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15 दिन बाद कम हो जाएगा GST, जानें व्हिस्की-रम और बियर की कीमतों पर कितना पड़ेगा असर?

GST 2.0 15 दिन बाद लागू होने वाला है. इस नए सिस्टम में कई रोजमर्रा की चीजों पर टैक्स कम होगा. ऐसे में चलिए जानते हैं कि व्हिस्की-रम और बियर की कीमतों पर क्या और कितना असर पड़ेगा?

GST 2.0 15 दिन बाद लागू होने वाला है. इस नए सिस्टम में कई रोजमर्रा की चीजों पर टैक्स कम होगा. ऐसे में चलिए जानते हैं कि व्हिस्की-रम और बियर की कीमतों पर क्या और कितना असर पड़ेगा?

केंद्र सरकार ने हाल ही में घोषणा की है कि 22 सितंबर 2025 से GST में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं. इसे GST 2.0 का नाम दिया गया है. इस नए सिस्टम में कई रोजमर्रा की चीजों पर टैक्स कम होगा, लेकिन सवाल यह है कि व्हिस्की, रम और बियर जैसी शराब की कीमतों पर इसका क्या असर पड़ेगा? तो चलिए इस सवाल का जवाब जानते हैं.

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GST काउंसिल ने हाल ही में टैक्स स्लैब को सरल करने का फैसला किया है. जिसके तहत GST के पहले चार स्लैब 5%, 12%, 18% और 28% की जगह अब दो मुख्य स्लैब 5% और 18% कर दिया जा रहा है.
GST काउंसिल ने हाल ही में टैक्स स्लैब को सरल करने का फैसला किया है. जिसके तहत GST के पहले चार स्लैब 5%, 12%, 18% और 28% की जगह अब दो मुख्य स्लैब 5% और 18% कर दिया जा रहा है.
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साथ ही कुछ खास सामान के लिए 40% का नया स्लैब बनाया गया है. इस 40% स्लैब में तंबाकू, पान मसाला और कोल्ड ड्रिंक्स जैसे सामान शामिल हैं. लेकिन शराब के लिए अभी भी कोई सीधा GST लागू नहीं होगा.
साथ ही कुछ खास सामान के लिए 40% का नया स्लैब बनाया गया है. इस 40% स्लैब में तंबाकू, पान मसाला और कोल्ड ड्रिंक्स जैसे सामान शामिल हैं. लेकिन शराब के लिए अभी भी कोई सीधा GST लागू नहीं होगा.
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शराब को GST के दायरे से बाहर रखा गया है क्योंकि यह राज्य सरकारों के लिए आय का बड़ा स्रोत है. देश भर में शराब पर लगने वाले टैक्स से राज्य सरकारों को हर साल करोड़ों रुपये की कमाई होती है. इसीलिए केंद्र और राज्य सरकारों ने शराब को GST से बाहर रखने का फैसला किया. इसके बजाय, शराब पर राज्य सरकारें वैट और एक्साइज ड्यूटी लगाती हैं.
शराब को GST के दायरे से बाहर रखा गया है क्योंकि यह राज्य सरकारों के लिए आय का बड़ा स्रोत है. देश भर में शराब पर लगने वाले टैक्स से राज्य सरकारों को हर साल करोड़ों रुपये की कमाई होती है. इसीलिए केंद्र और राज्य सरकारों ने शराब को GST से बाहर रखने का फैसला किया. इसके बजाय, शराब पर राज्य सरकारें वैट और एक्साइज ड्यूटी लगाती हैं.
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व्हिस्की, रम और बियर की कीमतों पर असर की बात की जाए तो हालांकि, शराब पर सीधे तौर पर GST लागू नहीं है, लेकिन इसके प्रोडक्शन में इस्तेमाल होने वाली चीजों जैसे कांच की बोतलें, पैकेजिंग मटेरियल और ट्रांसपोर्टेशन पर GST लागू होता है.
व्हिस्की, रम और बियर की कीमतों पर असर की बात की जाए तो हालांकि, शराब पर सीधे तौर पर GST लागू नहीं है, लेकिन इसके प्रोडक्शन में इस्तेमाल होने वाली चीजों जैसे कांच की बोतलें, पैकेजिंग मटेरियल और ट्रांसपोर्टेशन पर GST लागू होता है.
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नए GST 2.0 के तहत कई सामानों पर टैक्स कम हो रहा है. उदाहरण के लिए, सीमेंट और ऑटो पार्ट्स जैसे सामानों पर टैक्स 28% से घटकर 18% हो जाएगा. इससे शराब की पैकेजिंग और ट्रांसपोर्टेशन की लागत में कमी आ सकती है
नए GST 2.0 के तहत कई सामानों पर टैक्स कम हो रहा है. उदाहरण के लिए, सीमेंट और ऑटो पार्ट्स जैसे सामानों पर टैक्स 28% से घटकर 18% हो जाएगा. इससे शराब की पैकेजिंग और ट्रांसपोर्टेशन की लागत में कमी आ सकती है
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लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि व्हिस्की, रम या बियर की कीमतें एकदम से कम हो जाएंगी. उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पैकेजिंग और ट्रांसपोर्ट की लागत कम होती है, तो शराब कंपनियां इस बचत का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचा सकती हैं.
लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि व्हिस्की, रम या बियर की कीमतें एकदम से कम हो जाएंगी. उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पैकेजिंग और ट्रांसपोर्ट की लागत कम होती है, तो शराब कंपनियां इस बचत का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचा सकती हैं.
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अनुमान के मुताबिक, अगर पैकेजिंग और ट्रांसपोर्टेशन की लागत 10-15% कम होती है, तो व्हिस्की, रम और बियर की कीमतों में मामूली कमी देखने को मिल सकती है. लेकिन यह कमी हर राज्य में अलग-अलग होगी, क्योंकि वैट और एक्साइज ड्यूटी हर जगह अलग है.
अनुमान के मुताबिक, अगर पैकेजिंग और ट्रांसपोर्टेशन की लागत 10-15% कम होती है, तो व्हिस्की, रम और बियर की कीमतों में मामूली कमी देखने को मिल सकती है. लेकिन यह कमी हर राज्य में अलग-अलग होगी, क्योंकि वैट और एक्साइज ड्यूटी हर जगह अलग है.

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