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ब्रिटिश हुकूमत में दिल्ली में किस तरह मनाई जाती थी होली, जानें कितने सख्त थे नियम?
भारत में 4 मार्च को होली का त्योहार मनाया जाएगा. आज के समय में होली में रंग और हुड़दंग सबकुछ होता है, लेकिन क्या आपको पता है कि अंग्रेजों के समय में होली का त्योहार किस तरीके से मनाया जाता था.
भारत में होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि रिश्तों को नया रंग देने का दिन है. फागुन की हवा के साथ जब ढोल की थाप और अबीर-गुलाल उड़ता है, तो गांव से लेकर शहर तक माहौल बदल जाता है. इस बार होली 2 और 4 मार्च को मनाई जाएगी, लेकिन मुगल शासन के अंतिम दौर और ब्रिटिश हुकूमत के फैलते प्रभाव के समय भी यह त्योहार सामाजिक जीवन का हिस्सा बना रहा. इसी दौर में दिल्ली में ईस्ट इंडिया कंपनी के बड़े अफसर Sir Thomas Metcalfe का नाम सामने आता है, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे होली के अवसर पर स्थानीय लोगों के साथ रंग खेलते थे. चलिए जानें.
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बीबीसी की रिपोर्ट बताती है कि सर थॉमस मेटकाफ दिल्ली में कंपनी सरकार के उच्च अधिकारी थे. वे मुगल दरबार में ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रतिनिधि के रूप में तैनात थे. उनका संबंध ब्रिटेन के एक प्रभावशाली परिवार से था.
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उस समय दिल्ली राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से अहम शहर था. मुगल सत्ता कमजोर हो रही थी और ब्रिटिश प्रभाव बढ़ रहा था. ऐसे माहौल में स्थानीय समाज से संबंध बनाए रखना प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता था.
Published at : 27 Feb 2026 10:08 AM (IST)
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मेघा प्रसादसीनियर एडिटर (पॉलिटिकल अफेयर्स)
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