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Nicotine Craving: सिगरेट का कश जाते ही क्यों मिट जाती है तलब, कैसे काम करता है निकोटीन?

Nicotine Craving: सिगरेट का एक कश लेते ही सारी तलब मिट जाती है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह और आखिर निकोटिन कैसे काम करता है.

Nicotine Craving: सिगरेट का एक कश लेते ही सारी तलब मिट जाती है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह और आखिर निकोटिन कैसे काम करता है.

Nicotine Craving: क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि सिगरेट पीने की तलब कितनी ज्यादा कंट्रोल के बाहर हो जाती है जब तक कि आप पहला कश नहीं लेते? दरअसल यह इच्छा शक्ति या फिर इत्तेफाक नहीं है, यह बायोलॉजी है जो काफी तेजी से काम कर रही है. आइए जानते हैं की सिगरेट का कश जाते ही तलब क्यों मिट जाती है.

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जब आप सिगरेट का धुआं अंदर लेते हैं तो निकोटिन फेफड़ों से खून में जाता है और सिर्फ 7 से 10 सेकंड के अंदर दिमाग तक पहुंच जाता है. यह स्पीड कई इंजेक्टेड ड्रग्स से भी ज्यादा तेज है. यही वजह है कि एक कश के बाद लगभग तुरंत ही आराम महसूस हो जाता है.
जब आप सिगरेट का धुआं अंदर लेते हैं तो निकोटिन फेफड़ों से खून में जाता है और सिर्फ 7 से 10 सेकंड के अंदर दिमाग तक पहुंच जाता है. यह स्पीड कई इंजेक्टेड ड्रग्स से भी ज्यादा तेज है. यही वजह है कि एक कश के बाद लगभग तुरंत ही आराम महसूस हो जाता है.
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दिमाग में पहुंचने के बाद निकोटिन निकोटीनिक एसिटाइलकोलाइन रिसेप्टर से जुड़ जाता है. यह रिसेप्टर स्विच की तरह काम करते हैं और केमिकल सिग्नल को ट्रिगर करते हैं. इन्हें दिमाग जरूरी समझता है.
दिमाग में पहुंचने के बाद निकोटिन निकोटीनिक एसिटाइलकोलाइन रिसेप्टर से जुड़ जाता है. यह रिसेप्टर स्विच की तरह काम करते हैं और केमिकल सिग्नल को ट्रिगर करते हैं. इन्हें दिमाग जरूरी समझता है.

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