कांग्रेस की मदद के बिना अखिलेश CM नहीं बन सकते, पार्टी नेता का दावा
UP Assembly Elections 2027: कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि हमारी पार्टी छोटे और नए दलों को भी विपक्षी गठबंधन के साथ लाने की कोशिश कर रही है और उनकी कई दलों से बातचीत चल रही है.

कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने मंगलवार (19 अगस्त) को कहा कि उनकी पार्टी यूपी विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे के मामले में सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं करेगी. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की मदद के बिना समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव कभी मुख्यमंत्री नहीं बन सकते. उन्होंने मीडिया को दिए इंटरव्यू में BSP प्रमुख मायावती से विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने तथा ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल होने की अपील करते हुए यह भी कहा कि बसपा अध्यक्ष को समझना चाहिए कि देश और संविधान से बढ़कर कुछ नहीं है.
गौतम ने यह भी कहा कि बसपा, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) समेत उन सभी दलों का गठबंधन में स्वागत है जो लोग संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय में विश्वास रखते हैं तथा ‘‘तानाशाही से मुक्ति’’ चाहते हैं. प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव संभावित है. यह पूछे जाने पर कि क्या अखिलेश यादव बसपा के साथ गठबंधन के लिए तैयार होंगे, गौतम ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि कोई आज इतना बड़ा जोखिम लेगा कि ‘इंडिया’ गठबंधन मजबूत हो और विपक्षी एकता बने तो वह उसके खिलाफ जाए. मुझे विश्वास है कि विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए, इंडिया गठबंधन की हर पार्टी तैयार होगी.’’
कांग्रेस और सपा के बीच सीट बंटवारे पर क्या बोले गौतम?
कांग्रेस और सपा के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत के सवाल पर गौतम ने कहा कि चर्चा अभी शुरू होनी है और उनकी प्राथमिकता है कि 15 सितंबर के आसपास तक सीट बंटवारा तय हो जाए तथा अक्टूबर तक टिकट भी तय कर दिए जाएं. उन्होंने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन में सभी घटक दलों के बीच मिलकर चुनाव लड़ने को लेकर आम सहमति है और सीट बंटवारे पर ‘‘सम्मानजनक समझौता’’ होगा.
'कांग्रेस की मदद के बिना अखिलेश कभी CM नहीं बन सकते'
गौतम का कहना था, ‘‘सीट बंटवारे का अंतिम फैसला शीर्ष नेताओं के स्तर पर बातचीत के बाद होगा, लेकिन मेरा यह भी कहना है कि यह समझौता आपसी विश्वास और सम्मान पर आधारित होगा.’’ यह पूछे जाने पर कि क्या उनके कहने का मतलब यह है कि कांग्रेस अपने सम्मान से समझौता करेगी, उन्होंने कहा, ‘‘सवाल ही नहीं उठता.’’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ‘‘स्वाभाविक है कि कांग्रेस को सम्मान दिए बिना अखिलेश यादव जिंदगी में कभी मुख्यमंत्री नहीं बन सकते, कांग्रेस की मदद के बिना वह कभी मुख्यमंत्री नहीं बन सकते.’’
'कांग्रेस छोटे और नए दलों को भी साथ लाने की कर रही कोशिश'
यह पूछे जाने पर कि क्या ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनने पर अखिलेश यादव ही मुख्यमंत्री होंगे, गौतम ने कहा, ‘‘अभी तो हम लोग यही कह रहे हैं कि आपको (अखिलेश) बनाना चाह रहे हैं, अब जल्दी से मेहनत करें, चीजों को फाइनल करें.’’ गौतम ने यह भी बताया कि कांग्रेस छोटे और नए दलों को भी विपक्षी गठबंधन के साथ लाने की कोशिश कर रही है और इस संबंध में उनकी कई दलों से बातचीत चल रही है.
नए दलों से मेरी बातचीत हो रही है- राजेंद्र पाल गौतम
कांग्रेस के यूपी प्रभारी ने आगे कहा, ‘‘नए दलों से मेरी बातचीत हो रही है. अखिलेश यादव के साथ बैठक में इन पर आगे चर्चा की जाएगी.’’ उन्होंने कहा कि कई छोटी पार्टियां चुनाव में खुद जीत हासिल नहीं कर सकतीं, लेकिन किसी को हराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं. उनके मुताबिक, कुछ छोटे दल कांग्रेस में विलय कर चुके हैं, जबकि कुछ ने पार्टी को पूर्ण समर्थन देने का वादा किया है.
मायावती और चंद्रशेखर को लेकर क्या बोले गौतम?
मायावती और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के विपक्षी गठबंधन के साथ आने की संभावना से जुड़़े सवाल पर गौतम ने कहा कि जो लोग संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय में विश्वास रखते हैं तथा ‘‘तानाशाही से मुक्ति’’ चाहते हैं, उनका ‘इंडिया’ गठबंधन में स्वागत है. यह पूछे जाने पर कि क्या वह मायावती से ‘इंडिया’ गठबंधन के साथ आने की अपील करेंगे तो गौतम ने कहा, ‘‘यह उन्हें स्वयं तय करना है.’’ साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि मायावती को इस बात पर जरूर विचार करना चाहिए कि देश सर्वोपरि है और ‘‘देश से बढ़कर और संविधान से बढ़कर कुछ नहीं है.’’
कांग्रेस ‘आइडिया ऑफ इंडिया’ की बात करती है- गौतम
गौतम ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में दलित, अति-पिछड़ा, पिछड़ा वर्ग, किसान, मजदूर, छात्र और युवा राहुल गांधी की ओर उम्मीद से देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ‘‘अकेली पार्टी है जो जाति-धर्म की राजनीति से ऊपर उठकर ‘आइडिया ऑफ इंडिया’ की बात करती है.’’ उत्तर प्रदेश में कांग्रेस संगठन की तैयारियों के बारे में गौतम ने कहा कि उन्हें प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी संभाले करीब एक महीना 20 दिन हुआ है और इस दौरान छह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) सचिवों की नियुक्ति हो चुकी है तथा प्रवक्ताओं की सूची भी तैयार है, जिसे जल्द घोषित किया जाएगा.
उन्होंने ये भी कहा कि राज्य में ‘‘संगठन सृजन’’ अभियान 11 अगस्त से शुरू हो चुका है, इसके बाद 15 सितंबर तक जिला स्तर की कमेटियां और 30 सितंबर तक नई प्रदेश कांग्रेस कमेटी घोषित कर दी जाएगी. उन्होंने कहा कि अक्टूबर के अंत तक ग्राम पंचायत और बूथ स्तर की कमेटियों के गठन का काम भी पूरा कर लिया जाएगा.
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