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हार्ट बीट कम या ज्यादा होना खतरनाक बीमारी का हो सकता है संकेत, जानें कैसे समझें
हार्टबीट में होने वाले किसी भी परिवर्तन को हल्के में नहीं लेना चाहिए. चाहे वो तेजी से धड़कना हो या फिर धीमे पड़ जाना, इसे समझना बहुत जरूरी है. आइए जानते हैं यहां ...
दिल की धड़कन में बदलाव
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हम सभी की दिल की धड़कन यानी हार्ट बीट एक सामान्य गति से चलती रहती है. लेकिन कभी-कभी इसमें कुछ बदलाव देखने को मिल जाते हैं.जैसे कि अचानक बहुत तेज या बहुत धीमी हो जाना, नियमित न होना या अचानक रुक जाना आदि.जब भी ऐसा हो, तो हमें सोचना चाहिए कि यह कोई खतरनाक संकेत हैं. इसके कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए. क्योंकि ये दिल की बीमारी का संकेत भी हो सकता है.
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जब हमारी दिल की धड़कन यानी हार्टबीट का रफ्तार सामान्य से अधिक तेज या धीमा हो जाता है, तो यह एक गंभीर समस्या हो सकती है. आमतौर पर दिल की धड़कन 60 से 100 बार प्रति मिनट की होती है. यदि यह 100 से अधिक हो जाए यानि बहुत तेज़ हो जाए, या 60 से कम धड़कने लगे यानि बहुत धीमी हो जाए, तो समझ लेना कि कुछ गड़बड़ है.
Published at : 16 Jan 2024 09:04 PM (IST)
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