UP में कांग्रेस अकेले लड़ेगी विधानसभा चुनाव? इमरान मसूद ने दिया हिंट! बोले- 'तुमसे सीटें मांग कौन रहा...'
Lucknow News: इमरान मसूद ने कहा कि हम अपनी पार्टी को मजबूत करने में जुटे हैं. उन्होंने कहा कि हम यूपी की सभी 403 सीटों पर तैयारी कर रहे हैं.

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में होंगे, लेकिन प्रदेश की 403 सीटों पर कांग्रेस ने अकेले लड़ने का दावा कर दिया है. जिसके बाद प्रदेश में सपा और कांग्रेस के इंडिया गठबंधन में दरार पड़ती हुई दिख रही है. सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने रविवार को एक बयान में कहा, जो लोग कह रहे हैं कि ‘हम कांग्रेस को इतनी सीटें देंगे’ - तुम हो कौन? तुमसे मांग कौन रहा है?” मसूद का इशारा समाजवादी पार्टी की ओर है, जिसके साथ बीते लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने चुनाव लड़ा था.
यूपी में विधानसभा चुनावों में सीटों को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय समेत कई नेता 403 सीटों पर तैयारी की बात कर चुके हैं, यही नहीं इस साल होने वाले पंचायत चुनाव में भी कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया था. अब इमरान मसूद के इस बयान ने इसे और हवा दे दी है. अभी सपा की तरफ से उनके इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं ये है.
इमरान मसूद का 403 सीटों पर लड़ने का दावा
इमरान मसूद ने अपने बयान में कहा, “ हम अपनी पार्टी को मजबूत करेंगे, हम दूसरों की बैसाखी पर क्यों चलेंगे? जो लोग कह रहे हैं कि हम कांग्रेस को इतनी सीटें देंगे- तुम हो कौन? तुमसे मांग कौन रहा है?” इमरान मसूद का बयान ऐसे समय में आया जब यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होना है. खुद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भी बीते दिनों 403 सीटों पर संगठन तैयार कर अपनी मजबूती का दावा कर चुके हैं.
यूपी में सियासी जमीन के लिए कांग्रेस असमंजस में
बीते लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के बैनर तले कांग्रेस और सपा का यूपी में गठबंधन था. कांग्रेस लम्बे अर्से बाद छह सीटें जीतने में सफल रही. कई सीटों पर उसके उम्मीदवार बेहद मजबूती से लड़े. चूंकि प्रदेश में उसका संगठन बेहद खराब हालत में है.हाल में उसके पास सिर्फ विधानसभा में के ही विधायक है. इसलिए इस दांव से वो सपा पर दबाब बनाकर सीटों की संख्या में इजाफा करना चाहती है.
कांग्रेस नेताओं के बयान पर अभी न सपा की तरफ से अखिलेश यादव और न ही कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने कोई टिप्पणी की है.राजनीतिक जानकारों की मानें तो यहसीटों के लिए गठबंधन में दबाब की रणनीति ही जान पड़ रही है.
Source: IOCL






















