एक्सप्लोरर

भारतीय सेना का नया घातक साथी 'रोबोटिक म्यूल'! चीन-पाक बॉर्डर पर है तैनात, जानें क्या है खासियत

Robotic Mule: भारतीय सेना अब आधुनिक टेक्नोलॉजी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. इसी कड़ी में अब सीमा की निगरानी और ऑपरेशंस को और ताकतवर बनाने के लिए एक खास मशीन शामिल की गई है.

Robotic Mule: भारतीय सेना अब आधुनिक टेक्नोलॉजी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. इसी कड़ी में अब सीमा की निगरानी और ऑपरेशंस को और ताकतवर बनाने के लिए एक खास मशीन शामिल की गई है.

भारतीय सेना अब आधुनिक टेक्नोलॉजी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. इसी कड़ी में अब सीमा की निगरानी और ऑपरेशंस को और ताकतवर बनाने के लिए एक खास मशीन शामिल की गई है जिसे नाम दिया गया है ‘रोबोटिक म्यूल’. यह कोई आम मशीन नहीं बल्कि एक ऐसा रोबोट है जो बिना किसी मानव सहायता के निगरानी करने, दुश्मनों की पहचान करने और ज़रूरत पड़ने पर उन पर हमला करने की क्षमता रखता है.

1/6
अब यह स्वचालित सैनिक चीन और पाकिस्तान जैसी संवेदनशील सीमाओं पर सेना के साथ सक्रिय है. यह न केवल दुर्गम इलाकों में पहुंच सकता है बल्कि गोपनीय सैन्य मिशनों में भी बड़ी भूमिका निभा सकता है.
अब यह स्वचालित सैनिक चीन और पाकिस्तान जैसी संवेदनशील सीमाओं पर सेना के साथ सक्रिय है. यह न केवल दुर्गम इलाकों में पहुंच सकता है बल्कि गोपनीय सैन्य मिशनों में भी बड़ी भूमिका निभा सकता है.
2/6
अब यह स्वचालित सैनिक चीन और पाकिस्तान जैसी संवेदनशील सीमाओं पर सेना के साथ सक्रिय है. यह न केवल दुर्गम इलाकों में पहुंच सकता है बल्कि गोपनीय सैन्य मिशनों में भी बड़ी भूमिका निभा सकता है.
अब यह स्वचालित सैनिक चीन और पाकिस्तान जैसी संवेदनशील सीमाओं पर सेना के साथ सक्रिय है. यह न केवल दुर्गम इलाकों में पहुंच सकता है बल्कि गोपनीय सैन्य मिशनों में भी बड़ी भूमिका निभा सकता है.
3/6
इस रोबोटिक म्यूल में कई तरह के हथियार फिट किए जा सकते हैं जैसे AK-47, इंसास, LMG, स्नाइपर राइफल या टेवौर. इसके अलावा यह 12 से 15 किलोग्राम तक का सैन्य पेलोड उठाकर ले जा सकता है जिससे यह लॉजिस्टिक सपोर्ट में भी मददगार बनता है.
इस रोबोटिक म्यूल में कई तरह के हथियार फिट किए जा सकते हैं जैसे AK-47, इंसास, LMG, स्नाइपर राइफल या टेवौर. इसके अलावा यह 12 से 15 किलोग्राम तक का सैन्य पेलोड उठाकर ले जा सकता है जिससे यह लॉजिस्टिक सपोर्ट में भी मददगार बनता है.
4/6
यह रोबोट ना सिर्फ समतल रास्तों पर बल्कि पहाड़ी, रेतीले, बर्फ से ढके क्षेत्रों और सीढ़ियों पर भी आसानी से चल सकता है. इसकी खासियत यह भी है कि यह पानी में चलने और छोटे नालों को पार करने में सक्षम है. यह लगातार 3.5 घंटे तक 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है और सिर्फ एक घंटे में फुल चार्ज हो जाता है. इसकी बैटरी 21 घंटे तक चलने की क्षमता रखती है, जो इसे लंबे मिशनों के लिए आदर्श बनाती है.
यह रोबोट ना सिर्फ समतल रास्तों पर बल्कि पहाड़ी, रेतीले, बर्फ से ढके क्षेत्रों और सीढ़ियों पर भी आसानी से चल सकता है. इसकी खासियत यह भी है कि यह पानी में चलने और छोटे नालों को पार करने में सक्षम है. यह लगातार 3.5 घंटे तक 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है और सिर्फ एक घंटे में फुल चार्ज हो जाता है. इसकी बैटरी 21 घंटे तक चलने की क्षमता रखती है, जो इसे लंबे मिशनों के लिए आदर्श बनाती है.
5/6
इस म्यूल में 5 थर्मल कैमरे और कई एडवांस सेंसर लगे हुए हैं. इसकी निगरानी क्षमता 360 डिग्री तक फैली हुई है. इसमें इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स और इन्फ्रारेड तकनीक है, जो दुश्मन या किसी भी वस्तु की पहचान में मदद करती है. वजन लगभग 51 किलोग्राम है. लंबाई 37.5 इंच, ऊंचाई 27 इंच और चौड़ाई 10 इंच है यानी काफी कॉम्पैक्ट और पोर्टेबल.
इस म्यूल में 5 थर्मल कैमरे और कई एडवांस सेंसर लगे हुए हैं. इसकी निगरानी क्षमता 360 डिग्री तक फैली हुई है. इसमें इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स और इन्फ्रारेड तकनीक है, जो दुश्मन या किसी भी वस्तु की पहचान में मदद करती है. वजन लगभग 51 किलोग्राम है. लंबाई 37.5 इंच, ऊंचाई 27 इंच और चौड़ाई 10 इंच है यानी काफी कॉम्पैक्ट और पोर्टेबल.
6/6
सबसे बड़ी बात यह है कि अब सेना को बेहद खतरनाक क्षेत्रों में जवानों को भेजने की जरूरत कम होगी. रोबोटिक म्यूल इन दुर्गम इलाकों में जाकर दुश्मन की स्थिति की सटीक जानकारी दे सकता है और कार्रवाई भी कर सकता है. इससे जवानों की जान जोखिम में डालने की जरूरत नहीं रहेगी.
सबसे बड़ी बात यह है कि अब सेना को बेहद खतरनाक क्षेत्रों में जवानों को भेजने की जरूरत कम होगी. रोबोटिक म्यूल इन दुर्गम इलाकों में जाकर दुश्मन की स्थिति की सटीक जानकारी दे सकता है और कार्रवाई भी कर सकता है. इससे जवानों की जान जोखिम में डालने की जरूरत नहीं रहेगी.

