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क्या बेहिसाब नोट छाप सकता है RBI, कौन करता है इसका फैसला?
RBI के पास नोट छापने की ताकत जरूर है, लेकिन यह ताकत कानून, नियम और जिम्मेदारी से बंधी हुई है. आइए जानें कि क्या वह बेहिसाब नोट छाप सकता है या नहीं.
जब महंगाई बढ़ती है, नौकरियां घटती हैं और आम आदमी की जेब ढीली होने लगती है, तब एक सवाल हर किसी के मन में आता है कि अगर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया चाहे तो ज्यादा नोट छापकर सारी परेशानियां क्यों नहीं खत्म कर देता? क्या RBI के पास यह ताकत है कि वह जब चाहे तब पैसा छाप दे? या फिर इसके पीछे कानून, नियम और जोखिमों की एक लंबी कहानी छिपी है? आइए जानें.
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भारत में सिक्के बनाने का अधिकार केंद्र सरकार के पास होता है. वहीं कागजी नोट छापने की जिम्मेदारी RBI को दी गई है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि RBI मनमर्जी से जितने चाहे उतने नोट छाप सकता है.
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नोट छापने का पूरा सिस्टम कानून और तय नियमों से बंधा हुआ है. भारत में नोट छापने की व्यवस्था को मिनिमम रिजर्व सिस्टम कहा जाता है. इस सिस्टम के तहत RBI को अपने पास तय मात्रा में सोना और विदेशी मुद्रा का रिजर्व रखना जरूरी होता है.
Published at : 04 Jan 2026 06:35 PM (IST)
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