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सांप की जीभ दो नोंक वाली ही क्यों होती है? जानिए खासियत
इंसान सहित कई जीवों की एक जीभ होती है, लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि सांप की जीभ दो हिस्से में क्यों बंटी होती है? आज जानेंगे.
सांप की जीभ दो नोंक वाली ही क्यों होती है?
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सांप की जीभ को वोमेरोनेजल (Vomeronasal) अंग कहा जाता था, जिसके पता साल 1900 के बाद चला था. यह अंग जमीन पर रेंग कर या लगभग रेंग कर चलने वाले जीवों में पाया जाता है. यह अंग सांप की नाक के चेंबर के नीचे होता है. जब यह हवा में निकालकर अपनी जेब लहराता है तो बाहर की गंध के कण जीभ पर चिपक जाते हैं और सांप को पता चल जाता है कि आगे क्या है या क्या हो सकता है.
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जीभ पर वोमेरोनेजल अंग से निकलने वाले कण होते हैं, जो गंध को पहचानने की क्षमता रखते हैं. गंध को महसूस करने के बाद ये कण जब सांप के मुंह में जाते हैं तो सांप के दिमाग में यह संदेश पहुंच जाता है कि आगे आगे खतरा है या खाने लायक कोई जीव.
Published at : 23 Nov 2023 10:10 AM (IST)
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