एक्सप्लोरर

क्या मुस्लिम वाकई उल्टे तवे पर बनाते हैं रोटियां, आखिर क्या है इस रिवाज की वजह?

मुस्लिम घरों में उल्टे तवे पर रोटी बनाने के पीछे वैज्ञानिक और व्यावहारिक वजहें हैं. यह तरीका बड़ी रोटियों को कच्चा रहने से बचाने और कम ईंधन में अधिक गर्मी पैदा करने के लिए अपनाया गया था.

मुस्लिम घरों में उल्टे तवे पर रोटी बनाने के पीछे वैज्ञानिक और व्यावहारिक वजहें हैं. यह तरीका बड़ी रोटियों को कच्चा रहने से बचाने और कम ईंधन में अधिक गर्मी पैदा करने के लिए अपनाया गया था.

भारतीय रसोई में रोटियां बनाने के तरीके जितने विविध हैं, उतनी ही उनसे जुड़ी मान्यताएं भी हैं. अक्सर यह सवाल चर्चा का विषय बनता है कि क्या मुस्लिम परिवारों में रोटियां वाकई उल्टे तवे पर बनाई जाती हैं? कई लोग इसे किसी खास धार्मिक रीति-रिवाज या परंपरा से जोड़कर देखते हैं, जबकि हकीकत इसके बिल्कुल उलट है. इस अनोखे तरीके के पीछे न तो कोई मजहबी मजबूरी है और न ही कोई रहस्यमयी परंपरा. दरअसल, यह पूरी तरह से रसोई के विज्ञान, रोटियों के आकार और उपलब्ध ईंधन के सही इस्तेमाल से जुड़ा एक व्यावहारिक समाधान है, जिसे समय के साथ गलत समझा गया.

