एक्सप्लोरर

बिना किसी राजनीतिक पार्टी के फ्रांस के सबसे युवा राष्ट्रपति बने 39 साल के मैक्रोन

1/8
उनकी 26 अगस्त 2014 को राजनीति में वापसी हुई और उन्हें ओलांद सरकार में अर्थव्यवस्था मंत्री नियुक्त किया गया. उन्हें एक उदारावदी नेता, वित्त के मामले में संयमितता बरतने वाले और उदारवादी बाजार के हिमायती के तौर पर देखा जाता रहा है. उन्होंने 2015 में एक निर्दलीय नेता के तौर पर खुद को पेश किया. उन्होंने अगस्त 2016 में सरकार से इस्तीफा दे दिया. इसके तुरंत बाद मैक्रोन ने एक नई पार्टी 'एन मार्शे!' का गठन किया. वे इस पार्टी को वामपंथी और दक्षिणपंथी विचारधारा का मिलाजुला संगम बताते हैं.
उनकी 26 अगस्त 2014 को राजनीति में वापसी हुई और उन्हें ओलांद सरकार में अर्थव्यवस्था मंत्री नियुक्त किया गया. उन्हें एक उदारावदी नेता, वित्त के मामले में संयमितता बरतने वाले और उदारवादी बाजार के हिमायती के तौर पर देखा जाता रहा है. उन्होंने 2015 में एक निर्दलीय नेता के तौर पर खुद को पेश किया. उन्होंने अगस्त 2016 में सरकार से इस्तीफा दे दिया. इसके तुरंत बाद मैक्रोन ने एक नई पार्टी 'एन मार्शे!' का गठन किया. वे इस पार्टी को वामपंथी और दक्षिणपंथी विचारधारा का मिलाजुला संगम बताते हैं.
2/8
'एन मार्शे!' नाम से राजनीतिक मूवमेंट लॉन्च करने वाले मैक्रोन (39) लीवरल मीडिय क्लास से हैं. उन्हें किस्मत का धनी ही कहा जाएगा कि पहली बार चुनाव लड़कर और उसे जीतकर वे देश के सबसे बड़े पद पर आसीन होने जा रहे हैं. उनके पास किसी परंपरागत पार्टी का समर्थन नहीं था और न ही कैडर सपोर्ट. इसमें कोई संदेह नहीं है कि उनके आलोचकों ने उन्हें नौसिखिया कहा. वे देश के मौजूदा राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के नेतृत्व में सिर्फ दो सालों तक वित्त मंत्री के पद पर रहे और सिर्फ यही उनका राजनीतिक अनुभव रहा.
'एन मार्शे!' नाम से राजनीतिक मूवमेंट लॉन्च करने वाले मैक्रोन (39) लीवरल मीडिय क्लास से हैं. उन्हें किस्मत का धनी ही कहा जाएगा कि पहली बार चुनाव लड़कर और उसे जीतकर वे देश के सबसे बड़े पद पर आसीन होने जा रहे हैं. उनके पास किसी परंपरागत पार्टी का समर्थन नहीं था और न ही कैडर सपोर्ट. इसमें कोई संदेह नहीं है कि उनके आलोचकों ने उन्हें नौसिखिया कहा. वे देश के मौजूदा राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के नेतृत्व में सिर्फ दो सालों तक वित्त मंत्री के पद पर रहे और सिर्फ यही उनका राजनीतिक अनुभव रहा.
3/8
मैक्रोन का जन्म 21 दिसंबर, 1977 में फ्रांस के उत्तरी शहर एमियेन्ज में हुआ था. उनकी मां फ्रांस्वा नोगेस फिजिशियन और पिता ज्यां-मिशेल मैक्रोन न्यूरोलॉजी के प्रोफेसर थे. उन्होंने स्ट्रासबर्ग में इकोल नेशनल डे एडमिनिस्ट्रिेशन में एक सीनियर ब्यूरोक्रेट की ट्रेनिंग लेने से पहले साइंसेज पो यूनिवर्सिटी से सार्वजनिक मामलों के विषय में मास्टर्स डिग्री हासिल की. उन्होंने 2004 में ग्रैजुएशन की डिग्री हासिल की. हालांकि, उन्होंने राजनीति में जाने की बजाय रोथशिल्ड बैंक में काम करना शुरू किया. वे 2006 में सोशलिस्ट पार्टी के सदस्य बने. वे 2012 से 2014 तक राष्ट्रपति ओलांद के सलाहकार के पद पर रहे, लेकिन बाद में उन्होंने यह पद छोड़ दिया.
