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दालचीनी के जरिए PCOS और हार्ट से जुड़ी बीमारी के खतरे को कर सकते हैं कम, जानें कैसे?
दालचीनी पीसीओएस और कई अन्य समस्याओं जैसे सूजन, इंसुलिन प्रतिरोध, हृदय संबंधी जोखिम और बहुत कुछ को नियंत्रित करने में सहायता कर सकती है.
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) एक जटिल हार्मोनल विकार है जो न केवल प्रजनन स्वास्थ्य को बाधित करता है बल्कि महिलाओं में हृदय संबंधी जोखिम भी बढ़ाता है. सौभाग्य से, यूरोपियन जर्नल ऑफ ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी एंड रिप्रोडक्टिव बायोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, पारंपरिक चीनी चिकित्सा में एक प्रमुख घटक दालचीनी इन जोखिमों को कम करने की कुंजी हो सकती है.
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दालचीनी के सेवन से पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं के शरीर का वजन काफी हद तक कम हो जाता है. आठ सप्ताह तक चले एक अध्ययन से पता चला है कि दालचीनी के नियमित सेवन से वजन में उल्लेखनीय कमी आई है. जिससे यह किसी भी वजन प्रबंधन योजना के लिए एक उत्कृष्ट अतिरिक्त बन गया है.
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पीसीओएस और इंसुलिन प्रतिरोध एक साथ चलते हैं. इंसुलिन प्रतिरोध के कारण रक्त में इंसुलिन का स्तर बढ़ जाता है. जिससे अंडाशय में एंड्रोजन (पुरुष हार्मोन) का अधिक उत्पादन हो सकता है. जिससे अनियमित मासिक धर्म, मुंहासे और बालों का झड़ना जैसे पीसीओएस के लक्षण बढ़ सकते हैं। दालचीनी इसका मुकाबला इस प्रकार करती है.
Published at : 02 Dec 2024 06:50 PM (IST)
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