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बिना बिजली के चलती थी दुनिया की पहली लिफ्ट, जानिए इसे बनाने में कितने रुपये हुए थे खर्च?
दुनिया की पहली कमर्शियल लिफ्ट बिजली से नहीं चलती थी. एलिशा ओटिस के सुरक्षा लॉक की तकनीक से बनी इस मशीन ने आधुनिक ऊंची इमारतों का रास्ता साफ किया. आइए जानें इसे बनाने में कितना रुपया लगा था.
आज हम गगनचुंबी इमारतों में लिफ्ट का इस्तेमाल इतनी सहजता से करते हैं कि हमें इसके पीछे के संघर्ष का अंदाजा भी नहीं होता है, लेकिन एक दौर ऐसा था जब लोग ऊंची मंजिलों पर जाने से घबराते थे. 169 साल पहले, जब दुनिया में बिजली का नामोनिशान नहीं था, तब न्यूयॉर्क की एक इमारत में दुनिया की पहली कमर्शियल पैसेंजर लिफ्ट लगाई गई थी. यह करंट से नहीं बल्कि भाप से चलती थी, जिसने इंसानी सभ्यता के लिए स्काईस्क्रेपर्स का रास्ता खोल दिया.
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अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में स्थित ब्रॉडवे के 'ई.वी. हॉगवॉट डिपार्टमेंट स्टोर' (E.V. Haughwout Store) में 23 मार्च 1857 को दुनिया की पहली यात्री लिफ्ट स्थापित की गई थी. उस समय पांच मंजिला यह इमारत न्यूयॉर्क की सबसे आधुनिक इमारतों में से एक मानी जाती थी.
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इस लिफ्ट को बनाने और स्थापित करने में उस दौर के हिसाब से लगभग 2,500 डॉलर यानि 2,29,975 रुपये खर्च हुए थे. हालांकि आज यह राशि कम लग सकती है, लेकिन 19वीं सदी के मध्य में यह एक बहुत बड़ी पूंजी थी, जो भविष्य की तकनीक पर लगाया गया एक साहसी दांव था.
Published at : 12 Mar 2026 07:09 AM (IST)
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