एक्सप्लोरर

क्यों खामोश हो गई रोजा खोलने वाली सऊदी अरब की 'रमजान तोप', क्या है इसका इतिहास?

यह तोप रमजान और ईद अल-फितर की शुरुआत की घोषणा करती है, लेकिन हाल ही में इसे खामोश पाया गया, और इस खामोशी के पीछे तकनीकी बदलाव नहीं है.

यह तोप रमजान और ईद अल-फितर की शुरुआत की घोषणा करती है, लेकिन हाल ही में इसे खामोश पाया गया, और इस खामोशी के पीछे तकनीकी बदलाव नहीं है.

सऊदी अरब में रमजान के दौरान पारंपरिक रमजान तोप का चलन सदियों पुराना है. यह तोप रमजान और ईद अल-फितर की शुरुआत की घोषणा करती है, लेकिन हाल ही में इसे खामोश पाया गया, और इस खामोशी के पीछे सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं बल्कि मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताएं भी हैं. ईरान और सऊदी अरब के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. रियाद ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसके इलाके पर हमला किया गया या इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाया गया, तो वह पलटवार करेगा. ऐसे में आइए जानते हैं कि सऊदी अरब की रोजा खोलने वाली रमजान तोप का इतिहास क्या है.

1/6
रमजान तोप एक प्रकार की प्राचीन तोप है जिसे रमजान और ईद के महीनों की शुरुआत की घोषणा करने के लिए यूज किया जाता था. इस तोप के गोले बड़े ऊंचे स्थान जैसे पहाड़ या किलों से दागे जाते थे ताकि पूरे इलाके में आवाज सुनाई दे. यह एक तरह से लोगों को यह सूचित करती थी कि रोजा खोलने का समय हो गया है या ईद का महीना शुरू हो गया है.
रमजान तोप एक प्रकार की प्राचीन तोप है जिसे रमजान और ईद के महीनों की शुरुआत की घोषणा करने के लिए यूज किया जाता था. इस तोप के गोले बड़े ऊंचे स्थान जैसे पहाड़ या किलों से दागे जाते थे ताकि पूरे इलाके में आवाज सुनाई दे. यह एक तरह से लोगों को यह सूचित करती थी कि रोजा खोलने का समय हो गया है या ईद का महीना शुरू हो गया है.
2/6
सऊदी अरब में रमजान तोप का इस्तेमाल 1865 में शुरू हुआ था. उस समय द्वितीय सऊदी राज्य के इमाम फैसल बिन तुर्की बिन अब्दुल्ला ने इसे अल-धैरेन किले (जो आज का अल-मरकाब किला है) में स्थापित किया. इसका मुख्य उद्देश्य था ग्रैंड मस्जिद के आस-पास के लोगों को रोजा खोलने और रमजान के महीनों की शुरुआत की सूचना देना.
सऊदी अरब में रमजान तोप का इस्तेमाल 1865 में शुरू हुआ था. उस समय द्वितीय सऊदी राज्य के इमाम फैसल बिन तुर्की बिन अब्दुल्ला ने इसे अल-धैरेन किले (जो आज का अल-मरकाब किला है) में स्थापित किया. इसका मुख्य उद्देश्य था ग्रैंड मस्जिद के आस-पास के लोगों को रोजा खोलने और रमजान के महीनों की शुरुआत की सूचना देना.
3/6
1921 में, सऊदी अरब के संस्थापक राजा अब्दुलअजीज बिन अब्दुल रहमान अल सऊद ने शुऐब अल-दोसारी को इस तोप की देखरेख का जिम्मा सौंपा. रोजाना रमजान के महीने में 150 गोले दागे जाते थे. एक गोला इफ्तार का समय बताने के लिए, एक सुहूर के समय के लिए और दो रोजा शुरू होने के लिए, ईद पर तोप की गतिविधि खत्म होती थी और उपकरण अगले साल के लिए सुरक्षित रखे जाते थे.
1921 में, सऊदी अरब के संस्थापक राजा अब्दुलअजीज बिन अब्दुल रहमान अल सऊद ने शुऐब अल-दोसारी को इस तोप की देखरेख का जिम्मा सौंपा. रोजाना रमजान के महीने में 150 गोले दागे जाते थे. एक गोला इफ्तार का समय बताने के लिए, एक सुहूर के समय के लिए और दो रोजा शुरू होने के लिए, ईद पर तोप की गतिविधि खत्म होती थी और उपकरण अगले साल के लिए सुरक्षित रखे जाते थे.
4/6
मक्का में, जबल अल-मदाफाई नामक पर्वत से यह तोप दागी जाती थी, जो ग्रैंड मस्जिद की तरफ देखता था.  मदीना में, सेला पर्वत से ईद, रमजान और ईद-अल-अधा की घोषणाएं होती थीं. इस वजह से तोपों का काम धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व दोनों रखता था.
मक्का में, जबल अल-मदाफाई नामक पर्वत से यह तोप दागी जाती थी, जो ग्रैंड मस्जिद की तरफ देखता था. मदीना में, सेला पर्वत से ईद, रमजान और ईद-अल-अधा की घोषणाएं होती थीं. इस वजह से तोपों का काम धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व दोनों रखता था.
5/6
2014 में मक्का मुकर्रमा में ग्रैंड मस्जिद में लाउडस्पीकरों का बढ़ता यूज होने लगा. लोगों को रोजा खोलने और नमाज के समय की सूचना अब स्पीकर के माध्यम से मिलने लगी. इस वजह से मक्का में रमजान तोपों का संचालन स्थगित कर दिया गया, लेकिन 2015 में राजा सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद ने मदीना में इसे फिर से शुरू करने का आदेश दिया.
2014 में मक्का मुकर्रमा में ग्रैंड मस्जिद में लाउडस्पीकरों का बढ़ता यूज होने लगा. लोगों को रोजा खोलने और नमाज के समय की सूचना अब स्पीकर के माध्यम से मिलने लगी. इस वजह से मक्का में रमजान तोपों का संचालन स्थगित कर दिया गया, लेकिन 2015 में राजा सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद ने मदीना में इसे फिर से शुरू करने का आदेश दिया.
6/6
रमजान तोप सिर्फ एक घोषणा उपकरण नहीं बल्कि सऊदी अरब की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है. यह लोगों के लिए रोजा और इबादत की याद दिलाती है, आज भी यह परंपरा रमजान और ईद के महीनों में बड़े सम्मान और उत्साह के साथ निभाई जाती है.
रमजान तोप सिर्फ एक घोषणा उपकरण नहीं बल्कि सऊदी अरब की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है. यह लोगों के लिए रोजा और इबादत की याद दिलाती है, आज भी यह परंपरा रमजान और ईद के महीनों में बड़े सम्मान और उत्साह के साथ निभाई जाती है.

