एक्सप्लोरर

Tyson Army Dog: आतंकियों से लड़ा आर्मी डॉग टाइसन, 15 अगस्त पर मिला बड़ा सम्मान

Tyson Army Dog: 15 अगस्त 2026 पर आर्मी डॉग टाइसन की बहादुरी चर्चा में है. किश्तवाड़ ऑपरेशन में गोली लगने के बाद भी टाइसन ने आतंकियों की लोकेशन पता करने में सैनिकों की मदद की.

Tyson Army Dog: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर एक खास नाम चर्चा में है, और यह नाम किसी सैनिक का नहीं बल्कि एक आर्मी डॉग का है- टाइसन. टाइसन कोई साधारण पालतू कुत्ता नहीं है, बल्कि एक ट्रेंड असॉल्ट डॉग है, जो सेना की खास 2 पैरा स्पेशल फोर्सेज यूनिट के साथ काम करता है. इसका काम बेहद खतरनाक होता है छिपे हुए आतंकियों को ढूंढना, खतरे की पहचान करना और सैनिकों को दुश्मन की सही लोकेशन बताने में मदद करना.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले सेना, नौसेना और वायुसेना के कुल 89 जवानों को "मेंशन-इन-डिस्पैचेज" सम्मान के लिए मंजूरी दी, जिसमें 75 सेना से, 4 नौसेना से और 10 वायुसेना से हैं. इसी लिस्ट में जर्मन शेफर्ड नस्ल के टाइसन का नाम भी शामिल है, जो रिमाउंट वेटरनरी कोर से जुड़ा है. आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी. 

कश्मीर के किश्तवाड़ में क्या हुआ था?

टाइसन की यह बहादुरी की कहानी इसी साल फरवरी महीने में जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ इलाके में हुए एक एंटी-टेरर ऑपरेशन से जुड़ी है. इस ऑपरेशन के दौरान जब सैनिक एक शक की जगह की तरफ बढ़ रहे थे, तो सबसे आगे इंसान नहीं बल्कि टाइसन चल रहा था. टाइसन धीरे-धीरे एक मिट्टी के मकान की तरफ बढ़ा, जहां आतंकी छिपे होने का शक था. जैसे ही वह करीब पहुंचा, आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी और गोली टाइसन के पैर में जा लगी. इस चोट के बावजूद टाइसन रुका नहीं और आगे बढ़ता रहा, जिससे आतंकियों को उसी की तरफ फायर करना पड़ा और उनकी सही पोजीशन उजागर हो गई. इसी जानकारी की मदद से सैनिकों ने पूरे इलाके को घेर लिया और ऑपरेशन में तीन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मारे गए, जिनमें एक सीनियर कमांडर सैफुल्लाह बलोच भी शामिल था. टाइसन घायल जरूर हुआ, लेकिन उसकी जान बच गई और उसे तुरंत इलाज दिया गया. 

यह भी पढ़ेंः फ्री में UPI देकर पैसा कैसे कमाते हैं फोनपे, पेटीएम जैसे ऐप? जानें पूरा प्रोसेस

टाइसन के अलावा भी आर्मी डॉग्स दिखा चुके हैं दमखम

टाइसन भारतीय सेना के उन बहादुर डॉग्स की लंबी लिस्ट का हिस्सा है, जिन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों में अहम भूमिका निभाई है. साल 2022 में अनंतनाग ऑपरेशन में बेल्जियन मैलिनॉइस नस्ल के जूम ने गोली लगने के बावजूद आतंकियों का सामना किया और सैनिकों की मदद की, लेकिन बाद में उसकी जान चली गई. उसी साल बारामूला में एक और डॉग एक्सल की भी ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई थी. अक्टूबर 2024 में जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में फैंटम नाम के डॉग ने आर्मी काफिले पर हुए हमले के दौरान आतंकियों की तरफ दौड़ लगाई और सैनिकों को संभलने का समय दिया, लेकिन वह भी शहीद हो गया. 

इसके अलावा लैब्राडोर नस्ल की केंट ने 2023 में राजौरी में अपने हैंडलर को गोली से बचाया था, वहीं मानसी नाम की लैब्राडोर ने 2015 में कुपवाड़ा में आतंकियों का पता लगाया था. इन दोनों की भी ड्यूटी के दौरान मौत हो गई थी. खास बात यह है कि इन सभी बहादुर डॉग्स के उलट टाइसन अपने ऑपरेशन से जिंदा वापस लौटा. इस साल राष्ट्रपति ने कुल 78 गैलेंट्री अवॉर्ड भी मंजूर किए हैं, जिनमें कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र, सेना मेडल जैसे सम्मान शामिल हैं, और इनमें से 13 अवॉर्ड मरणोपरांत दिए गए हैं. 

