'कोई दिमागी नक्सली...', PM मोदी के संबोधन पर बोले सचिन पायलट
Sachin Pilot On Pm Modi Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन पर नेताओं की प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गई हैं. इस बीच कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने प्रतिक्रिया दी है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस पर 75 मिनट का संबोधन दिया, जो पिछले चार वर्षों में उनका सबसे छोटा और अब तक का चौथा सबसे छोटा स्वतंत्रता दिवस भाषण रहा. पीएम मोदी के संबोधन पर नेताओं की प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गई हैं. इस बीच कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने प्रतिक्रिया दी है.
पीएम मोदी द्वारा 'दिमागी नक्सलियों को अलग-थलग करने की जरूरत है' वाले शब्द पर सचिन पायलट ने कहा, "अभी नए-नए शब्दों का आविष्कार हो रहा है. कोई दिमागी नक्सली है, कोई अर्बन नकस्ली है. आज के समय में जिम्मेदार व्यक्ति को इस तरीके की बाते करना शोभा नहीं देता."
उन्होंने कहा, "यह कहीं न कहीं भड़ास निकल रही है जो नौजवानों में इस सरकार के खिलाफ आक्रोश पैदा हुआ है, शायद ये उस बात का परिणाम है कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है."
सचिन पायलट ने पीएम मोदी के संबोधन पर कहा, "आप सब जानते हैं महिला आरक्षण पर दशकों से यह मुद्दा चल रहा था. कांग्रेस पार्टी की सरकार थी तब हमने समर्थन किया और सर्वसम्मति से संसद में ये बिल पास हो चुका है फिर इसको अब तक लागू क्यों नहीं किया गया है."
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महिला आरक्षण बिल पर सचिन पायलट ने घेरा
सचिन पायलट ने आगे कहा, "महिला आरक्षण के नाम पर आप राजनीतिक सिद्ध साधना चाहते हैं. एक गैर-कानूनी परिसीमन को लाना चाहते हैं. हम उसके खिलाफ हैं. महिला आरक्षण तो हमने बहुत पहले पारित कर दिया है तो फिर इंतजार किस बात का है. उसे लागू कर देना चाहिए."
उन्होंने आगे कहा, "जहां तक परिसीमन की बात है तो पहले जनगणना होती है. उसके बाद एक आयोग बनता है. आयोग की सिफारिशों के बाद परिसीमन लागू किया जाता है." पायलट ने आगे कहा, "यह अपने राजनीतिक फायदे के लिए बिल को थोपने की जो कोशिश कर रहे हैं. उसके खिलाफ पूरा देश और विपक्ष है."



















