एक्सप्लोरर

देश में ऑनलाइन कोचिंग इंडस्ट्री कितनी बड़ी, PM की घोषणा से क्या पड़ेगा फर्क?

Independence Day 2026: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए एक बड़ी घोषणा की है. आइए जानते हैं पूरी जानकारी.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • पीएम मोदी ने छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा की।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं की भारी प्रतिस्पर्धा ने कोचिंग का बोझ बढ़ाया।
  • मुफ्त कोचिंग से एडटेक और कोचिंग हब पर असर पड़ेगा।

Independence Day 2026: सरकारी नौकरियों, इंजीनियरिंग और मेडिकल सीटों और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जबरदस्त कॉम्पिटीशन की वजह से भारत का कोचिंग उद्योग एक काफी बड़ी एजुकेशन इकॉनमी बन चुका है. देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर कोचिंग के आर्थिक बोझ को कम करने के मकसद से एक बड़ी पहल की घोषणा की है. उन्होंने यह कहा कि सरकार भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और काबिल शिक्षकों को एक साथ लाकर अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग देगी. इस घोषणा के बाद भारत के कोचिंग और एडटेक उद्योग के आर्थिक ढांचे में काफी बदलाव आ सकता है. खासकर उन ऑनलाइन कोर्स के लिए जो अभी सस्ते सब्सक्रिप्शन मॉडल पर निर्भर हैं.

भारत का कोचिंग मार्केट हजारों करोड़ का है 

आंकड़ों के मुताबिक 2025-26 में भारत का कुल कोचिंग और टेस्ट तैयारी मार्केट लगभग $7.2 बिलियन, यानी करीब ₹58,400 करोड़ से ₹60,000 करोड़ का था. इस मार्केट के और बढ़ने की उम्मीद है. IMARC ग्रुप के अनुमानों के मुताबिक इसकी सालाना कंपाउंड ग्रोथ रेट 10.29% रहने की उम्मीद है. इससे 2023 तक यह उद्योग लगभग 17.8 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है. इस बड़े मार्केट में ऑनलाइन कोचिंग का हिस्सा काफी जरूरी बन गया है. ऑनलाइन कोचिंग मार्केट का अनुमान लगभग ₹4,200 करोड़ है और बताया जाता है कि यह सालाना लगभग 15.89% की दर से बढ़ रहा है.


देश में ऑनलाइन कोचिंग इंडस्ट्री कितनी बड़ी, PM की घोषणा से क्या पड़ेगा फर्क?

स्टूडेंट कोचिंग पर इतना खर्च क्यों करते हैं? 

इसके पीछे की मुख्य वजह कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सिलेक्शन रेट का काफी कम होना है. लाखों स्टूडेंट सीमित सीटों के लिए कॉम्पिटीशन करते हैं. नीट के लिए मेडिकल में मौकों के लिए 20 लाख से ज्यादा उम्मीदवार कॉम्पिटीशन करते हैं और सरकारी एमबीबीएस सीट काफी ज्यादा सीमित हैं. ठीक इसी तरह जेईई के उम्मीदवार आईआईटी की अपेक्षाकृत कम सीटों के लिए कॉम्पिटीशन करते हैं. इसी के साथ यूपीएससी में सिर्फ 1200 फाइनल सिलेक्शन के लिए लगभग 10 लाख आवेदन आते हैं.

इस कॉम्पिटीशन ने इस सोच को पैदा कर दिया है की सफलता के लिए प्रोफेशनल कोचिंग लगभग जरूरी है. टियर 2 और टियर 3 शहरों के स्टूडेंट अक्सर कोटा और दिल्ली जैसे कोचिंग हब में चले जाते हैं. ट्यूशन, रहने-सहने, खाने और दूसरी जरूरत पर उनका सालाना खर्च ₹2 लाख से ₹5 लाख तक हो जाता है. इससे मध्यम वर्गीय परिवारों पर काफी दबाव पड़ता है.

यह भी पढ़ेंः भारत ही नहीं ये देश भी 15 अगस्त को सेलिब्रेट करते हैं आजादी, देख लें लिस्ट

प्रधानमंत्री मोदी ने क्या घोषणा की? 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि सरकार कॉम्पिटिटिव एक्जाम के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का एक नेशनल नेटवर्क बनाना चाहती है. इसका मकसद छात्रों को अच्छी क्वालिटी की तैयारी का मौका देना है. भले ही वे छात्र कहीं भी रहते हों या फिर उनके परिवार कितना भी खर्च कर सकते हों. इस पहल में भारत के मौजूदा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल होने की उम्मीद है. इससे SWAYAM, DIKSHA और NTA के टेस्ट प्रैक्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे प्लेटफार्म और रिसोर्स एक साथ आ सकते हैं.

इसी के साथ प्रधानमंत्री ने 2026-27 के दौरान एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी स्किल्स देने के लिए एक बड़े प्रोग्राम की घोषणा भी की है. इस प्रोग्राम का मकसद भारत के युवा वर्कफोर्स को जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, रोबोटिक और डेटा सेंटर ऑपरेशंस जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए तैयार करना है.


देश में ऑनलाइन कोचिंग इंडस्ट्री कितनी बड़ी, PM की घोषणा से क्या पड़ेगा फर्क?

ऑनलाइन एडटेक पर पड़ेगा असर 

इसका सबसे बड़ा असर छोटे और मध्य आकर के ऑनलाइन कोचिंग प्रोवाइडर्स पर पड़ सकता है. कई प्लेटफार्म अभी एसएससी, बैंकिंग और रेलवे भर्ती जैसी परीक्षाओं के लिए रिकॉर्ड कोर्स काफी कम कीमत पर बेचते हैं, जो अक्सर ₹499 से ₹2000 तक के बीच होते हैं.

