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गैजेट की वारंटी का हिसाब कैसे रखती है कंपनी? समझें डिजिटल रिकॉर्ड सिस्टम
हर गैजेट की वारंटी का हिसाब रखना कंपनियों के लिए आसान नहीं होता है. ऐसे में डिजिटल रिकॉर्ड सिस्टम काम आता है. जानिए कैसे यह तकनीक वारंटी की जांच आसान बनाती है.
स्मार्टफोन, लैपटॉप या टीवी खरीदते समय लोग उसकी कीमत और फीचर्स के साथ वारंटी की जानकारी भी देखते हैं, लेकिन क्या आपने सोचा है कि कंपनियां कैसे पता लगाती हैं कि किसी गैजेट की वारंटी अभी चालू है या खत्म हो गई है. लाखों प्रोडक्ट्स की खरीदारी की तारीख, सीरियल नंबर और मरम्मत से जुड़ी जानकारी को कागजों पर संभालना मुश्किल होता है. इसी काम को आसान बनाने के लिए डिजिटल रिकॉर्ड सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें प्रोडक्ट के स्टोक में आने, डीलर तक पहुंचने, बिकने और खराब होने पर उसकी मरम्मत या बदलने तक की जानकारी दर्ज की जा सकती है. इससे कंपनी, डीलर और सर्विस सेंटर जरूरत पड़ने पर एक ही जगह से प्रोडक्ट की पूरी जानकारी देख सकते हैं और वारंटी से जुड़े मामलों को आसानी से समझ सकते हैं. तो आइए जानते हैं कि कंपनी गैजेट की वारंटी का हिसाब कैसे रखती है.
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