की गई थी. गंगा के मैदानों की उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी और यहां की अनुकूल जलवायु आम के पेड़ों के लिए वरदान साबित होती है.
वर्ष 2024-25 के ताजा आंकड़ों को देखें तो यहां लगभग 61.47 लाख टन आम की पैदावार दर्ज की गई थी. गंगा के मैदानों की उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी और यहां की अनुकूल जलवायु आम के पेड़ों के लिए वरदान साबित होती है.
3/11
उत्तर प्रदेश के भीतर भी एक ऐसा जिला है जिसने आम के उत्पादन में अपनी बादशाहत कायम की है. यूपी के मुजफ्फरनगर जिले को आधिकारिक तौर पर 'मैंगो बाउल ऑफ इंडिया' यानी भारत में आम का कटोरा कहा जाता है.
उत्तर प्रदेश के भीतर भी एक ऐसा जिला है जिसने आम के उत्पादन में अपनी बादशाहत कायम की है. यूपी के मुजफ्फरनगर जिले को आधिकारिक तौर पर 'मैंगो बाउल ऑफ इंडिया' यानी भारत में आम का कटोरा कहा जाता है.
4/11
यह जिला कितना महत्वपूर्ण है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह अकेले पूरे यूपी की कुल पैदावार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा पैदा करता है. सालाना तौर पर यहां करीब 12 लाख टन आम उगाया जाता है. मुजफ्फरनगर की धरती से निकलने वाले दशहरी और चौसा जैसे आम अपनी मिठास के लिए मशहूर हैं.
यह जिला कितना महत्वपूर्ण है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह अकेले पूरे यूपी की कुल पैदावार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा पैदा करता है. सालाना तौर पर यहां करीब 12 लाख टन आम उगाया जाता है. मुजफ्फरनगर की धरती से निकलने वाले दशहरी और चौसा जैसे आम अपनी मिठास के लिए मशहूर हैं.
5/11
मुजफ्फरनगर के अलावा उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी आम की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है. सहारनपुर, लखनऊ, बरेली और वाराणसी जैसे शहरों में आम के विशाल बाग मौजूद हैं. इसके साथ ही बागपत और प्रयागराज भी इस सूची में अपनी खास जगह रखते हैं.
मुजफ्फरनगर के अलावा उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी आम की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है. सहारनपुर, लखनऊ, बरेली और वाराणसी जैसे शहरों में आम के विशाल बाग मौजूद हैं. इसके साथ ही बागपत और प्रयागराज भी इस सूची में अपनी खास जगह रखते हैं.
6/11
इन जिलों में उगाई जाने वाली किस्मों की मांग पूरे उत्तर भारत में रहती है. हालांकि उत्पादन में नंबर 1 होने के बावजूद यूपी को निर्यात के मामले में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ता है.
इन जिलों में उगाई जाने वाली किस्मों की मांग पूरे उत्तर भारत में रहती है. हालांकि उत्पादन में नंबर 1 होने के बावजूद यूपी को निर्यात के मामले में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ता है.
7/11
हैरानी की बात यह है कि सबसे ज्यादा आम उगाने के बाद भी उत्तर प्रदेश ग्लोबल मार्केट में वो पहचान नहीं बना पाया है जो उसे मिलनी चाहिए थी. इसके पीछे बुनियादी सुविधाओं की कमी एक बड़ा कारण मानी जाती है. अच्छी सड़कों की कमी, पर्याप्त कोल्ड स्टोरेज का न होना और किसानों को आधुनिक पैकेजिंग की ट्रेनिंग न मिलना बड़ी बाधाएं हैं.
हैरानी की बात यह है कि सबसे ज्यादा आम उगाने के बाद भी उत्तर प्रदेश ग्लोबल मार्केट में वो पहचान नहीं बना पाया है जो उसे मिलनी चाहिए थी. इसके पीछे बुनियादी सुविधाओं की कमी एक बड़ा कारण मानी जाती है. अच्छी सड़कों की कमी, पर्याप्त कोल्ड स्टोरेज का न होना और किसानों को आधुनिक पैकेजिंग की ट्रेनिंग न मिलना बड़ी बाधाएं हैं.
