एक्सप्लोरर

चुकंदर से कैसे बनती है चीनी, 1 किलो में कितनी बनेगी?

चीनी के बढ़े दामों के बीच लोगों ने अब इसके विकल्प तलाशने शुरू कर दिए हैं. इसका एक विकल्प चुकंदर से बनी चीनी भी हो सकती है. आइए समझें कि 1 किलो चुकंदर से कितनी चीनी बनेगी.

चीनी के बढ़े दामों के बीच लोगों ने अब इसके विकल्प तलाशने शुरू कर दिए हैं. इसका एक विकल्प चुकंदर से बनी चीनी भी हो सकती है. आइए समझें कि 1 किलो चुकंदर से कितनी चीनी बनेगी.

त्योहारी सीजन के दस्तक के साथ मिठाइयों की मिठास पर खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि चीनी के दाम बढ़े हुए हैं. भारत दुनिया में दूसरा चीनी का सबसे बड़ा उत्पादक देश है, लेकिन आज ये हालत है कि बाहर से चीनी इंपोर्ट करने की जरूरत पड़ गई है. लेकिन शायद यह बात बहुत कम लोग जानते हों कि गन्ने के अलावा चुकंदर से विश्व में 20% चीनी बनाई जाती है. तो चलिए समझें कि 1 किलो चुकंदर से कितनी चीनी बनेगी.

