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डिहाइड्रेशन से सिकुड़ सकता है दिमाग, जानें पानी की कमी से दिमाग-शरीर को कितना होता है नुकसान?
डिहाइड्रेशन सिर्फ प्यास नहीं, बल्कि दिमाग और शरीर के लिए गंभीर खतरा है. पानी की कमी से दिमाग सिकुड़ सकता है, याददाश्त और एकाग्रता प्रभावित होती है और थकान व चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है.
हम लोग अक्सर यही सोचते हैं कि डिहाइड्रेशन से शरीर में बस थोड़ी पानी की कमी होती है और इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा, लेकिन यह सोच बिल्कुल गलत है. शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन से शरीर को कई तरह की गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. अगर शरीर डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाता है, तो इसका सबसे गहरा असर हमारे मस्तिष्क यानी दिमाग पर पड़ता है. डिहाइड्रेशन की स्थिति में दिमाग सिकुड़ सकता है, क्योंकि शरीर दिमाग में मौजूद पानी को खींचना शुरू कर देता है. इससे दिमाग के टिश्यू यानी ऊतक सिकुड़ने लगते हैं.
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जब हम पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते और शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ जाता है, तो खून में नमक और अन्य तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है. इससे खून गाढ़ा हो जाता है. खून को पतला करने के लिए शरीर दिमाग की कोशिकाओं से पानी खींचना शुरू कर देता है. जैसे ही कोशिकाओं से पानी निकलता है, दिमाग का आकार सिकुड़ने लगता है.
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वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो किसी भी काम को करने के लिए दिमाग को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे, तो यह दिमाग के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है.
Published at : 04 Jan 2026 07:26 AM (IST)
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