मैक्रोन का जन्म 21 दिसंबर, 1977 में फ्रांस के उत्तरी शहर एमियेन्ज में हुआ था. उनकी मां फ्रांस्वा नोगेस फिजिशियन और पिता ज्यां-मिशेल मैक्रोन न्यूरोलॉजी के प्रोफेसर थे. उन्होंने स्ट्रासबर्ग में इकोल नेशनल डे एडमिनिस्ट्रिेशन में एक सीनियर ब्यूरोक्रेट की ट्रेनिंग लेने से पहले साइंसेज पो यूनिवर्सिटी से सार्वजनिक मामलों के विषय में मास्टर्स डिग्री हासिल की. उन्होंने 2004 में ग्रैजुएशन की डिग्री हासिल की. हालांकि, उन्होंने राजनीति में जाने की बजाय रोथशिल्ड बैंक में काम करना शुरू किया. वे 2006 में सोशलिस्ट पार्टी के सदस्य बने. वे 2012 से 2014 तक राष्ट्रपति ओलांद के सलाहकार के पद पर रहे, लेकिन बाद में उन्होंने यह पद छोड़ दिया.
4/8
मैक्रोन ने व्यापक विदेश नीति के स्तर पर भी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत करने की प्रतिबद्धता जताई है. उन्होंने सीरिया और ऐसी अन्य जगहों पर राजनीतिक समाधान के लिए रूस, ईरान, तुर्की और सऊदी अरब के साथ मिलकर काम करने की इच्छा भी जताई है.
मैक्रोन ने व्यापक विदेश नीति के स्तर पर भी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत करने की प्रतिबद्धता जताई है. उन्होंने सीरिया और ऐसी अन्य जगहों पर राजनीतिक समाधान के लिए रूस, ईरान, तुर्की और सऊदी अरब के साथ मिलकर काम करने की इच्छा भी जताई है.
5/8
मैक्रोन ने चुनाव प्रचार के दौरान बेरोजगारी की समस्या को अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में रखा, जिसे राष्ट्रपति ओलांद उठाने में असफल रहे. मैक्रोन ने बेरोजगारी दर को सात फीसदी से नीचे रखने की बात कही है. वे प्राइवेट सेक्टर के 120,000 रोजगारों में कटौती करने, सरकारी खर्च को 60 अरब (65 अरब डॉलर) तक घटाने और अरबों डॉलर निवेश करने पर जोर देने वाले हैं. उनकी नीतियों में देश की असफल राजनीतिक व्यवस्था को दुरुस्त करना, लेबर लॉ में रियायत बरतना, सामाजिक गतिशीलता को प्रोत्साहित करना, सांसदों की संख्या घटाना और एक यूरोजोन सरकार का गठन करना है. मैक्रोन ने देश की अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए कारोबार से जुड़े कई बातें आगे रखी हैं.
मैक्रोन ने चुनाव प्रचार के दौरान बेरोजगारी की समस्या को अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में रखा, जिसे राष्ट्रपति ओलांद उठाने में असफल रहे. मैक्रोन ने बेरोजगारी दर को सात फीसदी से नीचे रखने की बात कही है. वे प्राइवेट सेक्टर के 120,000 रोजगारों में कटौती करने, सरकारी खर्च को 60 अरब (65 अरब डॉलर) तक घटाने और अरबों डॉलर निवेश करने पर जोर देने वाले हैं. उनकी नीतियों में देश की असफल राजनीतिक व्यवस्था को दुरुस्त करना, लेबर लॉ में रियायत बरतना, सामाजिक गतिशीलता को प्रोत्साहित करना, सांसदों की संख्या घटाना और एक यूरोजोन सरकार का गठन करना है. मैक्रोन ने देश की अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए कारोबार से जुड़े कई बातें आगे रखी हैं.
6/8
मैक्रोन ने एक नौकरशाह से राष्ट्रपति चुनाव जीतने तक का सफर तय किया है. वे यूरोपीय यूनियन के घोर समर्थक हैं और फ्रांस को यूरोपीय यूनियन से जोड़े रखना चाहते हैं. उन्होंने खुद को एक प्रगतिशील शख्स के रूप में पेश किया है, जो न ही वामपंथी विचाधारा से प्रभावित है और न ही दक्षिणपंथी विचारधारा से. वे आर्थिक रूप से उदार, कारोबार समर्थक हैं लेकिन वे एक स्वतंत्र देश में किसी भी धर्म को मानने की स्वतंत्रता, समानता और इमिग्रेशन सहित सामाजिक मुद्दों पर वामपंथी विचारधारा से प्रेरित हैं.