यह भी पढ़ेंः Carnivorous Animals Eating Grass: मांसाहारी जानवर कब खाने लगते हैं घास? वजह उड़ा देगी आपके होश

About the author संजना सिंह

संजना सिंह वाराणसी की रहने वाली हैं और उन्होंने पत्रकारिता एवं जनसंचार में मास्टर्स की पढ़ाई Galgotias University से और बैचलर्स की पढ़ाई महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से की है. उन्हें कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ न्यूज एंकरिंग, वीडियो एडिटिंग और फोटोग्राफी का भी अनुभव है. वह आसान, रोचक और लोगों से जुड़ी भाषा में कंटेंट और खबरें लिखने में रुचि रखती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

विमान पर गिरे बिजली तो कैसे सुरक्षित रहते हैं यात्री, कैसे काम करता है फैराडे सिद्धांत?
विमान पर गिरे बिजली तो कैसे सुरक्षित रहते हैं यात्री, कैसे काम करता है फैराडे सिद्धांत?
Rahul Gandhi Security: राहुल गांधी की सुरक्षा पर हर दिन कितना पैसा खर्च होता है, देख लीजिए हिसाब-किताब?
राहुल गांधी की सुरक्षा पर हर दिन कितना पैसा खर्च होता है, देख लीजिए हिसाब-किताब?
ज्ञानेश कुमार से पहले और कौन-से CEC रह चुके हैं विवादों में? यहां जानें
ज्ञानेश कुमार से पहले और कौन-से CEC रह चुके हैं विवादों में? यहां जानें
2006 आत्महत्या से क्यों जोड़े जा रहे ज्ञानेश कुमार के तार, क्या है मलेशिया का वह मामला?
2006 आत्महत्या से क्यों जोड़े जा रहे ज्ञानेश कुमार के तार, क्या है मलेशिया का वह मामला?
Advertisement

वीडियोज

बीवी की बेवफाई....पति का गुस्सा !
Rahul Gandhi पर पुलिस का एक्शन! हिरासत में लेकर बस में बैठाया
प्रेमानंद महाराज के यहां जाने पर मिले 5 करोड़?
विपक्ष का प्रदर्शन...कांग्रेस ने किया 'हाइजैक' ?
त्योहारों से पहले RBI का बड़ा झटका! महंगा हुआ Loan, बढ़ी Repo Rate
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ब्राजील में Gen-Z प्रोटेस्ट, हजारों की संख्या में सड़कों पर क्यों उतरे छात्र?
ब्राजील में Gen-Z प्रोटेस्ट, हजारों की संख्या में सड़कों पर क्यों उतरे छात्र?
ध्रुव राठी ने बिहार का नाम लेकर बेंगलुरु में क्या कहा? 'करीब 65 लाख…'
ध्रुव राठी ने बिहार का नाम लेकर बेंगलुरु में क्या कहा? 'करीब 65 लाख…'
टीम में वापसी पर छलका उमेश यादव का दर्द, बोले- 'मुझे सपोर्ट करने की बजाय...'
टीम में वापसी पर छलका उमेश यादव का दर्द, बोले- 'मुझे सपोर्ट करने की बजाय...'
नाना पाटेकर के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जन सैलाब, राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार
नाना पाटेकर के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जन सैलाब, राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार
'ज्ञानेश कुमार की तय हो जवाबदेही', दीपके को डर- '10 अक्टूबर से पहले गिरफ्तार..'
'ज्ञानेश कुमार की तय हो जवाबदेही', दीपके को डर- '10 अक्टूबर से पहले गिरफ्तार..'
SIR के पक्ष में उतरे 42 रिटायर्ड जज, देश के नाम खुला खत लिखकर किया आगाह
SIR के पक्ष में उतरे 42 रिटायर्ड जज, देश के नाम खुला खत लिखकर किया आगाह
'मैं यहां सत्ता परिवर्तन...', बेंगलुरु के CJP प्रोटेस्ट में ध्रुव राठी का बड़ा बयान
'मैं यहां सत्ता परिवर्तन...', बेंगलुरु के CJP प्रोटेस्ट में ध्रुव राठी का बड़ा बयान
UP में स्मृति एक्टिव, सपा के बागी MLAs को शामिल कराएंगी BJP, कौन-कौन मारेगा एंट्री?
UP में स्मृति एक्टिव, सपा के बागी MLAs को शामिल कराएंगी BJP, कौन-कौन मारेगा एंट्री?
Embed widget