India Nepal Dispute: भारत-नेपाल के बीच कब से चल रहा सीमा विवाद, रोटी-बेटी के रिश्ते वाले दोनों देश आमने-सामने क्यों?
India Nepal Dispute: भारत और नेपाल के बीच एक सीमा विवाद काफी लंबे समय से चला आ रहा है. आइए जानते हैं क्या है यह विवाद और क्या है इसके पीछे की वजह.

- नेपाल के पीएम ने कहा, दोनों देशों ने जमीन पर किया अतिक्रमण।
- 210 साल पुरानी सुगौली संधि सीमा विवाद की जड़।
- कालापानी, लिपुलेख, लिंपियाधुरा क्षेत्र विवाद का मुख्य बिंदु।
- कैलाश मानसरोवर मार्ग से भारत-नेपाल में नया तनाव।
India Nepal Dispute: भारत और नेपाल के बीच संबंधों को अक्सर रोटी बेटी के रिश्ते के तौर पर बताया जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक, धार्मिक और पारिवारिक जुड़ाव हैं. हालांकि इन करीबी संबंधों के बावजूद एक लंबे समय से चला आ रहा सीमा विवाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव पैदा करता है. यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया जब नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने नेपाली संसद के निचले सदन में कहा कि नेपाल और भारत दोनों ने एक दूसरे की जमीन पर अतिक्रमण किया है. इसी बीच आइए जानते हैं कि भारत और नेपाल के बीच सीमा विवाद कब से चला आ रहा है.
सीमा विवाद की जड़ें
भारत नेपाल सीमा विवाद की जड़ें करीब 210 साल पीछे 1816 में हुई सुगौली संधि में मिलती हैं. इस संधि के तहत काली नदी जिसे महाकाली नदी के नाम से भी जाना जाता है, को दोनों पक्षों के बीच सीमा के तौर पर स्वीकार किया गया था. हालांकि बाद में नदी के शुरुआती बिंदु को लेकर असहमति ही इस विवाद की मुख्य वजह बन गई.
कालापानी-लिपुलेख क्षेत्र सबसे बड़ा मुद्दा
सबसे बड़ा विवाद कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा क्षेत्र को लेकर है. यह भारत नेपाल चीन के तिराहे के पास स्थित है. भारत का यह कहना है कि कालीनदी का शुरुआती बिंदु कालापानी के पास होता है जिस वजह से यह क्षेत्र उत्तराखंड का हिस्सा बन जाता है. दूसरी तरफ नेपाल का यह दावा है कि नदी लिंपियाधुरा से शुरू होती है और इस वजह से यह पूरे क्षेत्र को अपना इलाका मानता है.
यह मुद्दा 2020 में तब और भी गंभीर हो गया जब भारत ने लिपुलेख तक जाने वाली एक सड़क का उद्घाटन किया. इसके बाद नेपाल ने एक नया राजनीतिक नक्शा जारी किया जिसमें इन विवादित क्षेत्रों को अपनी सीमाओं के अंदर दिखाया गया था.
यह भी पढ़ेंः क्या सादे कागज पर लिखी वसीयत कोर्ट में होती है वैलिड, जान लीजिए कानून?
सुस्ता क्षेत्र विवाद
एक और विवादित क्षेत्र सुस्ता है. यह बिहार सीमा के पास स्थित है. ऐसा कहा जाता है कि यह विवाद इस वजह से पैदा हुआ था क्योंकि समय के साथ नारायणी नदी ने अपना रास्ता बदल लिया. नेपाल के मुताबिक सुगौली संधि के तहत यह क्षेत्र मूल रूप से उसका था. लेकिन नदी का रास्ता बदलने से बाद में क्षेत्रीय दावों को लेकर पेचीदगियां पैदा हो गई.
कैलाश मानसरोवर मार्ग से नया तनाव
इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब भारत और चीन ने इस तीर्थ यात्रा मार्ग को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई. नेपाल ने इस फैसले पर आपत्ति जताई और कथित तौर पर राजनयिक विरोध दर्ज कराया. नेपाल का यह तर्क है कि अगर यह रास्ता विवादित क्षेत्र से होकर गुजरता है तो नेपाल की मंजूरी के बिना इस तरह का आवागमन नहीं हो सकता.
यह भी पढ़ेंः संबंध बनाकर आशिक को जिंदा जला डालती थी ये रानी, रात बिताने के लिए लड़कों को करना पड़ता था युद्ध
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL

























