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पॉल्यूशन में बार-बार बाहर निकलना होता है तो शरीर को आयुर्वेद के हिसाब से ऐसे करें डिटॉक्स
आयुर्वेदिक टिप्स और ट्रिक्स का उपयोग करने से डिटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया में सहायता मिल सकती है और साथ ही सेहत में भी सुधार हो सकता है.
प्रदूषण हमारे आस-पास की हवा में हमारे द्वारा पीये जाने वाले पानी में और यहां तक कि हमारे द्वारा खाये जाने वाले भोजन में भी है. श्वसन संबंधी समस्याएं, थकान और कमज़ोर प्रतिरक्षा जैसे हमारे स्वास्थ्य पर इसके प्रभावों को नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है.
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अपने दिन की शुरुआत नींबू और शहद या हल्दी मिला हुआ गर्म पानी पीकर करें. यह साधारण पेय रात भर जमा हुए विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है और यह आपके चयापचय को भी बढ़ाता है.अपने दांतों को ब्रश करने से पहले 10 मिनट के लिए अपने मुंह में एक चम्मच नारियल या तिल का तेल घुमाएं. यह मुंह से विषाक्त पदार्थों को निकालने, मसूड़ों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और आपको तरोताजा करने में मदद करेगा.
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तुलसी (पवित्र तुलसी), अदरक, या सौंफ़ के बीज से बनी हर्बल चाय पीने से पाचन तंत्र को साफ करने और प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने में मदद मिलती है. ये जड़ी-बूटियां प्राकृतिक डिटॉक्सिफायर हैं और वायु प्रदूषण के शरीर पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को संतुलित करने का एक उत्कृष्ट काम करती हैं.
Published at : 30 Nov 2024 09:48 AM (IST)
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