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Space Lightning: क्या अंतरिक्ष में भी कड़कती है बिजली, जानें धरती से कैसे अलग होती है यह घटना?
Space Lightning: अंतरिक्ष में ना तो बदल होते हैं और ना ही हवा. तो क्या वहां पर बिजली कड़कती है या फिर नहीं. आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.
Space Lightning: जब भी हम बिजली के बारे में सोचते हैं तो आमतौर पर काले बादल, गरज और आसमान में चमकती हुई तेज रोशनी हमें याद आती है. लेकिन अंतरिक्ष में ना तो बादल होते हैं, ना ही हवा और ना ही मौसम. तो फिर वहां पर बिजली कड़कती है या फिर नहीं. आइए जानते हैं.
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बिजली के लिए धरती पर हवा की जरूरत होती है. इसी के साथ अंतरिक्ष में प्लाज्मा की. बिजली तब बनती है जब बादलों के बीच घर्षण से वातावरण में इलेक्ट्रिक चार्ज का असंतुलन पैदा होता है. अंतरिक्ष में हवा नहीं होती इस वजह से पारंपरिक बिजली नहीं हो सकती. इसीलिए अंतरिक्ष में इलेक्ट्रिक डिसचार्ज प्लाज्मा के जरिए होता है.
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धरती पर बिजली का एक झटका एक अरब जूल तक ऊर्जा छोड़ सकता है. यह इंसानी हिसाब से काफी ज्यादा होती है. अंतरिक्ष में पल्सर या ब्लैक होल जैसी चीजों के पास होने वाली बिजली की घटनाएं अरबों गुना ज्यादा ऊर्जा छोड़ती हैं. इस वजह से उन्हें ब्रह्मांडीय बिजली या फिर मेगा डिस्चार्ज का नाम मिला है.
Published at : 26 Jan 2026 08:26 AM (IST)
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