8/11
इन्हीं कारणों से यूपी का आम विदेशों तक पहुंचने से पहले ही स्थानीय बाजारों में खप जाता है और राज्य को बड़ा विदेशी मुनाफा नहीं मिल पाता है. निर्यात के मामले में महाराष्ट्र भारत का सबसे सफल राज्य बनकर उभरा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत से भेजे जाने वाले कुल आमों में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत तक है.
इन्हीं कारणों से यूपी का आम विदेशों तक पहुंचने से पहले ही स्थानीय बाजारों में खप जाता है और राज्य को बड़ा विदेशी मुनाफा नहीं मिल पाता है. निर्यात के मामले में महाराष्ट्र भारत का सबसे सफल राज्य बनकर उभरा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत से भेजे जाने वाले कुल आमों में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत तक है.
9/11
यहां का प्रसिद्ध अल्फांसो आम पूरी दुनिया में अपनी खुशबू और स्वाद के लिए जाना जाता है. महाराष्ट्र की इस सफलता का राज वहां का मजबूत ट्रांसपोर्ट सिस्टम और बंदरगाहों की नजदीकी है. कोल्ड स्टोरेज की आधुनिक व्यवस्था होने के कारण यहां से विदेशों में आम भेजना बहुत आसान और सुरक्षित हो जाता है.
यहां का प्रसिद्ध अल्फांसो आम पूरी दुनिया में अपनी खुशबू और स्वाद के लिए जाना जाता है. महाराष्ट्र की इस सफलता का राज वहां का मजबूत ट्रांसपोर्ट सिस्टम और बंदरगाहों की नजदीकी है. कोल्ड स्टोरेज की आधुनिक व्यवस्था होने के कारण यहां से विदेशों में आम भेजना बहुत आसान और सुरक्षित हो जाता है.
10/11
आम की पैदावार सिर्फ उत्तर प्रदेश या महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है बल्कि भारत के कई अन्य राज्य भी इसमें बड़ा योगदान देते हैं. आंध्र प्रदेश, बिहार और कर्नाटक में भी आम के बड़े बगीचे हैं जहां से भारी मात्रा में फल निकलता है.
आम की पैदावार सिर्फ उत्तर प्रदेश या महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है बल्कि भारत के कई अन्य राज्य भी इसमें बड़ा योगदान देते हैं. आंध्र प्रदेश, बिहार और कर्नाटक में भी आम के बड़े बगीचे हैं जहां से भारी मात्रा में फल निकलता है.
11/11
दक्षिण भारत में तमिलनाडु और पश्चिम में गुजरात भी आम के उत्पादन में पीछे नहीं हैं. इन राज्यों की अपनी विशेष किस्में हैं जो देश की विविधता को दर्शाती हैं. कुल मिलाकर आम की यह खेती भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का काम करती है.
दक्षिण भारत में तमिलनाडु और पश्चिम में गुजरात भी आम के उत्पादन में पीछे नहीं हैं. इन राज्यों की अपनी विशेष किस्में हैं जो देश की विविधता को दर्शाती हैं. कुल मिलाकर आम की यह खेती भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का काम करती है.

जनरल नॉलेज फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola
Advertisement
Advertisement
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति, किसके आवास में सबसे ज्यादा हैं सुविधाएं, कौन जीता है ज्यादा लग्जरी लाइफ?
प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति, किसके आवास में सबसे ज्यादा हैं सुविधाएं, कौन जीता है ज्यादा लग्जरी लाइफ?
अब नहीं ढलेगा सूरज! अमेरिका के स्पेस मिरर प्रोजेक्ट से दुनिया को कितना नफा कितना नुकसान?
अब नहीं ढलेगा सूरज! अमेरिका के स्पेस मिरर प्रोजेक्ट से दुनिया को कितना नफा कितना नुकसान?
कैसे तय होती है दवाओं और खाद्य पदार्थों पर एक्सपायरी डेट, कंपनी को कैसे पता लगती है इनकी लाइफ?
