1997 में आई फिल्म ‘Border’ आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई है. इसे iconic बनाने की सिर्फ एक वजह नहीं थी, बल्कि इसकी कहानी, डायलॉग्स और सबसे बढ़कर इसका म्यूज़िक. खासतौर पर ‘Sandese Aate Hain’—जैसे ही ये गाना बजता है, लोग आज भी emotional हो जाते हैं. इस गाने को legendary writer Javed Akhtar ने लिखा था, जिसके लिए उन्हें National Award भी मिला. अब पूरे 28 साल बाद ‘Border 2’ बड़े पर्दे पर आने वाली है, जिसे लेकर fans काफी excited हैं. लेकिन साथ ही सोशल मीडिया पर नाराज़गी भी दिखी, क्योंकि इस sequel में जावेद अख्तर का लिखा हुआ कोई भी गाना नहीं है. जब फिल्म का गाना ‘Ghar Kab Aaoge’ रिलीज हुआ, तभी से इस पर बहस शुरू हो गई. अब खुद जावेद अख्तर ने इसका reason बता दिया है. एक recent interview में उन्होंने कहा कि मेकर्स ने उनसे फिल्म के लिए गाने लिखने को कहा था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. उनके मुताबिक, पुराने हिट गानों को दोबारा इस्तेमाल करना या उनमें थोड़ा बदलाव करना “creative और intellectual bankruptcy” जैसा है. उन्होंने साफ कहा—अगर नई फिल्म बना रहे हो तो new songs बनाओ, वरना मान लो कि वैसा काम अब दोबारा नहीं हो सकता. जावेद अख्तर ने ये भी कहा कि हर फिल्म अपने time की होती है और उसका जादू दोबारा recreate नहीं किया जा सकता. उन्होंने ‘Border’ की तुलना 1964 की फिल्म ‘Haqeeqat’ से की. उस फिल्म के गाने जैसे ‘Kar Chale Hum Fida’ और ‘Main Yeh Sochkar Uske Dar Se Utha Tha’ बेहद शानदार थे, लेकिन ‘Border’ में उन्हें reuse नहीं किया गया. नए गाने लिखे गए और लोगों ने उन्हें भी उतना ही प्यार दिया. जब nostalgia को marketing strategy बनाने की बात आई, तो जावेद अख्तर ने उसे भी खारिज कर दिया. उनका कहना था पुरानी यादों पर जीने के बजाय “new nostalgia create करो.” यानी साफ है, उनके लिए creativity का मतलब है कुछ नया करना, न कि पुराने ग्लोरी पर टिके रहना.