1/7
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मुस्लिम परिवारों में ऐतिहासिक रूप से इस तरह के तवे का इस्तेमाल काफी ज्यादा देखा गया है. इन क्षेत्रों की खान-पान संस्कृति में चावल के मुकाबले रोटियों को अधिक प्राथमिकता दी जाती है. यहां बनाई जाने वाली रोटियों का आकार आम रोटियों की तुलना में काफी बड़ा होता है.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मुस्लिम परिवारों में ऐतिहासिक रूप से इस तरह के तवे का इस्तेमाल काफी ज्यादा देखा गया है. इन क्षेत्रों की खान-पान संस्कृति में चावल के मुकाबले रोटियों को अधिक प्राथमिकता दी जाती है. यहां बनाई जाने वाली रोटियों का आकार आम रोटियों की तुलना में काफी बड़ा होता है.
2/7
बड़े आकार की इन रोटियों को सामान्य छोटे और सीधे तवों पर सेंकना काफी मुश्किल काम होता है, क्योंकि आंच पूरी रोटी तक एक समान नहीं पहुंच पाती है. इसी समस्या के समाधान के रूप में एक खास बनावट वाले तवे का जन्म हुआ, जिसे आज लोग उल्टा तवा कहते हैं.
बड़े आकार की इन रोटियों को सामान्य छोटे और सीधे तवों पर सेंकना काफी मुश्किल काम होता है, क्योंकि आंच पूरी रोटी तक एक समान नहीं पहुंच पाती है. इसी समस्या के समाधान के रूप में एक खास बनावट वाले तवे का जन्म हुआ, जिसे आज लोग उल्टा तवा कहते हैं.
3/7
जिसे लोग उल्टा तवा समझकर भ्रमित होते हैं, वह वास्तव में अपनी बनावट में ही वैसा होता है. इसे तकनीकी रूप से गोल तवा या गुंबदकार तवा कहा जाता है. इसे चूल्हे पर इस तरह रखा जाता है कि इसका उभरा हुआ हिस्सा ऊपर की ओर रहे. इसकी यह खास बनावट बड़ी रोटियों को चारों तरफ से बराबर सेंकने में मदद करती है.
जिसे लोग उल्टा तवा समझकर भ्रमित होते हैं, वह वास्तव में अपनी बनावट में ही वैसा होता है. इसे तकनीकी रूप से गोल तवा या गुंबदकार तवा कहा जाता है. इसे चूल्हे पर इस तरह रखा जाता है कि इसका उभरा हुआ हिस्सा ऊपर की ओर रहे. इसकी यह खास बनावट बड़ी रोटियों को चारों तरफ से बराबर सेंकने में मदद करती है.
4/7
अगर इन बड़ी रोटियों को सीधे तवे पर बनाया जाए, तो वे बीच से तो पक जाती हैं, लेकिन उनके किनारे कच्चे रह जाते हैं. गोल तवे की गर्माहट पूरी सतह पर फैलती है, जिससे रोटी का हर कोना अच्छी तरह सिक जाता है.
अगर इन बड़ी रोटियों को सीधे तवे पर बनाया जाए, तो वे बीच से तो पक जाती हैं, लेकिन उनके किनारे कच्चे रह जाते हैं. गोल तवे की गर्माहट पूरी सतह पर फैलती है, जिससे रोटी का हर कोना अच्छी तरह सिक जाता है.
5/7
इस परंपरा की जड़ें अरब देशों के इतिहास से भी जुड़ी मानी जाती हैं, जहां इस्लाम का उदय हुआ. उन क्षेत्रों में सूखी लकड़ियों और ईंधन की भारी कमी थी. वहां के लोगों ने ऊर्जा बचाने के लिए एक अनूठा तरीका निकाला. जब तवे को गुंबद की तरह रखा जाता है, तो आग की लपटें उसके अवतल (धंसे हुए) भाग में टकराकर पूरे तवे में फैल जाती हैं.
इस परंपरा की जड़ें अरब देशों के इतिहास से भी जुड़ी मानी जाती हैं, जहां इस्लाम का उदय हुआ. उन क्षेत्रों में सूखी लकड़ियों और ईंधन की भारी कमी थी. वहां के लोगों ने ऊर्जा बचाने के लिए एक अनूठा तरीका निकाला. जब तवे को गुंबद की तरह रखा जाता है, तो आग की लपटें उसके अवतल (धंसे हुए) भाग में टकराकर पूरे तवे में फैल जाती हैं.
6/7
इससे आंच सीधे बाहर नहीं निकलती और तवा बहुत जल्दी और ज्यादा गर्म होता है. कम से कम ईंधन में अधिक से अधिक रोटियां पकाने के इसी वैज्ञानिक उद्देश्य के कारण इस तरह के तवे का चलन शुरू हुआ. उल्टे तवे पर रोटी बनाने का मुख्य उद्देश्य उपलब्ध ऊर्जा का सर्वाधिक उपयोग करना था.
इससे आंच सीधे बाहर नहीं निकलती और तवा बहुत जल्दी और ज्यादा गर्म होता है. कम से कम ईंधन में अधिक से अधिक रोटियां पकाने के इसी वैज्ञानिक उद्देश्य के कारण इस तरह के तवे का चलन शुरू हुआ. उल्टे तवे पर रोटी बनाने का मुख्य उद्देश्य उपलब्ध ऊर्जा का सर्वाधिक उपयोग करना था.
7/7
चूल्हे से निकलने वाली अग्नि की लपटें जब इस तरह के तवे की निचली सतह से टकराती हैं, तो वे केंद्र में रुकने के बजाय पूरे तवे के नीचे एक समान गर्मी पैदा करती हैं. प्राचीन समय में जब ईंधन जुटाना एक बड़ी चुनौती थी, तब यह तरीका न केवल समय बचाता था बल्कि रोटियों को मुलायम और स्वादिष्ट भी बनाए रखता था. यह शुद्ध रूप से एक इंजीनियरिंग समाधान था जिसे रेगिस्तानी इलाकों की जरूरतों के हिसाब से ढाला गया था.
चूल्हे से निकलने वाली अग्नि की लपटें जब इस तरह के तवे की निचली सतह से टकराती हैं, तो वे केंद्र में रुकने के बजाय पूरे तवे के नीचे एक समान गर्मी पैदा करती हैं. प्राचीन समय में जब ईंधन जुटाना एक बड़ी चुनौती थी, तब यह तरीका न केवल समय बचाता था बल्कि रोटियों को मुलायम और स्वादिष्ट भी बनाए रखता था. यह शुद्ध रूप से एक इंजीनियरिंग समाधान था जिसे रेगिस्तानी इलाकों की जरूरतों के हिसाब से ढाला गया था.

