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क्या दिव्यांग भी कर सकते हैं अंतरिक्ष की यात्रा, कौन होगा दुनिया का पहला पैरा-एस्ट्रोनॉट
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने हाल ही में घोषणा की है कि शारीरिक रूप से अक्षम पहले अंतरिक्ष यात्री को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए मंजूरी मिल गई है.
अंतरिक्ष यात्री या एस्ट्रोनॉट बनना कोई बच्चों का खेल नहीं. एक अंतरिक्ष यात्री को स्पेस में रहने के लिए कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिसके लिए वे खुद को तैयार करते हैं. इतना ही नहीं, उन्हें शारीरिक और मानसिक बदलावों से भी गुजरना पड़ता है. इसलिए अंतरिक्ष यात्री बनने के लिए पूरी तरह फिट होना जरूरी है.
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ऐसे में हमारा सवाल यह है कि क्या एक फिट व्यक्ति ही अंतरिक्ष की यात्रा कर सकता है? या कोई दिव्यांग भी स्पेस में ट्रैवल कर सकता है और इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में रह सकता है? चलिए जानते हैं इसका जवाब.
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आमतौर पर यह माना जाता है कि एक अंतरिक्ष यात्री को पूरी तरह फिट और स्वस्थ्य होना चाहिए. हालांकि, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) ने इस सोच को बदल दिया है. उन्होंने एस्ट्रोनॉट की तरह ही पैरा-एस्ट्रोनॉट शब्द बनाया है. यह ऐसे अंतरिक्ष यात्रियों के लिए प्रयोग होगा, जो शारीरिक रूप से दिव्यांग होंगे.
Published at : 17 Feb 2025 04:15 PM (IST)
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