मैक्रोन ने एक नौकरशाह से राष्ट्रपति चुनाव जीतने तक का सफर तय किया है. वे यूरोपीय यूनियन के घोर समर्थक हैं और फ्रांस को यूरोपीय यूनियन से जोड़े रखना चाहते हैं. उन्होंने खुद को एक प्रगतिशील शख्स के रूप में पेश किया है, जो न ही वामपंथी विचाधारा से प्रभावित है और न ही दक्षिणपंथी विचारधारा से. वे आर्थिक रूप से उदार, कारोबार समर्थक हैं लेकिन वे एक स्वतंत्र देश में किसी भी धर्म को मानने की स्वतंत्रता, समानता और इमिग्रेशन सहित सामाजिक मुद्दों पर वामपंथी विचारधारा से प्रेरित हैं.
7/8
फ्रांस का राष्ट्रपति चुनाव जीतकर इतिहास रचने वाले इमानुएल मैक्रोन देश के सबसे युवा राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं. मैक्रोन ने अपने करियर की शुरुआत एक नौकरशाह के रूप में की थी. इसके बाद उन्होंने इंवेस्टमेंट बैंकिंग में अपना हाथ आजमाया और अब वे देश के नए राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं.
फ्रांस का राष्ट्रपति चुनाव जीतकर इतिहास रचने वाले इमानुएल मैक्रोन देश के सबसे युवा राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं. मैक्रोन ने अपने करियर की शुरुआत एक नौकरशाह के रूप में की थी. इसके बाद उन्होंने इंवेस्टमेंट बैंकिंग में अपना हाथ आजमाया और अब वे देश के नए राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं.
8/8
वे आतंकवाद के खिलाफ जंग को लेकर खासे मुखर हैं. उन्होंने रक्षा खर्च बढ़ाने, 10,000 अधिक पुलिसकर्मियों को नियुक्त करने और आतंकवादी संगठन इस्लामिक (आईएस) स्टेट से हर वक्त लड़ने के लिए मुस्तैद रहने वाले कार्यबल का गठन करने का ऐलान किया है. वे शिक्षकों के लिए बेहतर सैलरी के भी हिमायती हैं. मैक्रोन की पत्नी ब्रिजिट ट्रॉगनेक्स उनकी टीचर रह चुकी हैं और उम्र में उनसे 24 साल बड़ी हैं. मैक्रोन की जब ब्रिजिट से पहली बार मुलाकात हुई तब वे 15 साल के थे. 18 साल की उम्र में दोनों का रिश्ता पुख्ता हो गया. मैक्रोन का कहना है कि प्रचार भाषण तैयार करने में उनकी पत्नी की अहम भूमिका रही है. मैक्रोन की राजनीति पर उनकी पत्नी ब्रिजिट का प्रभाव साफ देखा जा सकता है. उनके घोषणा-पत्र में शिक्षा को शीर्ष प्राथमिकता दी गई.
वे आतंकवाद के खिलाफ जंग को लेकर खासे मुखर हैं. उन्होंने रक्षा खर्च बढ़ाने, 10,000 अधिक पुलिसकर्मियों को नियुक्त करने और आतंकवादी संगठन इस्लामिक (आईएस) स्टेट से हर वक्त लड़ने के लिए मुस्तैद रहने वाले कार्यबल का गठन करने का ऐलान किया है. वे शिक्षकों के लिए बेहतर सैलरी के भी हिमायती हैं. मैक्रोन की पत्नी ब्रिजिट ट्रॉगनेक्स उनकी टीचर रह चुकी हैं और उम्र में उनसे 24 साल बड़ी हैं. मैक्रोन की जब ब्रिजिट से पहली बार मुलाकात हुई तब वे 15 साल के थे. 18 साल की उम्र में दोनों का रिश्ता पुख्ता हो गया. मैक्रोन का कहना है कि प्रचार भाषण तैयार करने में उनकी पत्नी की अहम भूमिका रही है. मैक्रोन की राजनीति पर उनकी पत्नी ब्रिजिट का प्रभाव साफ देखा जा सकता है. उनके घोषणा-पत्र में शिक्षा को शीर्ष प्राथमिकता दी गई.

फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

जंतर मंतर पर देर रात हुई हिंसा के बीच अभिजीत दीपके का सामने आया बड़ा बयान, बोले- 'CJP का आंदोलन...'
जंतर मंतर पर देर रात हुई हिंसा के बीच अभिजीत दीपके का सामने आया बड़ा बयान, बोले- 'CJP का आंदोलन...'
'हमारे प्रोटेस्ट को पटरी से उतारने की कोशिश की जाएगी लेकिन...', सोनम वांगचुक से बात के बाद बोले CJP के सौरव दास
'प्रोटेस्ट को पटरी से उतारने की कोशिश की जाएगी लेकिन...', सोनम वांगचुक से बात के बाद बोले CJP के सौरव दास
मान नहीं रहे ट्रंप, अमेरिका ने लगातार 12वें दिन फिर किया हमला तो गुस्से में बोला ईरान- 'आंख के बदले आंख...'
मान नहीं रहे ट्रंप, अमेरिका ने लगातार 12वें दिन फिर किया हमला तो गुस्से में बोला ईरान- 'आंख के बदले आंख...'
Dhamaal 4 Box Office Day 13: 'धमाल 4' की कमाई में दूसरे बुधवार आई मंदी, लेकिन 2 करोड़ और कमाते ही बना देगी ये रिकॉर्ड
'धमाल 4' की कमाई में दूसरे बुधवार आई मंदी, लेकिन 2 करोड़ और कमाते ही बना देगी ये रिकॉर्ड

वीडियोज

अगस्त से महंगी होंगी Maruti Suzuki की Cars! क्यों बढ़ रही हैं बार-बार कीमतें? #maruti
अगस्त से महंगी होंगी Maruti Suzuki की Cars! क्यों बढ़ रही हैं बार-बार कीमतें? #maruti #autolive
Chugalkhor Aunty: चुगलखोर आंटी के साथ देखिए चुगलियों का पिटारा
Bollywood News: शाहरुख खान की 'किंग' की रिलीज अफवाहों पर विराम, 24 दिसंबर 2026 को होगा बड़ा धमाका (22-07-2026)
E20 ethanol: अब ATM से निकलेगा इथेनॉल! |ABPLIVE

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
जंतर मंतर पर देर रात हुई हिंसा के बीच अभिजीत दीपके का सामने आया बड़ा बयान, बोले- 'CJP का आंदोलन...'
जंतर मंतर पर देर रात हुई हिंसा के बीच अभिजीत दीपके का सामने आया बड़ा बयान, बोले- 'CJP का आंदोलन...'
'हमारे प्रोटेस्ट को पटरी से उतारने की कोशिश की जाएगी लेकिन...', सोनम वांगचुक से बात के बाद बोले CJP के सौरव दास
'प्रोटेस्ट को पटरी से उतारने की कोशिश की जाएगी लेकिन...', सोनम वांगचुक से बात के बाद बोले CJP के सौरव दास
मान नहीं रहे ट्रंप, अमेरिका ने लगातार 12वें दिन फिर किया हमला तो गुस्से में बोला ईरान- 'आंख के बदले आंख...'
मान नहीं रहे ट्रंप, अमेरिका ने लगातार 12वें दिन फिर किया हमला तो गुस्से में बोला ईरान- 'आंख के बदले आंख...'
Dhamaal 4 Box Office Day 13: 'धमाल 4' की कमाई में दूसरे बुधवार आई मंदी, लेकिन 2 करोड़ और कमाते ही बना देगी ये रिकॉर्ड
'धमाल 4' की कमाई में दूसरे बुधवार आई मंदी, लेकिन 2 करोड़ और कमाते ही बना देगी ये रिकॉर्ड
IND VS ZIM: 'वैभव सूर्यवंशी पर विरोधी टीमें निशाना साधेगी मगर...', मनिंदर सिंह का बड़ा बयान
IND VS ZIM: 'वैभव सूर्यवंशी पर विरोधी टीमें निशाना साधेगी मगर...', मनिंदर सिंह का बड़ा बयान
Delhi Weather: दिल्ली में आज छाए रहेंगे हल्के बादल, दिन में बारिश के आसार, जानें आज के मौसम का हाल
दिल्ली में आज छाए रहेंगे हल्के बादल, दिन में बारिश के आसार, जानें आज के मौसम का हाल
Mango City Of India: लखनऊ या पटना नहीं, बल्कि ये है भारत का असली 'आमों का शहर'! गर्मियों में जरूर बनाएं यहां का प्लान
लखनऊ या पटना नहीं, बल्कि ये है भारत का असली 'आमों का शहर'! गर्मियों में जरूर बनाएं यहां का प्लान
डोरबेल बजते ही टीवी पर दिखेगा लाइव वीडियो! Ring Doorbell Camera को Smart TV से ऐसे करें कनेक्ट
डोरबेल बजते ही टीवी पर दिखेगा लाइव वीडियो! Ring Doorbell Camera को Smart TV से ऐसे करें कनेक्ट
Embed widget