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एक ट्रेन में क्यों लगाए जाते हैं दो-दो इंजन, कैसे किया जाता है इन्हें कंट्रोल?
Why Two Engines Fitted To A Train: आपने देखा होगा कि किसी ट्रेन के आगे-पीछे दो-दो इंजन लगे होते हैं, लेकिन क्या आपने सोचा है ऐसा क्यों? क्या एक इंजन काफी नहीं होता है. चलिए जानते हैं.
जब आप किसी ट्रेन या मालगाड़ी को ट्रैक पर दो इंजनों के साथ गुजरते देखते हैं, तो अक्सर दिमाग में सवाल आता है कि आखिर दो इंजन की जरूरत क्यों पड़ती है? क्या एक इंजन पूरी ट्रेन को खींच नहीं सकता? इसका जवाब सीधा है, ट्रेन जितनी भारी और लंबी होती है, उसे खींचने के लिए उतनी ही ज्यादा ताकत की जरूरत होती है, और यही ताकत मिलती है डबल इंजन सिस्टम से. चलिए जानें कि इसे कैसे कंट्रोल किया जाता है.
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भारतीय रेलवे में जब किसी ट्रेन में दो इंजन लगाए जाते हैं, तो इसे मल्टीपल यूनिट ऑपरेशन कहा जाता है. इसका इस्तेमाल खासकर उन ट्रेनों में किया जाता है जो बहुत लंबी दूरी तय करती हैं या जिनका वजन ज्यादा होता है, जैसे मालगाड़ियां, पहाड़ी रूट की ट्रेनें, या फिर लंबे सफर की सुपरफास्ट ट्रेनें.
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अब सवाल यह उठता है कि अगर दो इंजन लगाए गए हैं, तो क्या दोनों को अलग-अलग ड्राइवर चलाते हैं? इसका जवाब है- नहीं. दोनों इंजन एक ही ड्राइवर के कंट्रोल में होते हैं.
Published at : 29 Oct 2025 04:36 PM (IST)
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