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AI चैटबॉट का ज्यादा इस्तेमाल कमजोर कर सकता है आपका दिमाग! स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
AI Chatbot: AI चैटबॉट्स के साथ बातचीत करते समय एक बात अक्सर देखने को मिलती है कि वे यूजर की बातों से सहमति जताने की कोशिश करते हैं.
अगर आप ChatGPT, Gemini, Claude या Grok जैसे AI चैटबॉट्स का बार-बार इस्तेमाल करते हैं तो यह सुविधा धीरे-धीरे आपके सोचने के तरीके और ज्ञान पर असर डाल सकती है. यह सिर्फ एक अंदाजा नहीं बल्कि Massachusetts Institute of Technology के शोधकर्ताओं की चेतावनी है जिन्होंने इस विषय पर गहराई से अध्ययन किया है.
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AI चैटबॉट्स के साथ बातचीत करते समय एक बात अक्सर देखने को मिलती है कि वे यूजर की बातों से सहमति जताने की कोशिश करते हैं. शुरुआत में यह व्यवहार काफी मददगार लगता है क्योंकि इससे काम जल्दी और आसान हो जाता है. लेकिन धीरे-धीरे यही आदत एक समस्या बन सकती है. जब कोई सिस्टम बार-बार आपकी राय को सही ठहराता है तो आप बिना जांचे-परखे उसी पर भरोसा करने लगते हैं.
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MIT की एक स्टडी में बताया गया है कि इस तरह की बातचीत एक फीडबैक लूप तैयार करती है. इसमें यूजर अपनी राय रखता है, AI उससे सहमत होता है और फिर यूजर उसी राय पर और ज्यादा विश्वास करने लगता है. समय के साथ यह प्रक्रिया गलत धारणाओं को भी मजबूत कर सकती है.
Published at : 05 Apr 2026 07:02 AM (IST)
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