अगर सरकार मुफ्त में वैसा ही कंटेंट, टेस्ट की तैयारी और अनुभवी फैकल्टी उपलब्ध कराती है तो छात्र बेसिक रिकॉर्डेड कोर्स के लिए पैसे खर्च करने में कम दिलचस्पी दिखा सकते हैं.

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि पूरा प्राइवेट एडटेक सेक्टर खत्म हो जाएगा. कंपनियां हाइब्रिड एजुकेशन की तरफ बढ़ सकती है. इसमें मुफ्त डिजिटल लेक्चर के साथ पेड मेंटरशिप, डाउट सॉल्विंग, पर्सनलाइज्ड लर्निंग, ऑफलाइन क्लास और एडवांस्ड एसेसमेंट टूल शामिल हो सकते हैं. 

कोचिंग हब पर भी पड़ेगा असर 

इसके नतीजे ऑनलाइन एजुकेशन से आगे भी जा सकते हैं. अगर छोटे शहरों और गांव के छात्र घर बैठे अच्छी तरह से तैयारी कर सकते हैं तो कोचिंग हब में जाने की मांग धीरे-धीरे कम हो सकती है. इसका असर कोचिंग इकोसिस्टम से जुड़े व्यवसायों पर पड़ सकता है. इसमें कोटा और दिल्ली जैसे शहरों में हॉस्टल, पेइंग गेस्ट अकोमोडेशन, मेस, ट्रांसपोर्ट सर्विस और छात्रों से जुड़े दूसरे व्यवसाय शामिल हैं.

यह भी पढ़ेंः CBI की जांच में कितने आरोपी दोषी साबित होते हैं? जानें Conviction Rate

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

विमान पर गिरे बिजली तो कैसे सुरक्षित रहते हैं यात्री, कैसे काम करता है फैराडे सिद्धांत?
विमान पर गिरे बिजली तो कैसे सुरक्षित रहते हैं यात्री, कैसे काम करता है फैराडे सिद्धांत?
Rahul Gandhi Security: राहुल गांधी की सुरक्षा पर हर दिन कितना पैसा खर्च होता है, देख लीजिए हिसाब-किताब?
राहुल गांधी की सुरक्षा पर हर दिन कितना पैसा खर्च होता है, देख लीजिए हिसाब-किताब?
ज्ञानेश कुमार से पहले और कौन-से CEC रह चुके हैं विवादों में? यहां जानें
ज्ञानेश कुमार से पहले और कौन-से CEC रह चुके हैं विवादों में? यहां जानें
2006 आत्महत्या से क्यों जोड़े जा रहे ज्ञानेश कुमार के तार, क्या है मलेशिया का वह मामला?
2006 आत्महत्या से क्यों जोड़े जा रहे ज्ञानेश कुमार के तार, क्या है मलेशिया का वह मामला?
Advertisement

वीडियोज

बीवी की बेवफाई....पति का गुस्सा !
Rahul Gandhi पर पुलिस का एक्शन! हिरासत में लेकर बस में बैठाया
प्रेमानंद महाराज के यहां जाने पर मिले 5 करोड़?
विपक्ष का प्रदर्शन...कांग्रेस ने किया 'हाइजैक' ?
त्योहारों से पहले RBI का बड़ा झटका! महंगा हुआ Loan, बढ़ी Repo Rate
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
वेणुगोपाल को राहुल गांधी की हिदायत, जो MP प्रदर्शन में नहीं आए उनकी बने लिस्ट
वेणुगोपाल को राहुल गांधी की हिदायत, जो MP प्रदर्शन में नहीं आए उनकी बने लिस्ट
ध्रुव राठी ने बिहार का नाम लेकर बेंगलुरु में क्या कहा? 'करीब 65 लाख…'
ध्रुव राठी ने बिहार का नाम लेकर बेंगलुरु में क्या कहा? 'करीब 65 लाख…'
SIR के पक्ष में उतरे 42 रिटायर्ड जज, देश के नाम खुला खत लिखकर किया आगाह
SIR के पक्ष में उतरे 42 रिटायर्ड जज, देश के नाम खुला खत लिखकर किया आगाह
विकेटकीपिंग क्यों सीख रहे हैं यशस्वी जायसवाल, कप्तान ने किया खुलासा
विकेटकीपिंग क्यों सीख रहे हैं यशस्वी जायसवाल, कप्तान ने किया खुलासा
नाना पाटेकर की लव लाइफ, पत्नी से 35 साल रहे अलग, मनीषा कोइराला-आयशा झुल्का संग जुड़ा नाम
नाना पाटेकर की लव लाइफ, पत्नी से 35 साल रहे अलग, मनीषा कोइराला-आयशा झुल्का संग जुड़ा नाम
Anne Carson ने जीता साहित्य का नोबेल, प्राचीन को आधुनिकता से जोड़ने में माहिर
Anne Carson ने जीता साहित्य का नोबेल, प्राचीन को आधुनिकता से जोड़ने में माहिर
नीट पीजी काउंसलिंग की तारीखें घोषित,12 अक्टूबर से होगा रजिस्ट्रेशन
नीट पीजी काउंसलिंग की तारीखें घोषित,12 अक्टूबर से होगा रजिस्ट्रेशन
'मैं यहां सत्ता परिवर्तन...', बेंगलुरु के CJP प्रोटेस्ट में ध्रुव राठी का बड़ा बयान
'मैं यहां सत्ता परिवर्तन...', बेंगलुरु के CJP प्रोटेस्ट में ध्रुव राठी का बड़ा बयान
Embed widget