एक्सप्लोरर

जंगलों को बनाया अपना घर, कोई बाहरी आया तो ले लेते हैं जान, जानें खतरनाक माश्को जनजाति के बारे में सबकुछ

Mashco Piro Tribe: पेरू के अमेजन वर्षावन में एक ऐसी जनजाति रहती है, जो दुनिया के संपर्क से बचती है. इसका नाम है माश्को. इन लोगों का बाहरी लोगों के साथ संघर्ष हुआ, जिसमें 2 लोगों की जान चली गई.

Mashco Piro Tribe: पेरू के अमेजन वर्षावन में एक ऐसी जनजाति रहती है, जो दुनिया के संपर्क से बचती है. इसका नाम है माश्को. इन लोगों का बाहरी लोगों के साथ संघर्ष हुआ, जिसमें 2 लोगों की जान चली गई.

माश्को पिरो जनजाति ने दो लकड़हारों को मारा

1/8
अफ्रीकी देश पेरू के अमेजन वर्षावन में एक ऐसी जनजाति रहती है, जो दुनिया के संपर्क से बचती है. इस जनजाति का नाम है माश्को. इस जनजाति के लोगों का बाहरी लोगों के साथ संघर्ष हुआ, जिसमें 2 लोगों की जान चली गई.
अफ्रीकी देश पेरू के अमेजन वर्षावन में एक ऐसी जनजाति रहती है, जो दुनिया के संपर्क से बचती है. इस जनजाति का नाम है माश्को. इस जनजाति के लोगों का बाहरी लोगों के साथ संघर्ष हुआ, जिसमें 2 लोगों की जान चली गई.
2/8
यह झड़प बीते रोज गुरुवार को माद्रे डी डियोस के एक इलाके में हुई, जहां कुछ बाहरी लोग जंगल की लकड़ी काटने के लिए आए हुए थे. जिन पर माश्को जनजाति के सदस्यों ने तीर चलाई और हमला किया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और दो लोग अब भी लापता है.
यह झड़प बीते रोज गुरुवार को माद्रे डी डियोस के एक इलाके में हुई, जहां कुछ बाहरी लोग जंगल की लकड़ी काटने के लिए आए हुए थे. जिन पर माश्को जनजाति के सदस्यों ने तीर चलाई और हमला किया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और दो लोग अब भी लापता है.
3/8
पेरू के सांस्कृतिक मंत्रालय ने इस बात की सूचना दी और बताया कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. वहीं अग्रणी स्वदेश संगठन फेनामाड ने बताया कि ये संघर्ष परियामानु नदी के पास हुआ, जो कि इस जनजाति का क्षेत्र है.
पेरू के सांस्कृतिक मंत्रालय ने इस बात की सूचना दी और बताया कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. वहीं अग्रणी स्वदेश संगठन फेनामाड ने बताया कि ये संघर्ष परियामानु नदी के पास हुआ, जो कि इस जनजाति का क्षेत्र है.
4/8
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि इस जनजाति के लोगों ने बाहरी लोगों पर हमला किया है. सांस्कृतिक मंत्रालय के अनुसार माश्को पिरो के साथ 2015 और 2022 के बीच भी संघर्ष हुआ था, जिसमें श्रमिकों और निवासियों सहित चार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी.
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि इस जनजाति के लोगों ने बाहरी लोगों पर हमला किया है. सांस्कृतिक मंत्रालय के अनुसार माश्को पिरो के साथ 2015 और 2022 के बीच भी संघर्ष हुआ था, जिसमें श्रमिकों और निवासियों सहित चार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी.
5/8
माश्को पिरो एक ऐसी जनजाति है, जो बाहरी लोगों से बहुत मुश्किल से संपर्क कर पाते हैं. ये लोग माद्रे डी डियोस इलाकों में रहते हैं. इस जनजाति और बाहरी लोगों के बीच टकराव की वजह इस क्षेत्र की लकड़ी है.
माश्को पिरो एक ऐसी जनजाति है, जो बाहरी लोगों से बहुत मुश्किल से संपर्क कर पाते हैं. ये लोग माद्रे डी डियोस इलाकों में रहते हैं. इस जनजाति और बाहरी लोगों के बीच टकराव की वजह इस क्षेत्र की लकड़ी है.
6/8
सर्वाइवल इंटरनेशनल के मुताबिक, कैनालिस ताहुमनु एक कंपनी है, जिसने इस इलाके से लकड़ी निकालने के लिए अपने ट्रकों के लिए यहां 120 मील से ज्यादा बड़ी सड़क बनाई है. इस कंपनी के पास अधिकार है कि यह माद्रे डी डियोस में 1.30.000 एकड़ जंगल से देवदार और महोगनी का खनन कर सकते हैं.
सर्वाइवल इंटरनेशनल के मुताबिक, कैनालिस ताहुमनु एक कंपनी है, जिसने इस इलाके से लकड़ी निकालने के लिए अपने ट्रकों के लिए यहां 120 मील से ज्यादा बड़ी सड़क बनाई है. इस कंपनी के पास अधिकार है कि यह माद्रे डी डियोस में 1.30.000 एकड़ जंगल से देवदार और महोगनी का खनन कर सकते हैं.
7/8
इस जनजाति के लोगों को कुछ ही महीने पहले इलाकों से बाहर देखा गया था, जिसकी वजह यह थी उनके क्षेत्र में लकड़ी काटने वाली कंपनियों का आना जाना. इस जनजाति के कुछ लोगों को उनके क्षेत्र से 93 मील दूर लास पिड्रास नदी के पास देखा गया था.
इस जनजाति के लोगों को कुछ ही महीने पहले इलाकों से बाहर देखा गया था, जिसकी वजह यह थी उनके क्षेत्र में लकड़ी काटने वाली कंपनियों का आना जाना. इस जनजाति के कुछ लोगों को उनके क्षेत्र से 93 मील दूर लास पिड्रास नदी के पास देखा गया था.
8/8
इन जनजातियों के निवास स्थान को नुकसान पहुंचाने की वजह से कई जनजाति दुनिया भर से विलुप्त होने की कगार पर आ गई है सर्वाइवल इंटरनेशनल एनजीओ ने चेतावनी जारी की है कि पेरू सरकार ने कुछ ऐसे कानूनों पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, जिनसे यह जनजाति जीवित रह सकती हैं. ऐसे में अजनबियों के साथ इनका संपर्क एक बड़े संघर्ष को जन्म दे सकता है
इन जनजातियों के निवास स्थान को नुकसान पहुंचाने की वजह से कई जनजाति दुनिया भर से विलुप्त होने की कगार पर आ गई है सर्वाइवल इंटरनेशनल एनजीओ ने चेतावनी जारी की है कि पेरू सरकार ने कुछ ऐसे कानूनों पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, जिनसे यह जनजाति जीवित रह सकती हैं. ऐसे में अजनबियों के साथ इनका संपर्क एक बड़े संघर्ष को जन्म दे सकता है