1/9
आमतौर पर हम बाजार में जो लाल रंग का चुकंदर सलाद के रूप में देखते हैं, उससे बड़े पैमाने पर चीनी नहीं बनाई जाती है. इसके लिए खास किस्म के सफेद चुकंदर की खेती की जाती है. इस विशेष चुकंदर की जड़ों में सुक्रोज की मात्रा करीब 14% से 16% तक होती है.
आमतौर पर हम बाजार में जो लाल रंग का चुकंदर सलाद के रूप में देखते हैं, उससे बड़े पैमाने पर चीनी नहीं बनाई जाती है. इसके लिए खास किस्म के सफेद चुकंदर की खेती की जाती है. इस विशेष चुकंदर की जड़ों में सुक्रोज की मात्रा करीब 14% से 16% तक होती है.
2/9
कारखानों में जब इसे बनाया जाता है, तो सभी प्रक्रियाओं के बाद 13% से 15% की रिकवरी दर प्राप्त होती है. इसका मतलब है कि 1 किलोग्राम शुगर बीट से लगभग 130 से 150 ग्राम तक शुद्ध सफेद चीनी तैयार की जा सकती है. बाकी बचा हुआ हिस्सा पानी, रेशेदार गूदा और मोलेसिस के रूप में अलग निकल जाता है.
कारखानों में जब इसे बनाया जाता है, तो सभी प्रक्रियाओं के बाद 13% से 15% की रिकवरी दर प्राप्त होती है. इसका मतलब है कि 1 किलोग्राम शुगर बीट से लगभग 130 से 150 ग्राम तक शुद्ध सफेद चीनी तैयार की जा सकती है. बाकी बचा हुआ हिस्सा पानी, रेशेदार गूदा और मोलेसिस के रूप में अलग निकल जाता है.
3/9
खेतों से जब चुकंदर की जड़ें फैक्ट्रियों तक पहुंचती हैं, तो सबसे पहले उनकी अच्छे से सफाई की जाती है. इसे ठीक से पानी से धोकर जड़ों पर चिपकी मिट्टी, कंकड़ और अशुद्धियों को पूरी तरह साफ किया जाता है. इसके बाद मशीनों की मदद से इन्हें बहुत बारीक और पतली पट्टियों में काटा जाता है.
खेतों से जब चुकंदर की जड़ें फैक्ट्रियों तक पहुंचती हैं, तो सबसे पहले उनकी अच्छे से सफाई की जाती है. इसे ठीक से पानी से धोकर जड़ों पर चिपकी मिट्टी, कंकड़ और अशुद्धियों को पूरी तरह साफ किया जाता है. इसके बाद मशीनों की मदद से इन्हें बहुत बारीक और पतली पट्टियों में काटा जाता है.
4/9
इन कटे हुए पतले टुकड़ों को तकनीकी भाषा में कॉसेट कहा जाता है. पतले टुकड़ों में काटने से जड़ों के अंदर मौजूद मीठे रस को बाहर निकालना बेहद आसान हो जाता है. कटे हुए चुकंदर के टुकड़ों से मीठा रस निकालने के लिए उन्हें बड़े-बड़े टैंकों में डाला जाता है.
इन कटे हुए पतले टुकड़ों को तकनीकी भाषा में कॉसेट कहा जाता है. पतले टुकड़ों में काटने से जड़ों के अंदर मौजूद मीठे रस को बाहर निकालना बेहद आसान हो जाता है. कटे हुए चुकंदर के टुकड़ों से मीठा रस निकालने के लिए उन्हें बड़े-बड़े टैंकों में डाला जाता है.
5/9
इन टैंकों में तेजी से बहता हुआ गर्म पानी मिलाया जाता है. गर्म पानी का तापमान चुकंदर की कोशिकाओं को खोल देता है, जिससे उनके भीतर छिपा सारा प्राकृतिक सुक्रोज बिना किसी दबाव के आसानी से पानी में घुल जाता है. इस चरण के अंत में शर्करा से युक्त मीठा घोल अलग हो जाता है और चुकंदर का सूखा गूदा बाहर निकाल लिया जाता है.
इन टैंकों में तेजी से बहता हुआ गर्म पानी मिलाया जाता है. गर्म पानी का तापमान चुकंदर की कोशिकाओं को खोल देता है, जिससे उनके भीतर छिपा सारा प्राकृतिक सुक्रोज बिना किसी दबाव के आसानी से पानी में घुल जाता है. इस चरण के अंत में शर्करा से युक्त मीठा घोल अलग हो जाता है और चुकंदर का सूखा गूदा बाहर निकाल लिया जाता है.
6/9
डिफ्यूजर से निकले कच्चे रस में कई तरह की कार्बनिक अशुद्धियां, फाइबर और गंदगियां मौजूद होती हैं. इन्हें साफ करने के लिए रस में चूने का पानी मिलाया जाता है और साथ ही कार्बन डाइऑक्साइड गैस प्रवाहित की जाती है.
डिफ्यूजर से निकले कच्चे रस में कई तरह की कार्बनिक अशुद्धियां, फाइबर और गंदगियां मौजूद होती हैं. इन्हें साफ करने के लिए रस में चूने का पानी मिलाया जाता है और साथ ही कार्बन डाइऑक्साइड गैस प्रवाहित की जाती है.
7/9
इस रासायनिक प्रक्रिया से अशुद्धियां आपस में चिपक कर भारी कण बन जाती हैं और नीचे बैठ जाती हैं. इसके बाद इस मिश्रण को फिल्टर मशीनों से छानकर एकदम साफ और पारदर्शी मीठा रस हासिल कर लिया जाता है.
इस रासायनिक प्रक्रिया से अशुद्धियां आपस में चिपक कर भारी कण बन जाती हैं और नीचे बैठ जाती हैं. इसके बाद इस मिश्रण को फिल्टर मशीनों से छानकर एकदम साफ और पारदर्शी मीठा रस हासिल कर लिया जाता है.
8/9
सफाई के बाद मिले रस में पानी का अनुपात बहुत ज्यादा होता है. इसे गाढ़ा करने के लिए बड़े वैक्यूम बर्तनों में गर्म करके उबाला जाता है, जिससे अतिरिक्त पानी भाप बनकर उड़ जाता है और रस एक गाढ़ी चाशनी का रूप ले लेता है.
सफाई के बाद मिले रस में पानी का अनुपात बहुत ज्यादा होता है. इसे गाढ़ा करने के लिए बड़े वैक्यूम बर्तनों में गर्म करके उबाला जाता है, जिससे अतिरिक्त पानी भाप बनकर उड़ जाता है और रस एक गाढ़ी चाशनी का रूप ले लेता है.
9/9
इस चाशनी को और अधिक गर्म करके उसमें चीनी के बारीक क्रिस्टल बीज के रूप में डाले जाते हैं. इससे चाशनी में चीनी के दाने बनने शुरू हो जाते हैं. इसके बाद हाई-स्पीड सेंट्रीफ्यूज मशीन से तेजी से घुमाकर चीनी के सफेद दानों को बचे हुए शीरे से अलग कर लिया जाता है. अंत में इन दानों को सुखाकर नमी मुक्त किया जाता है और थैलियों में पैक कर दिया जाता है.
इस चाशनी को और अधिक गर्म करके उसमें चीनी के बारीक क्रिस्टल बीज के रूप में डाले जाते हैं. इससे चाशनी में चीनी के दाने बनने शुरू हो जाते हैं. इसके बाद हाई-स्पीड सेंट्रीफ्यूज मशीन से तेजी से घुमाकर चीनी के सफेद दानों को बचे हुए शीरे से अलग कर लिया जाता है. अंत में इन दानों को सुखाकर नमी मुक्त किया जाता है और थैलियों में पैक कर दिया जाता है.

