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US Visa Bond 2026: क्या भारत के लोगों को भी खरीदना होगा अमेरिका वीजा बॉन्ड, इसके लिए कितने रुपये जेब में होना जरूरी?

US Visa Bond 2026: हाल ही में अमेरिका ने वीजा का नया नियम लागू किया है. आइए जानते हैं इस नियम का भारत पर कैसे पड़ेगा असर.

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  • 2 अप्रैल 2026 से 50 देशों के लिए $15000 तक का वीजा बॉन्ड.
  • भारतीय नागरिकों पर फिलहाल इस नियम का असर नहीं पड़ेगा.
  • वीजा बॉन्ड यात्रा नियमों के पालन के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट है.
  • भारत उन देशों में शामिल नहीं जहाँ ओवरस्टे के मामले अधिक हैं.

US Visa Bond 2026: अमेरिका ने वीजा का एक नया नियम लागू किया है. इस नियम ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है. 2 अप्रैल 2026 से लगभग 50 देश के नागरिकों को B1 या B2 वीजा लेने के लिए पहले $15000 तक का वीजा बॉन्ड जमा करना होगा. इस कदम ने भारत में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. क्या भारतीय यात्रियों को भी सिर्फ अमेरिका घूमने के लिए लाखों रुपए तैयार रखना होंगे? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.

क्या भारतीय नागरिकों पर इसका असर पड़ेगा? 

इसका सीधा सा जवाब है, नहीं. फिलहाल भारतीय नागरिकों को इस नई पॉलिसी में शामिल नहीं किया गया है. यह नियम मुख्य रूप से उन देशों पर लागू होता है जहां वीजा ओवरस्टे के मामले ज्यादा हैं. क्योंकि भारत इस लिस्ट में शामिल नहीं है इस वजह से भारतीय आवेदक बिना किसी अतिरिक्त बॉन्ड की शर्त के मौजूदा सिस्टम के तहत ही अमेरिका के वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं.

वीजा बॉन्ड असल में क्या है?

वीजा बॉन्ड कोई फीस नहीं है. यह एक सिक्योरिटी डिपाजिट है. इसका मकसद इस बात को पक्का करना है कि यात्री वीजा के नियमों का पालन करें और समय पर अपने देश लौट जाएं.  अगर यात्री सभी शर्तों का पालन करते हैं तो पूरी रकम वापस कर दी जाती है. अगर ऐसा नहीं होता तो यह पैसा जब्त किया जा सकता है. 

कितनी रकम की जरूरत होगी? 

जिन देशों के नागरिकों पर यह नियम लागू होता है उनके लिए बॉन्ड के रकम $5000 से $15000 के बीच होती है. भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग 4.5 लाख रुपये से 13.6 लाख रुपये के बराबर होती है. यह रकम पहले से तय नहीं होती. वीजा अधिकारी इंटरव्यू के दौरान आवेदक की प्रोफाइल और उससे जुड़े सभी संभावित जोखिमों को देखते हुए इस रकम को तय करते हैं. 

 किन के लिए यह नियम लागू?

यह नियम सिर्फ कुछ चुनिंदा देशों पर ही लागू होता है. इनमें दक्षिण एशिया के कुछ देश जैसे बांग्लादेश नेपाल और भूटान के साथ-साथ अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के कुछ देश में शामिल हैं. इस पॉलिसी का मकसद अवैध रूप से ज्यादा समय तक देश में रुके रहने की घटनाओं को कम करना और वीजा के नियमों को बेहतर तरीके से पालन करवाना है. 

कैसे होगी यह रकम जमा?

जो आवेदक इस नियम के दायरे में आते हैं उन्हें अमेरिका की सरकार के आधिकारिक पेमेंट सिस्टम जैसे pay.gov के जरिए इस रकम को जमा करना होगा. यह एक औपचारिक और ट्रैक की जा सकने वाली प्रक्रिया है. 

भारतीय नागरिकों के लिए यह अपडेट राहत की बात है. फिलहाल उन पर कोई भी अतिरिक्त फाइनेंशियल बोझ नहीं है और यूनाइटेड स्टेट्स जाने की उनकी यात्रा योजनाएं वैसे ही बनी हुई हैं.

यह भी पढ़ें: जिसे CSK ने 2 करोड़ में खरीदा वो खिलाड़ी हुआ IPL से बाहर, क्या अब भी मिलेगी पूरी रकम?

स्पर्श गोयल एबीपी लाइव के साथ कंटेंट राइटर के तौर पर जुड़े हुए हैं. वह जनरल नॉलेज बीट की जिम्मेदारी संभालते हैं. कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में उन्हें चार साल का अनुभव है. एबीपी से पहले वह डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद में करीब दो साल तक काम कर चुके हैं. उन्होंने नमस्कार भारत से अपने करियर की शुरुआत की थी. .

वह अलग-अलग विषयों पर रिसर्च करके पाठकों के लिए जानकारी को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण अंदाज में पेश करते हैं. उन्होंने न्यूज राइटिंग के साथ-साथ स्क्रीनराइटिंग में भी अपनी पकड़ मजबूत की.

उन्होंने मां शाकुम्भरी यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. इसके साथ उन्होंने एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलिविजन से स्क्रीनप्ले का डिप्लोमा भी हासिल किया है.

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