जनरल नॉलेज फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

इस देश में क्यों मची 'भूतिया' घरों को खरीदने की होड़, वजह हैरान कर देगी
इस देश में क्यों मची 'भूतिया' घरों को खरीदने की होड़, वजह हैरान कर देगी
भारत में E-20 पर बवाल, जानें थाईलैंड का E-85 मॉडल कैसे रहा सुपरहिट?
भारत में E-20 पर बवाल, जानें थाईलैंड का E-85 मॉडल कैसे रहा सुपरहिट?
Sonam Wangchuk Hunger Strike: देश में किसने की थी सबसे लंबी भूख हड़ताल, अब कहां हैं वह शख्सियत?
देश में किसने की थी सबसे लंबी भूख हड़ताल, अब कहां हैं वह शख्सियत?
Psychological Pricing: 59,99,199... ज्यादातर चीजों की कीमत इस तरह ही क्यों होती है, जानें राउंड फिगर में क्यों नहीं रखे जाते नंबर?
59,99,199... ज्यादातर चीजों की कीमत इस तरह ही क्यों होती है, जानें राउंड फिगर में क्यों नहीं रखे जाते नंबर?

वीडियोज

Kiku Sharda ने खोला Kapil Sharma Show का बड़ा राज
Jennifer Winget की दूसरी शादी की खबरों ने बढ़ाई फैंस की खुशी
अफवाह या सच? Kiara Advani की दूसरी प्रेग्नेंसी की चर्चा तेज
'The Odyssey' Review: Christopher Nolan का विजुअल मास्टरपीस, IMAX में मिलेगा असली रोमांच
Supreme Court ने Samay Raina को लगाई सख्त फटकार, बढ़ीं मुश्किलें

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
आज जुमे का दिन, लेकिन धार भोजशाला में नमाज को लेकर असमंजस की स्थिति, क्या होगा?
आज जुमे का दिन, लेकिन धार भोजशाला में नमाज को लेकर असमंजस की स्थिति, क्या होगा?
देश का पहला प्राइवेट रॉकेट इतिहास रचने को तैयार, श्री हरिकोटा से विक्रम-1 भरेगा उड़ान, US-चीन की उड़ेगी नींद
देश का पहला प्राइवेट रॉकेट इतिहास रचने को तैयार, श्री हरिकोटा से विक्रम-1 भरेगा उड़ान, US-चीन की उड़ेगी नींद
यूपी में रिपीट हुई योगी सरकार तो OP राजभर बनेंगे डिप्टी सीएम? खुद बोले- 'इच्छा होती है कि...'
यूपी में रिपीट हुई योगी सरकार तो OP राजभर बनेंगे डिप्टी सीएम? खुद बोले- 'इच्छा होती है कि...'
Dhamaal 4 Box Office Day 7: 'धमाल 4' ने 7वें दिन भी दनादन छापे नोट, अक्षय की दो फिल्मों को भी चटाई धूल, बनी ऐसा करने वाली साल की तीसरी फिल्म
'धमाल 4' ने 7वें दिन भी खूब छापे नोट, अक्षय की दो फिल्मों को भी चटाई धूल
IND vs ENG: 15 रन पर गिरे 4 विकेट, मिडिल ऑर्डर ने डुबोई टीम, हार के बाद शुभमन गिल ने गुस्से में ये क्या कह दिया
IND vs ENG: 15 रन पर गिरे 4 विकेट, मिडिल ऑर्डर ने डुबोई टीम, हार के बाद शुभमन गिल ने गुस्से में ये क्या कह दिया
Delhi Weather Today: बारिश के साथ हुई दिन की शुरुआत, दो दिन में गिरेगा तापमान, गर्मी से राहत मिलने के आसार
दिल्ली-NCR में बारिश के साथ हुई दिन की शुरुआत, दो दिन में गिरेगा तापमान, गर्मी से राहत मिलने के आसार
Explained: क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए, जानें पूरा मामला
क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए?
सोनम वांगचुक का अनशन जारी, अब AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से कर दी ये मांग
सोनम वांगचुक का अनशन जारी, अब AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से कर दी ये मांग
Embed widget