ताजमहल पर क्यों नहीं फहरा सकते तिरंगा, क्या है नियम?
Taj Mahal Indian Flag Rules: 15 अगस्त के अवसर पर देश के हर सरकारी और निजी संस्थानों पर तिरंगा झंडा फहराकर स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है, लेकिन ताज महल पर कभी क्यों तिरंगा नहीं फहराया गया.

Taj Mahal Indian Flag Rules: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पूरे देश में जश्न का माहौल है और हर तरफ शान से तिरंगा फहराया जा रहा है. इसी बीच दुनिया के सात अजूबों में शामिल और मोहब्बत की निशानी कहे जाने वाले ताजमहल से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है. आगरा में 15 अगस्त को ताजमहल परिसर के अंदर तिरंगा फहराने की कोशिश कर रहे एक शख्स को सुरक्षाकर्मियों ने हिरासत में ले लिया है. CISF और स्थानीय पुलिस उस व्यक्ति से पूछताछ कर रही है.
इस घटना के बाद सोशल मीडिया और आम जनता के बीच एक बड़ा सवाल आ रहा है कि आखिर भारत की आन-बान और शान का प्रतीक तिरंगा देश की ही सबसे मशहूर ऐतिहासिक इमारत ताजमहल पर क्यों नहीं फहराया जा सकता? क्या ऐसा करना अपराध है और ऐतिहासिक इमारतों को लेकर क्या कानून है?
ASI का सख्त नियम क्या है?
ताजमहल की देखरेख और सुरक्षा की जिम्मेदारी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के पास है. ASI के नियमों के मुताबिक, ताजमहल समेत देश के किसी भी संरक्षित राष्ट्रीय स्मारक पर कोई भी आम नागरिक अपनी मर्जी से कोई भी झंडा, बैनर या धार्मिक-राजनीतिक प्रतीक नहीं फहरा सकता. धार्मिक या ऐतिहासिक महत्व के स्मारकों की संप्रभुता, शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल अवशेष अधिनियम 1958 बनाया गया है. इस कानून के तहत ऐतिहासिक स्मारकों के भीतर ऐसी किसी भी गतिविधि पर पूरी तरह पाबंदी है, जिससे वहां की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो या पर्यटकों के बीच कोई विवाद खड़ा हो.
क्या ताजमहल पर कभी तिरंगा फहराया जाता है?
नियमों के अनुसार, ताजमहल पर किसी भी सरकारी या गैर-सरकारी मौके पर ध्वजारोहण नहीं किया जाता है. भारत में केवल कुछ ही चुनिंदा ऐतिहासिक इमारतें हैं जहां स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस पर आधिकारिक रूप से तिरंगा फहराया जाता है, जैसे दिल्ली का लाल किला. लाल किले पर देश के प्रधानमंत्री खुद ध्वजारोहण करते हैं क्योंकि यह हमारी लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा है. इसके विपरीत, ताजमहल एक मकबरा और पूरी तरह से एक ऐतिहासिक पर्यटन स्थल है, जिसका इस्तेमाल किसी भी प्रशासनिक या राजनीतिक गतिविधि के लिए नहीं किया जा सकता.
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नियमों का उल्लंघन करने पर क्या होती है सजा?
अगर कोई व्यक्ति सुरक्षा घेरे को तोड़कर या कानून का उल्लंघन करके ताजमहल पर जबरन झंडा फहराने या कोई प्रोपेगैंडा फैलाने की कोशिश करता है, तो उसे एएसआई के नियमों के तहत सरकारी काम में बाधा डालने और प्रतिबंधित क्षेत्र में नियम तोड़ने के आरोप में हिरासत में लिया जा सकता है. सुरक्षा में चूक या अशांति फैलाने की धाराओं के तहत जुर्माना और जेल दोनों की सजा हो सकती है.
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