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बिना कुछ लिखे भी कैसे तैयार हो रहे हैं करोड़ों के सॉफ्टवेयर? जानिए क्या है Vibe Coding जिसने टेक इंडस्ट्री में मचा दिया हंगामा
टेक्नोलॉजी की दुनिया में इन दिनों एक नया ट्रेंड तेजी से चर्चा में है जिसे Vibe Coding कहा जा रहा है. इस शब्द ने इतना ध्यान खींचा है कि बड़ी टेक कंपनियों के दिग्गज भी इस पर खुलकर बात कर रहे हैं.
टेक्नोलॉजी की दुनिया में इन दिनों एक नया ट्रेंड तेजी से चर्चा में है जिसे Vibe Coding कहा जा रहा है. इस शब्द ने इतना ध्यान खींचा है कि बड़ी टेक कंपनियों के दिग्गज भी इस पर खुलकर बात कर रहे हैं. Sundar Pichai से लेकर Sridhar Vembu तक हर कोई इस नए तरीके को लेकर अपनी-अपनी राय रख रहा है.
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असल में यह एक ऐसा तरीका है जिसमें पारंपरिक कोडिंग सीखने की जरूरत काफी कम हो जाती है. यहां यूजर को सिर्फ अपनी जरूरत को साधारण भाषा में लिखना होता है और बाकी काम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खुद संभाल लेता है. यानी अब लंबी-लंबी कोड लाइनों की जगह आप AI को निर्देश देते हैं और वह आपके लिए ऐप या सॉफ्टवेयर तैयार कर देता है.
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इस तकनीक ने कोडिंग को पहले से कहीं ज्यादा आसान बना दिया है. इसके पीछे बड़े AI मॉडल्स काम करते हैं जिन्हें Large Language Models कहा जाता है. ये मॉडल्स आपकी बात को समझकर अपने आप कोड तैयार कर देते हैं. इसका मतलब यह है कि जटिल प्रोग्रामिंग भाषाएं सीखने की बाध्यता धीरे-धीरे कम हो सकती है. यहां सबसे अहम भूमिका प्रॉम्प्ट की होती है, यानी आप AI को कैसे निर्देश देते हैं. अगर आपका निर्देश साफ और सही है तो AI पूरे प्रोजेक्ट को भी तैयार कर सकता है.
Published at : 23 Mar 2026 11:52 AM (IST)
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