एक्सप्लोरर

जमीन के अंदर कितने समय में बनकर तैयार होता है कच्चा तेल? जानें धरती के ‘काले सोने’ का रहस्य

कच्चा तेल बनने की कहानी करोड़ों साल पुरानी है. जमीन और समुद्र की गहराइयों में दबे ये अवशेष जब भारी दबाव और एक निश्चित तापमान के संपर्क में आते हैं तब इसकी शुरुआत होती है.

कच्चा तेल बनने की कहानी करोड़ों साल पुरानी है. जमीन और समुद्र की गहराइयों में दबे ये अवशेष जब भारी दबाव और एक निश्चित तापमान के संपर्क में आते हैं तब इसकी शुरुआत होती है.

हजारों फीट नीचे गहराइयों में छिपा 'काला सोना' यानी कच्चा तेल रातों-रात बनकर तैयार नहीं होता. हम आज जिस पेट्रोल या डीजल का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसे बनने की शुरुआत तब हुई होगी, जब धरती पर इंसानों का नामोनिशान भी नहीं था. यह प्रकृति की एक ऐसी जटिल और बेहद धीमी रसोई है, जहां मृत समुद्री जीवों और पेड़-पौधों को ईंधन में बदलने के लिए लाखों सालों का धैर्य और जबरदस्त भूगर्भीय दबाव काम करता है.

1/7
कच्चा तेल यानी क्रूड ऑयल असल में प्रकृति का वह उपहार है जिसे तैयार होने में 10 लाख से लेकर 10 करोड़ साल तक का लंबा समय लग जाता है. यह कोई साधारण प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसे एक जीवाश्म ईंधन माना जाता है क्योंकि यह मृत जीवों के अवशेषों से बनता है.
कच्चा तेल यानी क्रूड ऑयल असल में प्रकृति का वह उपहार है जिसे तैयार होने में 10 लाख से लेकर 10 करोड़ साल तक का लंबा समय लग जाता है. यह कोई साधारण प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसे एक जीवाश्म ईंधन माना जाता है क्योंकि यह मृत जीवों के अवशेषों से बनता है.
2/7
जब समुद्र के सूक्ष्म जीव और वनस्पति मरकर तलहटी में जमा हो जाते हैं, तो उनके ऊपर रेत और मिट्टी की परतें चढ़ती जाती हैं. समय के साथ ये परतें चट्टानों का रूप ले लेती हैं और फिर शुरू होता है कुदरत का असली करिश्मा.
जब समुद्र के सूक्ष्म जीव और वनस्पति मरकर तलहटी में जमा हो जाते हैं, तो उनके ऊपर रेत और मिट्टी की परतें चढ़ती जाती हैं. समय के साथ ये परतें चट्टानों का रूप ले लेती हैं और फिर शुरू होता है कुदरत का असली करिश्मा.
3/7
मिट्टी और चट्टानों की परतों के नीचे दबे इन अवशेषों पर जब ऊपरी सतह का भारी बोझ पड़ता है, तो वहां ऑक्सीजन खत्म हो जाती है. बिना ऑक्सीजन वाली इस जगह पर भारी दबाव और धरती की आंतरिक गर्मी मिलकर एक खास रासायनिक क्रिया को अंजाम देते हैं.
मिट्टी और चट्टानों की परतों के नीचे दबे इन अवशेषों पर जब ऊपरी सतह का भारी बोझ पड़ता है, तो वहां ऑक्सीजन खत्म हो जाती है. बिना ऑक्सीजन वाली इस जगह पर भारी दबाव और धरती की आंतरिक गर्मी मिलकर एक खास रासायनिक क्रिया को अंजाम देते हैं.
4/7
वैज्ञानिकों के अनुसार, जब तापमान 80 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने लगता है, तभी यह कार्बनिक कचरा धीरे-धीरे हाइड्रोकार्बन में बदलना शुरू होता है. यही हाइड्रोकार्बन आगे चलकर कच्चे तेल का रूप ले लेता है, जिसे हम रिफाइन करके इस्तेमाल करते हैं.
वैज्ञानिकों के अनुसार, जब तापमान 80 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने लगता है, तभी यह कार्बनिक कचरा धीरे-धीरे हाइड्रोकार्बन में बदलना शुरू होता है. यही हाइड्रोकार्बन आगे चलकर कच्चे तेल का रूप ले लेता है, जिसे हम रिफाइन करके इस्तेमाल करते हैं.
5/7
कच्चा तेल बनने की प्रक्रिया में तापमान का संतुलन बहुत जरूरी होता है. अगर जमीन के अंदर की गर्मी एक निश्चित सीमा से ज्यादा बढ़ जाए, तो तेल का स्वरूप बदल जाता है. आमतौर पर 100 से 120 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान पर कच्चा तेल सुरक्षित रहता है, लेकिन जैसे ही तापमान इस स्तर को पार करता है, यह तेल प्राकृतिक गैस यानी नेचुरल गैस में तब्दील होने लगता है.
कच्चा तेल बनने की प्रक्रिया में तापमान का संतुलन बहुत जरूरी होता है. अगर जमीन के अंदर की गर्मी एक निश्चित सीमा से ज्यादा बढ़ जाए, तो तेल का स्वरूप बदल जाता है. आमतौर पर 100 से 120 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान पर कच्चा तेल सुरक्षित रहता है, लेकिन जैसे ही तापमान इस स्तर को पार करता है, यह तेल प्राकृतिक गैस यानी नेचुरल गैस में तब्दील होने लगता है.
6/7
यही कारण है कि जहां तेल के भंडार मिलते हैं, वहां अक्सर प्राकृतिक गैस भी साथ में पाई जाती है. कच्चे तेल को गैर-नवीकरणीय संसाधन की श्रेणी में रखा जाता है. इसका सीधा मतलब यह है कि इंसानी पैमानों पर इसे दोबारा बनाना मुमकिन नहीं है. जिस रफ्तार से दुनिया इस तेल का उपयोग कर रही है, उस रफ्तार से कुदरत इसे दोबारा पैदा नहीं कर सकती.
यही कारण है कि जहां तेल के भंडार मिलते हैं, वहां अक्सर प्राकृतिक गैस भी साथ में पाई जाती है. कच्चे तेल को गैर-नवीकरणीय संसाधन की श्रेणी में रखा जाता है. इसका सीधा मतलब यह है कि इंसानी पैमानों पर इसे दोबारा बनाना मुमकिन नहीं है. जिस रफ्तार से दुनिया इस तेल का उपयोग कर रही है, उस रफ्तार से कुदरत इसे दोबारा पैदा नहीं कर सकती.
7/7
एक बार अगर धरती के नीचे मौजूद ये तेल के कुएं खाली हो गए, तो उन्हें फिर से भरने के लिए करोड़ों साल का इंतजार करना होगा. यह खारे पानी और गैस के साथ चट्टानों के बीच फंसा होता है, जिसे निकालना एक बड़ी चुनौती होती है.
एक बार अगर धरती के नीचे मौजूद ये तेल के कुएं खाली हो गए, तो उन्हें फिर से भरने के लिए करोड़ों साल का इंतजार करना होगा. यह खारे पानी और गैस के साथ चट्टानों के बीच फंसा होता है, जिसे निकालना एक बड़ी चुनौती होती है.

