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दिन की धूप, रात की रोशनी! कैसे काम करती है सोलर लाइट की टेक्नोलॉजी?
अक्सर लोग सवाल करते हैं कि रात में अपने आप जलने वाली सोलर लाइट्स दिनभर की धूप से कैसे रोशनी का इंतजाम करती हैं. जानिए कैसे धूप से बिजली बनती है और अंधेरा होते ही LED जलने लगती है.
रात होते ही बगीचे, घर के रास्ते या सड़क किनारे लगी सोलर लाइट्स अपने आप जलने लगती हैं. इन्हें देखकर अक्सर एक सवाल सामने आता है कि जब रात में सूरज की रोशनी नहीं होती, तो ये लाइट्स बिजली कहां से लाती हैं. सोलर लाइट्स दिन में सूरज की रोशनी से बिजली बनाती हैं और उसे अपनी रिचार्जेबल बैटरी में जमा कर लेती हैं. अंधेरा होने पर यही जमा एनर्जी LED लाइट को जलाने के काम आती है. इस पूरी प्रक्रिया में सोलर पैनल, बैटरी, कंट्रोलर और सेंसर की जरूरी भूमिका होती है. तो आइए जानते हैं कि सोलर लाइट की चार्जिंग टेक्नोलॉजी कैसे काम करती है.
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