एक्सप्लोरर

Windmills: धीमे घूमकर भी बिजली बना देती है पवनचक्की, तो क्या घर पर पंखा लगाकर आप भी बना सकते हैं इलेक्ट्रिसिटी?

How windmills makes electricity: आपने देखा होगा कि पवनचक्की के ब्लेड बहुत धीरे-धीरे घूमते हैं. ऐसे में मन में यह सवाल आता है कि इतनी धीमी रफ्तार पर आखिर ये बिजली कैसे बना लेते हैं?

How windmills makes electricity: आपने देखा होगा कि पवनचक्की के ब्लेड बहुत धीरे-धीरे घूमते हैं. ऐसे में मन में यह सवाल आता है कि इतनी धीमी रफ्तार पर आखिर ये बिजली कैसे बना लेते हैं?

पवन चक्की

1/7
नवीकरणीय ऊर्जास्रोत धरती पे भारी मात्रा में उपलब्ध हैं. इसमें सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जलविद्युत ऊर्जा, बायोगैस, जैवईंधन, आदि शामिल हैं. पवन ऊर्जा में पवन चक्कियों की मदद से ऊर्जा बनाई जाती है. आइए पवन चक्की के कंस्ट्रक्शन के बारे में जानते हैं.
नवीकरणीय ऊर्जास्रोत धरती पे भारी मात्रा में उपलब्ध हैं. इसमें सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जलविद्युत ऊर्जा, बायोगैस, जैवईंधन, आदि शामिल हैं. पवन ऊर्जा में पवन चक्कियों की मदद से ऊर्जा बनाई जाती है. आइए पवन चक्की के कंस्ट्रक्शन के बारे में जानते हैं.
2/7
पवनचक्की के ब्लेड्स (Wind Turbine Blades): ब्लेड्स को रोटर ब्लेड्स कहते है. ये पवनचक्की का एक महत्वपूर्ण भाग हैं, जो हवा के साथ घूमते हैं. इनका डिजाइन और आकार Air Foil तकनीक को ध्यान में रखकर बनाया जाता है.
पवनचक्की के ब्लेड्स (Wind Turbine Blades): ब्लेड्स को रोटर ब्लेड्स कहते है. ये पवनचक्की का एक महत्वपूर्ण भाग हैं, जो हवा के साथ घूमते हैं. इनका डिजाइन और आकार Air Foil तकनीक को ध्यान में रखकर बनाया जाता है.
3/7
जनरेटर (Generator): यह ब्लेड से मिलने वाली मेकैनिकल एनर्जी को इलेक्ट्रिकल एनर्जी में रूपांतरित करता है. आसान शब्दों में कहें तो यही इलेक्ट्रिसिटी बनाता है. इलेक्ट्रिसिटी बनाने के लिए जनरेटर को बहुत तेज स्पीड से घुमाना पड़ता है. यह स्पीड लगभग 1800 RPM होती है. पवनचक्की के ब्लेड्स को स्पीड करीब 10 से 20 RPM होती है. ऐसे में अगर ब्लेड्स को डायरेक्ट जेनरेटर से जोड़ेंगे तो बिजली नहीं बन पाएगी. इसलिए इन दोनों के बीच में Gearbox का इस्तेमाल किया जाता है.
जनरेटर (Generator): यह ब्लेड से मिलने वाली मेकैनिकल एनर्जी को इलेक्ट्रिकल एनर्जी में रूपांतरित करता है. आसान शब्दों में कहें तो यही इलेक्ट्रिसिटी बनाता है. इलेक्ट्रिसिटी बनाने के लिए जनरेटर को बहुत तेज स्पीड से घुमाना पड़ता है. यह स्पीड लगभग 1800 RPM होती है. पवनचक्की के ब्लेड्स को स्पीड करीब 10 से 20 RPM होती है. ऐसे में अगर ब्लेड्स को डायरेक्ट जेनरेटर से जोड़ेंगे तो बिजली नहीं बन पाएगी. इसलिए इन दोनों के बीच में Gearbox का इस्तेमाल किया जाता है.
4/7
गियरबॉक्स (Gearbox): इसका इस्तेमाल गति को कम या ज्यादा करने के लिए किया जाता है. पवनचक्की में यह ब्लेड्स से मिलने वाली स्पीड को बढ़ा देता है. इसका अनुपात 90:1 तक होता है. यानी अगर गियरबॉक्स को 1 रोटेशन दिया जायेगा तो यह आउटपुट में 90 रोटेशन देगा. यानी यह ब्लेड्स से मिलने वाली स्पीड को 90 गुना बढ़ा देता है.
गियरबॉक्स (Gearbox): इसका इस्तेमाल गति को कम या ज्यादा करने के लिए किया जाता है. पवनचक्की में यह ब्लेड्स से मिलने वाली स्पीड को बढ़ा देता है. इसका अनुपात 90:1 तक होता है. यानी अगर गियरबॉक्स को 1 रोटेशन दिया जायेगा तो यह आउटपुट में 90 रोटेशन देगा. यानी यह ब्लेड्स से मिलने वाली स्पीड को 90 गुना बढ़ा देता है.
5/7
चूंकि पवनचक्की के ब्लेड्स की स्पीड 20 RPM होती है. ऐसे में गियरबॉक्स इसे 20*90 = 1800 RPM करके जेनरेटर तक भेज देता है. जिससे जेनरेटर बिजली बनानी शुरू कर देता है. जिसे केबल के माध्यम से Base की तरफ ट्रांसफर कर दिया जाता है. जहां ट्रांसफार्मर लो वोल्टेज को हाई High वोल्टेज में रूपांतरित कर देता है.
चूंकि पवनचक्की के ब्लेड्स की स्पीड 20 RPM होती है. ऐसे में गियरबॉक्स इसे 20*90 = 1800 RPM करके जेनरेटर तक भेज देता है. जिससे जेनरेटर बिजली बनानी शुरू कर देता है. जिसे केबल के माध्यम से Base की तरफ ट्रांसफर कर दिया जाता है. जहां ट्रांसफार्मर लो वोल्टेज को हाई High वोल्टेज में रूपांतरित कर देता है.
6/7
घर पर पंखा लगाकर बिजली नहीं बनाई जा सकती है, क्योंकि जेनरेटर को घुमाने के लिए बहुत तेज और ताकतवर स्पीड की जरूरत होती है. जो उसे गियरबॉक्स और पवनचक्की के बड़े-बड़े ब्लेड्स से मिलती है.
घर पर पंखा लगाकर बिजली नहीं बनाई जा सकती है, क्योंकि जेनरेटर को घुमाने के लिए बहुत तेज और ताकतवर स्पीड की जरूरत होती है. जो उसे गियरबॉक्स और पवनचक्की के बड़े-बड़े ब्लेड्स से मिलती है.
7/7
ब्रेक (Brakes): पवनचक्की में स्पीड को कंट्रोल करने के लिए ब्रेक भी होता है. आंधी या तूफान आने की स्तिथि में ब्लेड्स को बहुत ज्यादा तेजी से घूमने से रोकने के लिए पवनचक्की में ब्रेक लगाए जाते है.
ब्रेक (Brakes): पवनचक्की में स्पीड को कंट्रोल करने के लिए ब्रेक भी होता है. आंधी या तूफान आने की स्तिथि में ब्लेड्स को बहुत ज्यादा तेजी से घूमने से रोकने के लिए पवनचक्की में ब्रेक लगाए जाते है.

