12 साल की उम्र में ही प्रतीक ने किया था प्रपोज, इंग्लैंड से पढ़कर आईं अपर्णा यादव, जानें जिंदगी के बारे में सबकुछ
Aparna Yadav Profile: अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव ने उनसे तलाक़ की घोषणा की है जिसके बाद दोनों सुर्खियों में आ गए हैं. दोनों की ओर से अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई हैं.

सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी अपर्णा यादव से तलाक़ की घोषणा की हैं. सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्होंने अपर्णा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने अपर्णा को स्वार्थी महिला बताया और उनके परिवार को तोड़ने का आरोप लगाया. यहीं नहीं उन्होंने यहां तक रह दिया कि वो सिर्फ मशहूर होना चाहती हैं. इस पोस्ट के बाद अपर्णा को लेकर कई तरह के क़यास लगने शुरू हो गए हैं.
अपर्णा यादव मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे प्रतीक यादव की पत्नी और उनकी छोटी बहू हैं. अपर्णा का जन्म 5 फरवरी 1990 को हुआ था, उनके पिता का नाम अरविंद सिंह बिष्ट है जो पेशे से पत्रकार थे और मां अंबी बिष्ट लखनऊ नगर निगम में अधिकारी हैं. सपा सरकार में अरविंद सिंह सूचना आयुक्त भी रह चुके हैं.
12 साल की उम्र में प्रतीक ने किया था प्रपोज़
अपर्णा यादव यादव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा लखनऊ के ही लोरेटो कॉन्वेंट इंटरमीडिएट कॉलेज से की. प्रतीक यादव भी इसी स्कूल में पढ़ते थे, जहां दोनों की मुलाक़ात हुआ. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो प्रतीक ने महज 12 साल की उम्र में ही अपर्णा को प्रपोज़ कर दिया था. उन्होंने ईमेल के जरिए अपर्णा को प्रस्ताव दिया. जिसके बाद दोनों की दोस्ती हो गई.
स्कूली शिक्षा के बाद अपर्णा ने इंग्लैंड की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन एंड पॉलिटिक्स में मास्टर की डिग्री ली. इस बीच वो लगातार प्रतीक यादव के संपर्क में रहीं. अपर्णा यादव ने शास्त्रीय संगीत का भी अध्ययन किया है और वो प्रशिक्षित गायिका भी है.
साल 2011 में प्रतीक-अपर्णा की हुई शादी
करीब एक दशक के बाद साल 2011 में दोनों शादी करने का फैसला लिया. सैफई में बेहद भव्य शादी हुई, जिसमें कई बड़ी राजनीति और फिल्मी जगत की हस्तियां शामिल हुईं. जिसके बाद वो यूपी के सबसे बड़े सियासी परिवार का हिस्सा बन गईं. दोनों की दो बेटियां हैं. प्रतीक यादव की राजनीति में कोई रुचि नहीं है वो अपनी बिज़नेस संभालते हैं वहीं अपर्णा राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं.
समाजवादी पार्टी ने अपर्णा यादव को साल 2017 में वो लखनऊ की कैंट सीट पर टिकट दिया लेकिन, उन्हें बीजेपी के हाथों हार का सामना करना पड़ा. साल 2022 विधानसभा चुनाव से पहले वो सपा छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं. बीजेपी में शामिल होने के बाद भाजपा ने सितंबर 2024 में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी और राज्य महिला आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया.
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