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खुद को क्यों नहीं आती अपने ही परफ्यूम की खुशबू? जानें इसका विज्ञान
आपने ध्यान दिया होगा कि जब भी आप कोई अच्छा परफ्यूम यूज करते हैं तो कुछ देर के बाद हमें इसकी खुशबू आनी बंद हो जाती है, लेकिन दूसरों को वही खुशबू आती है. चलिए जानें कि इसका विज्ञान क्या है.
महंगा और बेहतरीन परफ्यूम लगाने के थोड़ी ही देर बाद हमें उसकी खुशबू खुद आना बंद हो जाती है. अधिकांश लोग सोचते हैं कि परफ्यूम हवा में उड़ गया, लेकिन विज्ञान की नजर में सच्चाई पूरी तरह अलग है. असल में यह खुशबू का खत्म होना नहीं, बल्कि हमारी नाक और दिमाग का एक खास सुरक्षात्मक तंत्र है, जिसे साइंस में ऑलफैक्ट्री एडॉप्टेशन या नोस ब्लाइंडनेस कहा जाता है. दिमाग लगातार मिलने वाले गंध के संकेतों को नजरअंदाज करना शुरू कर देता है ताकि वह परिवेश में होने वाले नए और संभावित खतरों पर अपना ध्यान केंद्रित रख सके.
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