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भारत में पहली बार कब दी गई थी '21 तोपों की सलामी', क्या अब भी जारी है रिवाज?
हमारे देश में 21 तोपों की सलामी का मानों मुहावरा ही इस्तेमाल किया जाने लगा हो, वहीं देश में 21 तोपों की सलामी का इतिहास 150 साल से भी ज्यादा पुराना हैै.
पहली बार देश के प्रथम राष्ट्र्पति को दी गई थी 21 तोपों की सलामी
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आज के समय में गणतंत्र दिवस स्वतंत्रता दिवस या किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को सम्मान देने के लिए 21 तोपों की सलामी दी जाती है. इस प्रक्रिया को बहुत सम्मानजनक माना जाता है.
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26 जनवरी 1950 को डॉ राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति का पदभार संभाला, जिसके बाद वो घोड़ा गाड़ी में सवार होकर राष्ट्रपति भवन से इरविन एम्फीथिएटर (मेजर ध्यानचंद स्टेडियम) पहुंचे. यहां पहली बार देश के राष्ट्रपति को 21 तोपों की सलामी दी गई थी.
Published at : 26 Jan 2024 06:41 PM (IST)
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