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इस वजह से खीरे में आ जाती है कड़वाहट, इन बातों का रखेंगे ध्यान तो बर्बाद होने से बच जाएगी फसल
Cucumber Farming Tips: खीरे की खेती में कड़वाहट आपकी पूरी मेहनत पर पानी फेर सकती है. इन टिप्स को अपनाकर आप अपनी फसल को बर्बाद होने से बचाकर मोटा मुनाफा पक्का कर सकते हैं.
खीरे की खेती में सबसे बड़ी सिरदर्दी तब होती है जब पूरी मेहनत के बाद फसल कड़वी निकल आए. दरअसल, इसके पीछे कुकरबिटासिन नाम का एक केमिकल कंपाउंड होता है. जो पौधों में तनाव बढ़ने पर रिलीज होता है. अगर आप सही समय पर मैनेजमेंट नहीं करते. तो यह कड़वाहट आपकी पूरी मेहनत और मार्केट वैल्यू को मिट्टी में मिला सकती है.
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खेत में नमी की कमी कड़वाहट का सबसे बड़ा कारण है. जब पौधों को जरूरत के हिसाब से पानी नहीं मिलता या सिंचाई में लंबा गैप आ जाता है. तो खीरा स्ट्रेस में चला जाता है. इस तनाव की वजह से फल के अंदर कड़वापन भरने लगता है. इसलिए मिट्टी में नमी बनाए रखना बहुत जरूरी है ताकि पौधा रिलैक्स रहे.
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तापमान का अचानक बढ़ना या बहुत ज्यादा गर्मी भी खीरे की मिठास छीन लेती है. जब पारा 35-40 डिग्री के पार जाता है, तो पौधे खुद को बचाने के लिए कुकरबिटासिन बनाना शुरू कर देते हैं. आधुनिक खेती में मल्चिंग और शेड नेट का इस्तेमाल करके आप फसल को झुलसने से बचा सकते हैं. जिससे फल की क्वालिटी एकदम टॉप क्लास बनी रहती है.
Published at : 10 Apr 2026 11:39 AM (IST)
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प्रेम कुमारJournalist
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