जनरल नॉलेज फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola
Advertisement
Advertisement
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

अगर डिटेन कर ले पुलिस तो किन बातों का रखें ख्याल?
अगर डिटेन कर ले पुलिस तो किन बातों का रखें ख्याल?
कहां चल रहा कैप्टन मच्छार का इलाज, कौन उठा रहा इसका खर्च?
कहां चल रहा कैप्टन मच्छार का इलाज, कौन उठा रहा इसका खर्च?
परमाणु हमले में भी क्यों नहीं मरते कॉकरोच, कैसे रहते हैं जिंदा?
परमाणु हमले में भी क्यों नहीं मरते कॉकरोच, कैसे रहते हैं जिंदा?
बिना इजाजत प्रदर्शन करने पर क्या CJP पर चल सकता है मुकदमा, जानें नियम?
बिना इजाजत प्रदर्शन करने पर क्या CJP पर चल सकता है मुकदमा, जानें नियम?
Advertisement

वीडियोज

CJP का 'चलो दिल्ली' मार्च...पूरी तरह फ्लॉप!
फसल तबाह...कौन देगा सहारा? महाराष्ट्र से राजस्थान...परेशान किसान
'वोट चोरी' पर सियासत...हल है हिरासत!
सख्ती का असर...'जंतर-मंतर 2.0' बेअसर!
SIR पर लड़ाई...मीर जाफर तक कैसे आई? बड़ा विश्लेषण

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, 5 की मौत; 10 घर-20 दुकानों को किया आग के हवाले
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, 5 की मौत; 10 घर-20 दुकानों को किया आग के हवाले
जंतर-मंतर का प्रोटेस्ट सफल रहा? प्रशांत किशोर का बड़ा बयान
जंतर-मंतर का प्रोटेस्ट सफल रहा? प्रशांत किशोर का बड़ा बयान
रणजी ट्रॉफी में कुल कितनी टीमें हिस्सा लेती हैं? इस बार क्या है नया; जानें A टू Z डिटेल्स
रणजी ट्रॉफी में कुल कितनी टीमें हिस्सा लेती हैं? इस बार क्या है नया; जानें A टू Z डिटेल्स
'एक बार तो जेल जाना है...', मुंबई प्रोटेस्ट में एक्टर इमरान खान हुए डिटेन, साथ में दिखीं गर्लफ्रेंड
'एक बार तो जेल जाना है...', मुंबई प्रोटेस्ट में एक्टर इमरान खान हुए डिटेन, साथ में दिखीं गर्लफ्रेंड
CJP का चौंकाने वाला दावा, '10 घंटे हो गए, कहां हैं अभिजीत दीपके?'
CJP का चौंकाने वाला दावा, '10 घंटे हो गए, कहां हैं अभिजीत दीपके?'
'संदेह नहीं सबूत', चुनाव आयोग के बचाव में उतरे 124 नौकरशाह, लिखा ओपन लेटर
'संदेह नहीं सबूत', चुनाव आयोग के बचाव में उतरे 124 नौकरशाह, लिखा ओपन लेटर
धमाके से दहला सऊदी का रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दो दिन पहले अटैक में 3 की हुई थी मौत
धमाके से दहला सऊदी का रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दो दिन पहले अटैक में 3 की हुई थी मौत
दुनिया के टॉप 25 बिजनेस स्कूल में भारत के 4 संस्थान, इन कॉलेजों ने बनाई जगह
दुनिया के टॉप 25 बिजनेस स्कूल में भारत के 4 संस्थान, इन कॉलेजों ने बनाई जगह
Embed widget