जनरल नॉलेज फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

लक्ष्मी योजना का गलत फायदा उठाया, कितनी मिलेगी सजा?
लक्ष्मी योजना का गलत फायदा उठाया, कितनी मिलेगी सजा?
मुगल दौर में इश्क करने की सजा, शहजादियों के साथ क्या-क्या हुआ?
मुगल दौर में इश्क करने की सजा, शहजादियों के साथ क्या-क्या हुआ?
D कंपनी पानी कम चाय…कैसे काम करता है जापान का 'याकूजा गैंग'?
D कंपनी पानी कम चाय…कैसे काम करता है जापान का 'याकूजा गैंग'?
क्या निजी तालाब पर भी लगेगा फ्लोटिंग सोलर पैनल, क्या है सूर्य सरोवर योजना?
क्या निजी तालाब पर भी लगेगा फ्लोटिंग सोलर पैनल, क्या है सूर्य सरोवर योजना?

वीडियोज

Mahadev & Sons: Narmada ने दी बड़ी खुशखबरी, किन्नर के भेष में Mogra का बाप देगा झटका!
Bollywood News: सालों बाद आमने-सामने कंगना-ऋतिक, वायरल मीम्स पर ऋतिक के रिएक्शन से भड़कीं कंगना (02.08.26)
Ranbir Kapoor के Lord Ram रोल के सपोर्ट में Dipika Chikhlia, बोलीं- एक्टर हर किरदार निभा सकता है
Pakistan में छाया Ramayana Trailer, Ranbir Kapoor, Yash और Sai Pallavi की हो रही तारीफ
Ramayana Trailer के बाद Kangana Ranaut का पुराना Sita लुक चर्चा में, एक पोस्ट से मचा बवाल

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
इंडोनेशिया में मदुरा द्वीप के पास जहाज में लगी आग, 5 की मौत, 41 लापता
इंडोनेशिया में मदुरा द्वीप के पास जहाज में लगी आग, 5 की मौत, 41 लापता
अयोध्या: ठेला संचालक की मौत, परिजनों का पुलिस पर गंभीर आरोप
अयोध्या: ठेला संचालक की मौत, परिजनों का पुलिस पर गंभीर आरोप
IPL ट्रेड की खबरों के बीच नए लुक में दिखे हार्दिक पांड्या, GF भी थी साथ
IPL ट्रेड की खबरों के बीच नए लुक में दिखे हार्दिक पांड्या, GF भी थी साथ
Box office: अनुपमा परमेश्वरन की तेलुगु की वो फिल्म, जिसने बॉक्स ऑफिस पर कमाया था 225% प्रॉफिट
अनुपमा परमेश्वरन की तेलुगु की वो फिल्म, जिसने बॉक्स ऑफिस पर कमाया था 225% प्रॉफिट
ईरान ने US से की हमले न करने की मिन्नतें? ट्रंप के दावे पर तेहरान का जवाब
ईरान ने US से की हमले न करने की मिन्नतें? ट्रंप के दावे पर तेहरान का जवाब
'बिना समय बर्बाद किए...', कावेरी विवाद पर डीके शिवकुमार का बड़ा बयान?
'बिना समय बर्बाद किए...', कावेरी विवाद पर डीके शिवकुमार का बड़ा बयान?
राहुल गांधी पर हुई FIR तो आया TMC का रिएक्शन, कहा - 'सही काम...'
राहुल गांधी पर हुई FIR तो आया TMC का रिएक्शन, कहा - 'सही काम...'
15 हजार की EMI पर Brezza खरीदें तो कितनी डाउन पेमेंट देनी होगी? जानें हिसाब
15 हजार की EMI पर Brezza खरीदें तो कितनी डाउन पेमेंट देनी होगी? जानें हिसाब
Embed widget