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खुद को गुदगुदी करने पर हंसी क्यों नहीं आती है? ये है इसकी वजह
शरीर के कुछ हिस्से ऐसे होते, जहां कोई गुदगुदी कर दे तो हमें हंसी आने लगती है. ऐसा सभी के साथ होता है. लेकिन, जब हम खुद को गुदगुदी करते हैं तो हंसी क्यों नहीं आती है? आइए इसके पीछे की वजह जानते हैं.
खुद को गुदगुदी करने पर हंसी क्यों नहीं आती?
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हंसी आना एक नेचुरल रिएक्शन है. वैज्ञानिकों का कहना है कि गुदगुदी के समय हमारा रिएक्शन खुद को सुरक्षित रखने की एक नेचरुल प्रक्रिया होती है. असल में अक्सर लोग अचानक से बिना बताए गुदगुदी करते हैं, इसलिए हमारा शरीर एक प्रकार से पैनिक में आ जाता है और हमें असहज महसूस होता है. इसी वजह से हम बेकाबू होकर हंसने लगते हैं.
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कुछ लोगों की हंसी तो तब भी छूट पड़ती है, अगर उनको पता है कि कोई उन्हें गुदगुदी करने वाला है. इस तरह किसी के छूने का डर ही आपको हंसी दिला देता है. यही कारण है कि कुछ लोगों को बस गुदगुदी करने के एक्शन मात्र से ही हंसी आ जाती है. दरअसल, गुदगुदी की पूरी प्रक्रिया सरप्राइज पर निर्भर करती है. जब भी कोई हमें अचानक से गुदगुदी करता है तो हमारा दिमाग उसके लिए तैयार नहीं होता है.
Published at : 16 Feb 2023 10:13 AM (IST)
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