जनरल नॉलेज फोटो गैलरी

Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

कुर्सी पर तौलिया से कैसे बढ़ती है शान, क्या कहीं और ऐसा होता है?
कुर्सी पर तौलिया से कैसे बढ़ती है शान, क्या कहीं और ऐसा होता है?
Sheikh Hasina Returning To Bangladesh: अगर बांग्लादेश पहुंची शेख हसीना तो क्या होगा, उनके लिए सबसे बड़ा खतरा क्या?
अगर बांग्लादेश पहुंची शेख हसीना तो क्या होगा, उनके लिए सबसे बड़ा खतरा क्या?
यूपी में बाकी 11,331 करोड़ का ट्रैफिक चालान, जानें टॉप 5 राज्यों का हाल
यूपी में बाकी 11,331 करोड़ का ट्रैफिक चालान, जानें टॉप 5 राज्यों का हाल
500 अरब डॉलर का माल इंपोर्ट करने की मजबूरी? जानिए अमेरिका से क्या-क्या खरीदेगा भारत
500 अरब डॉलर का माल इंपोर्ट करने की मजबूरी? जानिए अमेरिका से क्या-क्या खरीदेगा भारत

वीडियोज

Sansani: अतीक अहमद के बेटे की दर्दनाक मौत
Jannat Zubair ने Elvish Yadav संग Dating Rumours पर तोड़ी चुप्पी, बताया रिश्ते का सच
Prince Narula ने Shivangi-Harshad की Bonding को बताया 'Nibba Nibbi Wala Pyaar'
Shreya Kalra की Controversies ने मचाया बवाल, फिर भी बनीं Lock Upp 2 की Winner
Dipika Kakar हुईं Emotional, Cancer Treatment के दौरान बोलीं- अभी हिम्मत नहीं हार सकती

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'युद्ध जल्द खत्म होने वाला है, वे...', ईरान को लेकर ट्रंप का चौंकाने वाला दावा
'युद्ध जल्द खत्म होने वाला है', ईरान को लेकर ट्रंप का चौंकाने वाला दावा
दिल्ली में आज भी बारिश, जगह-जगह जलभराव, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट
दिल्ली में आज भी बारिश, जगह-जगह जलभराव, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट
मत देखिए US का सपना! ट्रंप ने तोड़ा भारतीयों का दिल! 62 फीसदी गिरावट कम Visa दिए
मत देखिए US का सपना! ट्रंप ने तोड़ा भारतीयों का दिल! 62 फीसदी गिरावट कम Visa दिए
आसमान से गिरी बिजली, 24 साल के खिलाड़ी की मौत; वीडियो वायरल 
आसमान से गिरी बिजली, 24 साल के खिलाड़ी की मौत; वीडियो वायरल 
Friday OTT Releases: फ्राइडे को ओटीटी पर साउथ की 7 फिल्मों का धमाका, लिस्ट में 'लेनिन' समेत और कौन
OTT Releases: फ्राइडे को ओटीटी पर साउथ की 7 फिल्मों का धमाका, लिस्ट में 'लेनिन' समेत और कौन
AI डीपफेक पर सरकार का एक्शन, फर्जी फोटो-वीडियो पर 3 घंटे में होगी कार्रवाई
AI डीपफेक पर सरकार का एक्शन, फर्जी फोटो-वीडियो पर 3 घंटे में होगी कार्रवाई
कुर्सी पर तौलिया से कैसे बढ़ती है शान, क्या कहीं और ऐसा होता है?
कुर्सी पर तौलिया से कैसे बढ़ती है शान, क्या कहीं और ऐसा होता है?
महाराष्ट्र में MBBS-BDS काउंसलिंग का रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें पूरा शेड्यूल
महाराष्ट्र में MBBS-BDS काउंसलिंग का रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें पूरा शेड्यूल
Embed widget