Mughal Emperors Death History: अकबर से लेकर औरंगजेब तक... जानें किन-किन बीमारियों से हुई थी बेहद ताकतवर मुगल शासकों की मौत?
Shah Jahan Illness And Death: मुगल बादशाह अपने वैभव के साथ-साथ कई रहस्यमयी और दुखद मौतों के लिए भी जाना जाता है. कई बादशाह और शाही परिवार के सदस्य कम उम्र या बीमारी के कारण दुनिया से चले गए.

Reasons Behind Mughal Emperors Death: मुगल साम्राज्य, जिसने 16वीं से 19वीं सदी तक भारतीय उपमहाद्वीप पर शासन किया, अपने वैभव के साथ-साथ कई रहस्यमयी और दुखद मौतों के लिए भी जाना जाता है. कई बादशाह और शाही परिवार के सदस्य कम उम्र या बीमारी के कारण दुनिया से चले गए. इन असमय मौतों ने न सिर्फ शाही परिवार को झकझोरा, बल्कि सत्ता संघर्ष और उत्तराधिकार की राजनीति को भी प्रभावित किया.
औरंगजेब
मुगल सम्राट औरंगजेब की बात करें तो उन्होंने लंबी उम्र पाई, लेकिन जीवन के अंतिम वर्षों में उनकी सेहत लगातार गिरती रही. 3 मार्च 1707 को अहमदनगर में उनका निधन हुआ. बुढ़ापे और बीमारियों से कमजोर हो चुके औरंगजेब अपने अंतिम समय में बेहद साधारण जीवन की इच्छा जताते रहे और खामोशी से दुनिया छोड़ गए. उनकी बेटी जेब-उन-निस्सा एक प्रतिभाशाली शायरा और ज्ञानी थीं. हालांकि, राजनीतिक मतभेदों के चलते उन्हें सालों तक कैद में रहना पड़ा. जीवन के आखिरी दिनों में एक छोटी सी बीमारी के बाद 1702 में उनका निधन हो गया.
शाहजहां की मौत
शाहजहां, जिन्हें ताजमहल के निर्माण के लिए याद किया जाता है, अपने अंतिम समय में गंभीर बीमारी से जूझते रहे. उनकी बीमारी ने ही सत्ता संघर्ष को जन्म दिया और उनके बेटे औरंगजेब ने उन्हें कैद कर लिया. करीब आठ साल कैद में रहने के बाद 1666 में उन्होंने अंतिम सांस ली.
मुगल सम्राट हुमायूं की मौत
दूसरे मुगल सम्राट हुमायूं की मौत बेहद अचानक हुई. 1556 में लाइब्रेरी की सीढ़ियों से गिरने के कारण उनकी जान चली गई. यह घटना उस दौर की सबसे चौंकाने वाली घटनाओं में से एक मानी जाती है.
रोशनारा बेगम की मौत भी विवादित
शाहजहां की बेटी रोशनारा बेगम भी राजनीति में सक्रिय थीं. कहा जाता है कि उन्हें जहर दिया गया था, जिसके चलते बेहद पीड़ा में उनकी मौत हुई. वहीं मुमताज महल, जिनकी याद में ताजमहल बनाया गया, प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव के कारण 1631 में चल बसीं. उनकी मौत ने शाहजहां को गहरे शोक में डाल दिया.
रफी उद-दरजात और रफी उद-दौला
मुगल इतिहास में रफी उद-दौला जिसे शाहजहां द्वितीय कहा जाता था और रफी उद-दरजात जैसे युवा शासकों की कहानियां भी मिलती हैं, जिन्होंने बेहद कम उम्र में सत्ता संभाली और बीमारी के चलते जल्द ही दुनिया से चले गए. दोनों ही क्षय रोग (टीबी) से पीड़ित बताए जाते हैं. अंत में बात अकबर की, जिन्हें महान शासकों में गिना जाता है. 1605 में पेचिश जैसी बीमारी के कारण उनका निधन हुआ. इन सभी घटनाओं से यह साफ होता है कि मुगल काल में बीमारियां, साजिशें और सत्ता संघर्ष कितनी गहराई से जुड़े हुए थे, जिन्होंने इतिहास की दिशा तक बदल दी.
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Source: IOCL


