विश्व फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

'दिमागी नक्सली' पर कांग्रेस का पलटवार! जयराम रमेश ने कहा- क्या न्याय की...
'दिमागी नक्सली' पर कांग्रेस का पलटवार! जयराम रमेश ने कहा- क्या न्याय की...
'शर्म बची है तो माफी मांग लें', वंदे मातरम को लेकर अमित शाह का कांग्रेस पर तंज
'शर्म बची है तो माफी मांग लें', वंदे मातरम को लेकर अमित शाह का कांग्रेस पर तंज
'दोस्तों को खिलाना मेरी दिनचर्या', मोर को दाना खिलाते दिखे PM मोदी
'दोस्तों को खिलाना मेरी दिनचर्या', मोर को दाना खिलाते दिखे PM मोदी
आशीष बनर्जी की मौत को लेकर TMC ने की जांच की मांग, जानें किसने-क्या कहा
आशीष बनर्जी की मौत को लेकर TMC ने की जांच की मांग, जानें किसने-क्या कहा

वीडियोज

Amit Shah On Vande Matarm: वंदे मातरम् पर Amit Shah का कांग्रेस पर हमला, कहा - 'जनता से मांगे माफी'
Vande Mataram Controversy: वंदे मातरम् पर कांग्रेस को बीजेपी ने घेरा, कहा- 'संविधान का अपमान किया'
Jharkhand Student Protest Update: छात्रों को नहीं सुन रही हेमंत सरकार! | Hemant Soren | ABP News
Akhil Sachdeva ने खोला राज, Emraan Hashmi ने खुद किया था Call; Awarapan 2 का गाना होगा खास
Awarapan 2 ने Batwara 1947 को पछाड़ा, Sunny Deol की फिल्म पर भारी पड़ी Emraan Hashmi की Movie

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'दोस्तों को खिलाना मेरी दिनचर्या', मोर को दाना खिलाते दिखे PM मोदी
'दोस्तों को खिलाना मेरी दिनचर्या', मोर को दाना खिलाते दिखे PM मोदी
राहुल को मिले नोटिस पर संजय राउत ने पूछा- इडियट असंसदीय शब्द कैसे?
राहुल को मिले नोटिस पर संजय राउत ने पूछा- इडियट असंसदीय शब्द कैसे?
1994 से जिस टीम को नहीं हरा पाई भारत, हॉकी वर्ल्ड कप में अगला मैच उसी के साथ
1994 से जिस टीम को नहीं हरा पाई भारत, हॉकी वर्ल्ड कप में अगला मैच उसी के साथ
'तुम्हारे बिना जिंदगी कितनी बोरिंग होती...' सैफ के बर्थडे पर करीना ने लुटाया प्यार
'तुम्हारे बिना जिंदगी कितनी बोरिंग होती...' सैफ के बर्थडे पर करीना ने लुटाया प्यार
पहलगाम के बाद भारत ने कैसे तय किए टारगेट? डोभाल ने बताया ऑपरेशन का प्लान
पहलगाम के बाद भारत ने कैसे तय किए टारगेट? डोभाल ने बताया ऑपरेशन का प्लान
वाराणसी एयरपोर्ट पर कैसे चली गोली? जानें हादसे की पूरी कहानी
वाराणसी एयरपोर्ट पर कैसे चली गोली? जानें हादसे की पूरी कहानी
Smoking Side Effects: क्या पहली ही सिगरेट से खराब होने लगते हैं फेफड़े? जानें सच
क्या पहली ही सिगरेट से खराब होने लगते हैं फेफड़े? जानें सच
मोबाइल की ब्लू लाइट से बचाएगा ये स्क्रीन प्रोटेक्टर? जानें सच्चाई
मोबाइल की ब्लू लाइट से बचाएगा ये स्क्रीन प्रोटेक्टर? जानें सच्चाई
Embed widget