Akhilesh Yadav का Nitish Kumar की तरह U-TURN! |ABPLIVE
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव अपनी राजनीति की दिशा बदलते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने अपनी Political गाड़ी में एक नया Gear डाल दिया है। वो Gear... जिसे Political Circles में *Soft Hindutva* कहा जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी झलक हाल ही में लखनऊ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से उनकी मुलाकात में देखने को मिली। इस मुलाकात में Cow Protection, सनातन परंपराओं और धर्म से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। Political Experts का मानना है कि यह कोई सामान्य मुलाकात नहीं थी। माना जा रहा है कि अखिलेश यादव अब बीजेपी की उस मजबूत पकड़ को Challenge देना चाहते हैं, जो उसने Religious Narrative पर बनाई है। यानी वह यह संदेश देना चाहते हैं कि वह भी हिंदू आस्था और सनातन परंपरा का सम्मान करते हैं, लेकिन साथ ही समाजवादी पार्टी के traditional Social Coalition को भी बनाए रखना चाहते हैं। आसान शब्दों में कहें तो अखिलेश अब Identity Politics और Religious Politics, दोनों को साथ लेकर चलने की कोशिश कर रहे हैं। इस Strategy का Timing भी काफी अहम माना जा रहा है। शंकराचार्य से मुलाकात से पहले ही अखिलेश यादव ने अयोध्या राम मंदिर में Donation से जुड़ी कथित Irregularities को लेकर बीजेपी पर बड़ा हमला बोला था। उन्होंने इस मामले को "महापाप" बताया और राम मंदिर Trust में बड़े Structural Changes की मांग की। उनका कहना था कि इस Controversy से सनातन धर्म को मानने वाले लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
