कैसे तय होती है दवाओं और खाद्य पदार्थों पर एक्सपायरी डेट, कंपनी को कैसे पता लगती है इनकी लाइफ?
Uranium Uses: परमाणु बनाने के अलावा किस काम आता है यूरेनियम, जानिए भारत को क्यों है इसकी जरूरत?
परमाणु बनाने के अलावा किस काम आता है यूरेनियम, जानिए भारत को क्यों है इसकी जरूरत?
Advertisement

वीडियोज

Jagadhatri:😒Jagadhatri और Shivay की Bonding देख जल-भुन गईं Tapasya,रच रही हैं नई साजिशें  #sbs
FY27 में लॉन्च होंगी 5 धमाकेदार Mid Size SUVs | #suv #newlaunch #autolive
Breaking | US Iran War | Hormuz Strait: होर्मुज पर कंट्रोल को लेकर ईरान ने धमका दिया! | Trump
Breaking | US Massive Attack on Iran: ईरान के 70 ठिकानों पर ट्रंप का विनाशक अटैक! | Khamenei
Akhilesh Yadav का Nitish Kumar की तरह U-TURN! |ABPLIVE

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
होर्मुज में ईरान के अटैक से गई भारतीय की जान तो गुस्से में बोला भारत- 'जहाजों को निशाना बनाना बंद करो'
होर्मुज में ईरान के अटैक से गई भारतीय की जान तो गुस्से में बोला भारत- 'जहाजों को निशाना बनाना बंद करो'
बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम पर गोली मारने का आरोप, घायल बोला- जमीन छीन रहे हैं
बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम पर गोली मारने का आरोप, घायल बोला- जमीन छीन रहे हैं
धार भोजशाला केस: सुप्रीम कोर्ट में बोला मुस्लिम पक्ष- 800 साल पुरानी मस्जिद में नमाज रुकवा दी',  CJI तुरंत बोले- 'संयम रखें...'
धार भोजशाला केस: सुप्रीम कोर्ट में बोला मुस्लिम पक्ष- 800 साल पुरानी मस्जिद में नमाज रुकवा दी',  CJI तुरंत बोले- 'संयम रखें...'
स्पेन का 19 साल का खिलाड़ी जिसने सेमीफानल से पहले फ्रांस को ललकारा, महामुकाबले में रणनीति दोनों टीमों की क्या होगी रणनीति
स्पेन का 19 साल का खिलाड़ी जिसने सेमीफानल से पहले फ्रांस को ललकारा, महामुकाबले में रणनीति दोनों टीमों की क्या होगी रणनीति
Explained: आओ सेक्स के बारे में बात करें! स्कूली बच्चों को यौन शिक्षा देना क्यों जरूरी? कहीं POCSO में न फंस जाए आपका बच्चा
आओ सेक्स के बारे में बात करें! स्कूली बच्चों को यौन शिक्षा देना क्यों जरूरी?
तारक मेहता' में नहीं कटेगा 'जेठालाल' का रोल, दिलीप जोशी के एग्जिट पर मेकर्स ने दी सफाई, बताया सारा सच
तारक मेहता' में नहीं कटेगा 'जेठालाल' का रोल, दिलीप जोशी के एग्जिट पर मेकर्स ने दी सफाई
Russia Ukraine War: 4 साल बाद भी क्यों नहीं रुक रहा रूस-यूक्रेन युद्ध? क्यों शांति समझौते को तैयार नहीं हैं दोनों देश
4 साल बाद भी क्यों नहीं रुक रहा रूस-यूक्रेन युद्ध? क्यों शांति समझौते को तैयार नहीं हैं दोनों देश
जल्दी नौकरी चाहिए तो 10वीं के बाद ये हैं बेस्ट डिप्लोमा ऑप्शंस, कम उम्र में सेट हो जाएगा करियर
जल्दी नौकरी चाहिए तो 10वीं के बाद ये हैं बेस्ट डिप्लोमा ऑप्शंस, कम उम्र में सेट हो जाएगा करियर
Embed widget