जनरल नॉलेज फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

किस देश में कैसे दी जाती है मौत की सजा? SC में याचिका के बीच जानें
किस देश में कैसे दी जाती है मौत की सजा? SC में याचिका के बीच जानें
Electric Shock: कुछ लोगों को क्यों नहीं लगता बिजली का झटका, क्या है वजह?
कुछ लोगों को क्यों नहीं लगता बिजली का झटका, क्या है वजह?
मौत के कितने दिन बाद तक हो सकता है पोस्टमॉर्टम, बॉडी कैसे करते हैं प्रिजर्व?
मौत के कितने दिन बाद तक हो सकता है पोस्टमॉर्टम, बॉडी कैसे करते हैं प्रिजर्व?
इंसान की आंख क्या-क्या देख सकती है, कितने Megapixel के बराबर?
इंसान की आंख क्या-क्या देख सकती है, कितने Megapixel के बराबर?

वीडियोज

Bollywood News:  अपराध और हिंसा के बीच गुड्डू और स्वीटी का अनोखा रोमांस बना हाइलाइट (18.08.26)
Mahadev & Sons: 😱Rajji-Mogra में खूनी जंग! ऐन वक्त पर हीरो स्टाइल में पहुंचे Dheeraj #sbs
Pakistan News: नकलची पाकिस्तान का फ्लॉप शो देखिए! ABPLIVE
Prashant Kishor Oath Ceremony: प्रशांत किशोर ने ली शपथ! विधायक बनते ही किए 4 बड़े ऐलान |ABPLIVE
ChatGPT Viral Video: AI का कमाल! भीड़ में खोई चप्पल, ChatGPT ने ऐसे ढूंढ निकाली, वीडियो चौंका देगा!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'तीसरा बच्चा होने पर सालभर की मैटरनिटी लीव', CM विजय का बड़ा फैसला
'तीसरा बच्चा होने पर सालभर की मैटरनिटी लीव', CM विजय का बड़ा फैसला
कांग्रेस की मदद के बिना अखिलेश CM नहीं बन सकते, पार्टी नेता का दावा
कांग्रेस की मदद के बिना अखिलेश CM नहीं बन सकते, पार्टी नेता का दावा
पहले टेस्ट में श्रीलंकाई गेंदबाज ने दिए 175 रन, नाम हुआ यह शर्मनाक रिकॉर्ड
पहले टेस्ट में श्रीलंकाई गेंदबाज ने दिए 175 रन, नाम हुआ यह शर्मनाक रिकॉर्ड
सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी के बाद 'महाप्रभु जगन्नाथ' की रिलीज डेट हुई कंफर्म, जानें कब सिनेमाघरों में देगी दस्तक
'महाप्रभु जगन्नाथ' की रिलीज डेट हुई कंफर्म, जानें कब सिनेमाघरों में देगी दस्तक
PM केयर्स फंड में गिरावट, ऑडिट रिपोर्ट्स से सामने आयी जानकारी
PM केयर्स फंड में गिरावट, ऑडिट रिपोर्ट्स से सामने आयी जानकारी
भारत में बनेंगे फाइटर जेट-रडार जैसे रक्षा उपकरण, 3070 करोड़ होंगे खर्च
भारत में बनेंगे फाइटर जेट-रडार जैसे रक्षा उपकरण, 3070 करोड़ होंगे खर्च
Video: एटिकेट्स कोट ने कांटे और चम्मच से खाया डोसा, इंटरनेट पर छिड़ गई बहस
एटिकेट्स कोट ने कांटे और चम्मच से खाया डोसा, इंटरनेट पर छिड़ गई बहस
Home Theatre Buying Guide : होम थिएटर खरीद रहे हैं? पहले करें इन 5 चीजों की जांच
होम थिएटर खरीद रहे हैं? पहले करें इन 5 चीजों की जांच
Embed widget