टेक्नोलॉजी फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

हैक न होकर भी कंपनी के लिए खतरा बन सकते हैं AI एजेंट्स: Microsoft ने दी बड़ी चेतावनी
हैक न होकर भी कंपनी के लिए खतरा बन सकते हैं AI एजेंट्स: Microsoft ने दी बड़ी चेतावनी
15 हजार रुपये के बजट में 5G फोन, Itel City 300 में क्या मिलेगा?
15 हजार रुपये के बजट में 5G फोन, Itel City 300 में क्या मिलेगा?
घर की निगरानी करने वाला कैमरा खुद न बन जाए खतरा! ऐसे रखें सुरक्षित
घर की निगरानी करने वाला कैमरा खुद न बन जाए खतरा! ऐसे रखें सुरक्षित
घर बैठे ऑनलाइन मिल रहे थे विस्फोटक, सरकार ने 7 वेबसाइट पर की कार्रवाई
घर बैठे ऑनलाइन मिल रहे थे विस्फोटक, सरकार ने 7 वेबसाइट पर की कार्रवाई

वीडियोज

Tiger Shroff Firing News: बॉलीवुड लॉरेंस के कितने 'दुश्मन' ? | Breaking | Mumbai | ABP News
मुंबई से फरार...ट्रेन में सवार...कोटा में गिरफ्तार | Sansani | ABP News
Janhit with Chitra Tripathi: टाइगर..'किस्मत' से जिंदा है! | Tiger Shroff Firing | Mumbai Police
Tiger Shroff Firing Case Update | क्या बॉलीवुड को बनाया जा रहा निशाना?। Mumbai Police | Crime News
Sandeep Chaudhary: SIR पर मचे हंगामा का सटीक विश्लेषण! | Gyanesh Kumar | Rahul Gandhi | Congress

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
फ्रांस में दंगा: 2400 से ज्यादा गिरफ्तार, प्रधानमंत्री ने दिया कर्फ्यू का आदेश
फ्रांस में दंगा: 2400 से ज्यादा गिरफ्तार, PM ने दिया कर्फ्यू का आदेश, इमरजेंसी की आहट
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: वारिस पठान बोले- 'हैरानी है कि किसी भी बॉलीवुड...'
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: वारिस पठान बोले- 'हैरानी है कि किसी भी बॉलीवुड...'
हिरासत में सौरव दास की पहली प्रतिक्रिया, पुलिस वैन से बोले- 'आप देख रहे हैं कि...'
हिरासत में सौरव दास की पहली प्रतिक्रिया, पुलिस वैन से बोले- 'आप देख रहे हैं कि...'
मिचेल स्टार्क के 775 इंटरनेशनल विकेट पूरे, जानें कितने भारतीय इस आंकड़े तक पहुंचे 
मिचेल स्टार्क के 775 इंटरनेशनल विकेट पूरे, जानें कितने भारतीय इस आंकड़े तक पहुंचे 
OTT Releases This Week: 'सुमो दीदी' से 'गजब रात' तक, फेस्टिव वीक में ओटीटी पर एंटरटेनमेंट का मेला
'सुमो दीदी' से 'गजब रात' तक, फेस्टिव वीक में ओटीटी पर एंटरटेनमेंट का मेला
'उनके हौसले बुलंद हैं...', दीपके ने शेयर की दास और रांका की अदालत की फोटो
'उनके हौसले बुलंद हैं...', दीपके ने शेयर की दास और रांका की अदालत की फोटो
'ये लोकतंत्र को कमजोर..' EC के समर्थन में 400 से ज्यादा भारतीय मूल के छात्र-शिक्षाविद
'ये लोकतंत्र को कमजोर..' EC के समर्थन में 400 से ज्यादा भारतीय मूल के छात्र-शिक्षाविद
'हमारे साथ धोखा हुआ है', अनुच्छेद 370 का जिक्र कर फारूक अब्दुल्ला का बड़ा बयान
'हमारे साथ धोखा हुआ है', अनुच्छेद 370 का जिक्र कर फारूक अब्दुल्ला का बड़ा बयान
Embed widget